पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने के फैसले का विरोध किया है. पार्टी ने इसे लोकतंत्र और प्रांतीय संप्रभुता पर हमला बताया है.
PTI नेताओं ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी है और हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई की मांग की है. मंगलवार को अदालत में सुनवाई के बाद PTI अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान, महासचिव सलमान अकरम राजा और पख्तूनख्वा मिली अवामी पार्टी के प्रमुख महमूद खान अचकजई ने मीडिया से बातचीत की.
इस बीच पाकिस्तान के एक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और प्रांतीय विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती को कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने के मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. अदालत ने उनसे 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है.
यह घटनाक्रम पेशावर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर किए जाने के एक सप्ताह बाद सामने आया है. इस याचिका में खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को तुरंत रिहा करने और उनके ठिकाने के बारे में जानकारी देने की मांग की गई थी. सोहेल अफरीदी को पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने लगभग 10 दिनों से हिरासत में लिया है. और उनका कोई पता नहीं चल पाता है. पाकिस्तानी एजेंसियों ने यह नहीं बताया है कि सोहेल अफरीदी को कहां रखा है और वे किस हालत में हैं.
11 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण आपातकाल लागू किया गया था. इसके तुरंत बाद, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (PTI) के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था, जिनमें अफरीदी भी शामिल थे.
जस्टिस अरशद अली और जस्टिस फराह जमशेद की खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की और प्रतिवादियों को तय समय सीमा के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.
PTI अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने कहा कि इस राजनीतिक और संवैधानिक विवाद का समाधान न्यायपालिका के जरिए होना चाहिए. PTI ने पेशावर हाई कोर्ट में संशोधित याचिका दाखिल कर प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने के फैसले को चुनौती दी है.
पार्टी का कहना है कि यह कदम संवैधानिक नियमों के खिलाफ है. PTI नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और पार्टी के सात अन्य नेताओं को रिहा करने की मांग की. इन नेताओं को आपातकाल लागू होने के बाद हिरासत में लिया गया था.
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गोहर अली खान ने क्या आरोप लगाया ?
बैरिस्टर यानी वकील गोहर अली खान, ने संघीय सरकार पर अलोकतांत्रिक तरीके से काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि PTI ने हमेशा आतंकवाद का विरोध किया है और वह आतंकवाद के खिलाफ चल रही कोशिशों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई बयान नहीं देना चाहती.
सलमान अकरम राजा ने क्या कहा?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा है. PTI महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि आपातकाल लागू करना प्रांतीय सरकार के अधिकारों और लोकतंत्र पर हमला है. उन्होंने लोगों के घरों में दखल और निजता के उल्लंघन का आरोप भी लगाया.
महमूद खान अचकजई ने क्या कहा?
वहीं, महमूद खान अचकजई ने कहा कि राजनीतिक विवादों को अदालतों के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो विवाद सड़कों तक पहुंच सकता है. उन्होंने लोगों से सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील भी की.
PTI नेताओं ने कहा कि अब केवल बातचीत की बात करने के बजाय ठोस कदम उठाने का समय है. उन्होंने सोहेल अफरीदी समेत सभी हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई पर जोर दिया.
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