यूक्रेन-रूस जंग खत्म करने के लिए पुतिन को मना सकते हैं मोदी, बोला अमेरिका

रूस-यूक्रेन की जंग के बीच अमेरिका ने कहा है कि पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध खत्म करने के लिए मना सकते हैं. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका किसी भी प्रयास का स्वागत करेगा, जिससे ये दुश्मनी खत्म हो.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन (फाइल फोटो) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST

रूस-यूक्रेन की जंग पिछले करीब एक साल से जारी है. इसी बीच अमेरिका ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस जंग को खत्म करने में अहम रोल निभा सकते हैं. इतना ही नहीं अमेरिका ने कहा है कि पीएम मोदी पुतिन से बात कर उन्हें जंग खत्म करने के लिए राजी कर सकते हैं. 

दरअसल, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी से जब पूछा गया कि क्या पीएम मोदी के लिए यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को रोकने या राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को समझाने में बहुत देर हो चुकी है? इसके जवाब में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका ऐसे किसी भी प्रयास का स्वागत करेगा, जिससे यूक्रेन की जंग खत्म हो सकती है.

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व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि मुझे लगता है कि युद्ध को रोकने के लिए पुतिन के पास अभी भी समय है. पीएम मोदी पुतिन को मना सकते हैं. अमेरिका किसी भी प्रयास का स्वागत करेगा, जिससे ये दुश्मनी खत्म हो. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि युद्ध आज खत्म हो सकता है... इसे आज ही खत्म हो जाना चाहिए.

जॉन किर्बी ने कहा कि यूक्रेनी लोगों के साथ जो हो रहा है, उसके लिए एकमात्र व्यक्ति व्लादिमीर पुतिन हैं और वह इसे अभी रोक सकते हैं. इसके बजाय वह क्रूज मिसाइलों को ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे पर दाग रहे है. पुतिन यूक्रेन में ऊर्जा से संसाधनों को तबाह कर देना चाहते हैं, ताकि यूक्रेन के लोग कहीं ज्यादा परेशानन हो सकें. 

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रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से कई बार बात की थी. इतना ही नहीं, उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के मौके पर पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था, “मैं जानता हूं कि आज का युग युद्ध का युग नहीं है. हमने इस मुद्दे पर आपके साथ कई बार फोन पर चर्चा की है. आज हमें इस बारे में बात करनी होगी कि हम शांति कैसे स्थापित करें. प्रगति के मार्ग को कैसे प्रशस्त करें. भारत और रूस कई दशकों तक एक-दूसरे के साथ रहे हैं.

इसके बाद अमेरिका और फ्रांस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा था कि पीएम मोदी ने समरकंद में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से जो कहा, वह पूरी तरह से सही था. अमेरिका इस बयान का स्वागत करता है. वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने UNGA में कहा था कि पीएम मोदी ने समरकंद में सही कहा था कि ये समय युद्ध का नहीं है. पश्चिम से बदला लेने का या पूर्व के खिलाफ पश्चिम का विरोध करने का नहीं है. यह हमारे जैसे संप्रभु राष्ट्रों के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने का समय है. 

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