'उन्हें शर्म आनी चाहिए...' फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बयान से भड़के नेतन्याहू, बोले- उनकी मदद के बगैर भी जीतेंगे

नेतन्याहू ने अपने संदेश में कहा कि इजरायल, 'सभ्यता के दुश्मनों के खिलाफ सात मोर्चों पर खुद का बचाव कर रहा है. हम गाजा में हमास के खिलाफ लड़ रहे हैं, उन बर्बर लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं, जिन्होंने 7 अक्टूबर को हमारे लोगों की हत्या की,रेप किए, सिर कलम किया और उन्हें जला दिया.'

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इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि "सभी सभ्य देशों" को इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए, क्योंकि वह ईरान के नेतृत्व वाली "बर्बर ताकतों से लड़ रहा है.", उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इजरायल पर हथियार प्रतिबंध लगाने के आह्वान को "शर्मनाक" बताया.

 शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि "आतंक की धुरी एक साथ खड़ी है, लेकिन जो देश कथित तौर पर इस आतंकी धुरी का विरोध करते हैं, वे इजरायल पर हथियार प्रतिबंध लगाने का आह्वान कर रहे हैं."

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नेतन्याहू के इस बयान के तुंरत बाद ही मैक्रों के ऑफिस ने बयान जारी करते हुए सफाई दी और कहा कि फ्रांस इजरायल का पक्का दोस्त है और वह इजराइल की सुरक्षा का समर्थन करता है. साथ ही कहा कि अगर ईरान या उसके समर्थक इजरायल पर हमला करते हैं, तो फ्रांस हमेशा इजरायल के साथ खड़ा रहेगा.

भड़के नेतन्याहू बोले- उन्हें शर्म आनी चाहिए
नेतन्याहू ने कहा, "ऐसे समय में जब इजरायल ईरान के नेतृत्व वाली बर्बर ताकतों से लड़ रहा है, सभी सभ्य देशों को इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए. फिर भी राष्ट्रपति मैक्रों और कुछ अन्य पश्चिमी नेता अब इजरायल को हथियार देने पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. उन्हें शर्म आनी चाहिए. क्या ईरान हिज्बुल्लाह, हूती, हमास और उसके अन्य सहयोगियों पर हथियार प्रतिबंध लगा रहा है? बिल्कुल नहीं. आतंक की धुरी एक साथ खड़ी है, लेकिन जो देश कथित तौर पर इस आतंकी धुरी का विरोध करते हैं, वे इजरायल पर हथियार प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. यह कितनी शर्मनाक बात है."

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हम सात मोर्चों पर कर रहे हैं खुद का बचाव- नेतन्याहू
 नेतन्याहू ने अपने संदेश में कहा कि इजरायल, "सभ्यता के दुश्मनों के खिलाफ सात मोर्चों पर खुद का बचाव कर रहा है. हम गाजा में हमास के खिलाफ लड़ रहे हैं, उन बर्बर लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं, जिन्होंने 7 अक्टूबर को हमारे लोगों की हत्या की,रेप किए, सिर कलम किया और उन्हें जला दिया.'

नेतन्याहू ने आगे कहा, 'हम लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ रहे हैं, जो दुनिया का सबसे भारी हथियारों से लैस आतंकवादी संगठन है, जो हमारी उत्तरी सीमा पर 7 अक्टूबर से भी बड़े नरसंहार की योजना बना रहा था. इसने लगभग एक साल तक इजरायल के शहरों और कस्बों पर रॉकेट दागे हैं. हम यमन में हूतियों और इराक और सीरिया में शिया मिलिशिया के खिलाफ लड़ रहे हैं, जिन्होंने मिलकर इजरायल के खिलाफ सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं. हम Judea और सामरिया में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ रहे हैं, जो हमारे शहरों के बीचों-बीच नागरिकों की हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं. और हम ईरान के खिलाफ लड़ रहे हैं, जिसने पिछले हफ्ते इजरायल पर सीधे 200 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं और जो इजरायल के खिलाफ सात मोर्चों पर युद्ध के पीछे खड़ा है."

