मुश्किल में फंसी महिलाओं के लिए मददगार सखी वन स्टॉप सेंटर, जानें कैसे मिलती है मदद
उत्तर प्रदेश के हर जिले में मौजूद सखी वन स्टॉप सेंटर, हिंसा से प्रभावित महिलाओं को पुलिस, मेडिकल, कानूनी, काउंसलिंग और शेल्टर की सुविधा मुफ्त में देते हैं.
हिंसा का सामना करने वाली महिला को अक्सर थाने, अस्पताल, वकील और शेल्टर के बीच भटकना पड़ता है. सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC) इसी परेशानी को खत्म करने के लिए बनाए गए, ताकि सारी मदद एक ही छत के नीचे मिल सके.
वन स्टॉप सेंटर क्या है?
OSC योजना 1 अप्रैल 2015 से लागू है और अब केंद्र के मिशन शक्ति के तहत "संबल" उप-योजना का हिस्सा है.
यह निजी और सार्वजनिक, दोनों जगहों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं की मदद करती है.
16 दिसंबर 2022 को संसद में केंद्र सरकार के जवाब के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 75 OSC हैं, यानी हर जिले में एक.
मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग: शुरुआती और आगे तक चलने वाली मदद
अस्थायी आश्रय: पांच दिन तक रहने की सुविधा, जरूरत पड़ने पर लंबे समय के लिए दूसरी जगह भेजने की व्यवस्था
सेंटर तक कैसे पहुंचें
अपने जिले के OSC में सीधे जाएं, या वुमन हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें, जो आपको नजदीकी सेंटर से जोड़ती है.
उत्तर प्रदेश में महिलाएं वीमेन पावर लाइन 1090 या आपातकालीन नंबर 112 पर भी कॉल कर सकती हैं.
मिशन शक्ति पोर्टल के OSC लोकेटर पर राज्य और जिले के हिसाब से सेंटरों की सूची मिलती है.
अब तक का रिकॉर्ड
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मार्च 2021 के लोकसभा जवाब में उत्तर प्रदेश के केंद्रों पर करीब 1.46 लाख मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई थी. यह उस तारीख तक का कुल आंकड़ा है, इसलिए अब यह संख्या इससे ज्यादा होगी,
यह क्यों मायने रखता है?
संकट में फंसी महिला के लिए सबसे बड़ी बाधा अक्सर यही होती है कि सबसे पहले कहां जाएं. हर जिले में एक जानी-पहचानी जगह होने से पहला कदम उठाना आसान हो जाता है.