रूस यूक्रेन जंग के बीच अमेरिका ने शांति की कोशिशें तेज कर दी हैं. इसी सिलसिले में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेट कुशनर रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे. इससे पहले दोनों ने रूस जाकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात की थी.
अमेरिका ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन जंग को खत्म कराने की कोशिशें तेज कर दी हैं. हालांकि, यूक्रेन रूस की इस मांग को मानने से इनकार कर रहा है कि वह डोनेट्स्क और लुहान्स्क के उन इलाकों से पीछे हट जाए जो फिलहाल उसके कब्जे में है.
पिछले छह महीनों में अमेरिका की शांति पहल की रफ्तार थोड़ी थीमी हुई है, क्योंकि अमेरिका ईरान से साथ जंग में व्यस्त था. हालांकि, अब अमेरिका ने रूस यूक्रेन जंग खत्म करने की कोशिशें तेज कर दी हैं.
अमेरिका का मकसद दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को फिर से शुरू करना है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस संबंध में रविवार को कहा कि वह अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ रचनात्मक बातचीत करने के लिए तैयार है.
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में साफ कहा है कि शांति की जरूरत है. उनका कहना है कि वे युद्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं. जेलेंस्की ने कहा, "जंग के बाद एक न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति की जरूरत है. हमारे प्रस्ताव तैयार हैं."
बता दें, शनिवार को अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेट कुशनर ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी. बंद दरवाजों के पीछे तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली ये बैठक बिना किसी घोषणा के समाप्त हुई. हालांकि, पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने इसे उपयोगी बताया लेकिन बैठक का कोई खास नतीजा नहीं निकला.
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उशाकोव का कहना है कि मॉस्को ने युद्ध की स्थिति को लेकर अपना आकलन पेश किया है लेकिन बातचीत पूरी तरह से युद्ध पर केंद्रित नहीं थी.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इशारों में कह दिया है कि यूक्रेन के साथ जो हालात हैं, उससे जंग खत्म नहीं हो सकती. हालांकि अब अमेरिकी दूत यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे हैं. यहां भी वे शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिश कर सकते हैं.
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