अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को साफ कर दिया है कि ईरान से निपटने के बाद वे क्यूबा के मामले को देखेंगे. ट्रंप ने कहा कि यह समझौता पूरा करने के लिए अमेरिका मार्को रुबियो को भेजेगा. ट्रंप प्रशासन क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को हटाने की योजना पर काम कर रहा है. वहीं, क्यूबा के विदेश मंत्री का कहना है कि क्यूबा हमेशा अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है.
फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'ईरान से लौटते समय हम क्यूबा के मामले को देखेंगे.' उन्होंने साफ किया है कि क्यूबा के साथ इस समझौते को पूरा करने के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजा जाएगा. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने X पर पोस्ट करते हुए क्यूबा के लोगों से बदलाव लाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जो लोग क्यूबा में बदलाव चाहते हैं, उनके लिए यही सही समय है.
रुबियो ने अपने पोस्ट में कहा कि टूटे वादों, भ्रष्टाचार और कुछ चुनिंदा लोगों की ऐशो-आराम वाली जिंदगी से लोग निराश हैं. उन्होंने क्यूबा के लोगों से CIA के साथ गुप्त पार्टनरशिप करके अपनी इच्छा के मुताबिक बदलाव लाने की अपील की है.
बिना सैन्य कार्रवाई के होगा समझौता?
पिछले महीने भी ट्रंप ने क्यूबा के साथ समझौते की बात की थी. उन्होंने साफ किया था कि बहुत जल्द क्यूबा के साथ समझौता हो जाएगा और इसके लिए सैन्य कार्रवाई की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. बता दें, ट्रंप प्रशासन पहले भी कई मोर्चों पर यह कह चुका है कि उसका प्लान क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को हटाना है.
यह भी पढ़ें: ट्रंप बोले- ईरान पर फिर करेंगे हमला... बौखलाए तेहरान ने कहा तो हम समंदर में काट देंगे इंटरनेट केबल
इस साल की शुरुआत में ही अमेरिका ने क्यूबा पर तेल प्रतिबंध लगाए थे. क्यूबा में हालात ऐसे हैं कि एक तरफ वहां ईंधन की कमी है और दूसरी तरफ खराब बुनियादी ढांचे के कारण क्यूबा को बिजली कटौती का भी सामना करना पड़ रहा है.
अमेरिका 60 से ज्यादा सालों से क्यूबा पर पाबंदिया लगाता आया है. जनवरी में अमेरिकी सेना ने जब वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा उसके बाद से ही क्यूबा पर ट्रंप प्रशासन का दबाव और बढ़ गया है.
वहीं, क्यूबा के विदेश मंत्री ने पिछले महीने ही संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि क्यूबा, अमेरिका के साथ बातचीत के लिए हमेशा तैयार है.
aajtak.in