'यूक्रेन युद्ध नहीं रुका तो रूस पर लगाएंगे कड़े आर्थिक प्रतिबंध', ट्रंप की पुतिन को चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी है कि अगर वह यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए राजी नहीं होते हैं, तो रूस को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना होगा.

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डोनाल्ड ट्रंप (L) ने यूक्रेन युद्ध नहीं रोकने पर व्लादिमीर पुतिन (R) को रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है. (Photo: AP) डोनाल्ड ट्रंप (L) ने यूक्रेन युद्ध नहीं रोकने पर व्लादिमीर पुतिन (R) को रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है. (Photo: AP)

aajtak.in

  • वाशिंगटन,
  • 27 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 4:35 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के साथ शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होने पर, रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्धविराम पर सहमत नहीं होते, तो वह रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबंधों और टैरिफ का सहारा लेंगे. यह बयान ट्रंप की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह यूक्रेन में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव डाल रहे हैं.

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ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'हम युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। हम आर्थिक प्रतिबंधों की बात कर रहे हैं, क्योंकि हम विश्व युद्ध में नहीं पड़ना चाहते. अगर मुझे लगता है कि हम कोई समझौता नहीं करा पा रहे हैं, तो मैं प्रतिबंध और टैरिफ जैसे कदम उठा सकता हूं.' उन्होंने रूस के तेल निर्यात पर निशाना साधते हुए भारत जैसे देशों पर पहले ही अतिरिक्त टैरिफ लगा दिए हैं, जो रूस से तेल खरीद रहे हैं.

ट्रंप ने दी सेकेंडरी टैरिफ लगाने की धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि रूस अगले कुछ हफ्तों में शांति वार्ता में प्रगति नहीं दिखाता, तो वह और सख्त कदम उठा सकते हैं, जिसमें रूस के व्यापारिक साझेदारों पर सेकेंडरी टैरिफ भी शामिल हो सकते हैं. रूस ने अब तक ट्रंप की धमकियों को नजरअंदाज किया है और यूक्रेन में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी है. रूसी अर्थव्यवस्था, जो ऑयल रेवेन्यू (दूसरे देशों को तेल बेचकर होने वाली आय) पर काफी निर्भर है, पहले से ही उच्च ब्याज दरों और वैश्विक तेल की कीमतों में गिरावट के कारण दबाव में है.

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विशेषज्ञों का कहना है कि रूस ने युद्धकालीन अर्थव्यवस्था बनाकर पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना किया है, लेकिन नए प्रतिबंध रूस के लिए आर्थिक चुनौतियां बढ़ा सकते हैं. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह शांति वार्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन रूस की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने पर वह कड़े कदम उठाने से नहीं हिचकेंगे. ट्रंप की यह नीति वैश्विक कूटनीति और व्यापार पर भी असर डाल सकती है, खासकर भारत और चीन जैसे देशों के साथ, जो रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं.

रूस-यूक्रेन के बीच 2022 से जारी है जंग

रूस द्वारा फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर शुरू किए गए आक्रमण में हजारों यूक्रेनी नागरिक मारे गए हैं. विश्लेषकों का अनुमान है कि इस युद्ध में दोनों पक्षों के 10 लाख से अधिक सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं, और यह जंग अब भी जारी है. दोनों देश एक दूसरे के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर भी हमले कर रहे हैं. इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता में देरी करने का आरोप लगाया है. 

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रूस ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को दोहराया है कि यूक्रेन दो पूर्वी क्षेत्रों में अपने नियंत्रण वाली जमीन छोड़ दे. साथ ही, रूस ने यूक्रेन के दो दक्षिणी क्षेत्रों में अपनी सेना को स्थिर करने का प्रस्ताव दिया है, जिन्हें वह पूरी तरह अपना मानता है, और संभवतः यूक्रेन के नियंत्रण वाले कुछ छोटे क्षेत्रों को वापस करने की बात कही है. हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के इस प्रस्ताव को नकार दिया है और स्पष्ट किया है कि यूक्रेन अपनी जमीन का कोई भी हिस्सा नहीं छोड़ेगा.

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