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'इजरायल बगैर मदद के भी जीतेगा'

नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल इन पश्चिमी देशों की मदद के साथ या बिना मदद के भी जीतेगा. उन्होंने कहा कि इजरायल तब तक नहीं रुकेगा जब तक वे लड़ाई जीत नहीं लेते. उन्होंने कहा, "ठीक है, मैं आपको यह बता दूं. इजरायल उनकी मदद या बगैर मदद के भी जीत जाएगा लेकिन युद्ध जीतने के बाद भी उनकी शर्मिंदगी लंबे समय तक जारी रहेगी. इस बर्बरता के खिलाफ खुद का बचाव करते हुए, इजरायल सभ्यताओं की रक्षा कर रहा है, उन लोगों के खिलाफ लड़ रहा है जो हम सभी पर कट्टरता का अंधकार युग थोपना चाहते हैं. निश्चिंत रहें, इजरायल हमारे लिए और पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए तब तक लड़ेगा जब तक कि हम युद्ध जीत नहीं जाते." 

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मैंक्रो ने तुरंत दी सफाई

नेतन्याहू के इस बयान पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की प्रतिक्रिया आई है. मैक्रों के दफ्तर ने बयान जारी करते हुए कहा कि "फ्रांस इजरायल का पक्का दोस्त है."  टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, मैक्रों ने इस बात पर जोर दिया कि वह इजरायल की सुरक्षा का समर्थन करते हैं. मैक्रों के कार्यालय ने कहा कि फ्रांस ने इस सप्ताह ईरान के मिसाइल हमले के दौरान अपनी सेना को लामबंद किया था जैसा कि उसने अप्रैल में किया था.

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मैक्रों ने "व्यक्तिगत रूप से ईरानी राष्ट्रपति को इजरायल की सुरक्षा के लिए फ्रांस की प्रतिबद्धता के बारे में बताया. उन्होंने दोहराया कि फ्रांस ईरान या उसके किसी भी प्रॉक्सी को इजरायल पर हमला करने की अनुमति नहीं देगा और  यदि कोई बल प्रयोग करता है,तो फ्रांस उसका सामना करेगा."

तनाव तुरंत रूकना चाहिए

साथ ही, मैक्रों ने कहा, "इस क्षेत्र में तनाव को बढ़ने से रोकना तत्काल आवश्यक है जिसमें गाजा में तत्काल युद्ध विराम भी शामिल है. हमें कूटनीतिक समाधानों पर वापस लौटना चाहिए. फ्रांस इजरायल का पक्का दोस्त है, नेतन्याहू ने कड़े शब्द शब्द इस्तेमाल किए हैं और फ्रांस तथा इजरायल की दोस्ती से असंबंधित हैं." रविवार को एक वीडियो संदेश में मैक्रों ने गाजा के साथ-साथ लेबनान में भी तत्काल युद्ध विराम का आह्वान किया.

उन्होंने कहा, "लेबनान की तरह गाजा में भी तत्काल युद्ध विराम आवश्यक है. हमें तनाव को बढ़ने से रोकना चाहिए, लोगों की रक्षा करनी चाहिए, बंधकों को मुक्त करना चाहिए और इजरायल और सभी की सुरक्षा के लिए आवश्यक राजनीतिक समाधान खोजना चाहिए." 

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मैक्रों ने पहले दिया था ये बयान
दरअसल फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इजरायल को गाजा में इस्तेमाल होने वाले हथियारों की बिक्री रोक देने की बात कही थी. फ्रांस इंटर रेडियो से बात करते हुए मैक्रों ने कहा था,  'हमारी प्राथमिकता तनाव बढ़ने से रोकना है. मुझे लगता है कि आज प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि  एक राजनीतिक समाधान ढूंढा जाए और गाजा में लड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों को रोक दिया जाए. फ्रांस कोई भी हथियार नहीं भेजता है.लेबनान दूसरा गाजा नहीं बन सकता.'

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