इमरान खान के अस्पताल ट्रांसफर पर पाकिस्तान सरकार का यू-टर्न, SC के आदेश को देगी चुनौती

पाकिस्तान की सरकार इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करेगी. कानून मंत्री आजम नजीर तरड़ ने कहा कि जेल में इलाज को लेकर मेडिकल बोर्ड यह तय करता है कि कैदी का इलाज जेल के अंदर हो सकता है या उसे अस्पताल भेजने की जरूरत है.

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इमरान खान के अस्पताल ट्रांसफर पर पाकिस्तान सरकार ने सख्त रुख दिखाया है (File Photo: ITG) इमरान खान के अस्पताल ट्रांसफर पर पाकिस्तान सरकार ने सख्त रुख दिखाया है (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:40 AM IST

पाकिस्तान की शहबाज़ सरकार इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करेगी. सरकार ने यह फैसला जेल में इलाज से जुड़े नियमों और निजी अस्पताल में उपचार को लेकर उठ रहे कानूनी और व्यावहारिक सवालों के बीच लिया है.

पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरड़ ने कहा कि जेल में इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड फैसला करता है. मेडिकल बोर्ड यह तय करता है कि किसी कैदी का इलाज जेल के अंदर हो सकता है या उसे अस्पताल भेजने की जरूरत है.

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कानून मंत्री के मुताबिक, अगर किसी कैदी को अस्पताल में इलाज की जरूरत होती है, तो आम तौर पर सरकारी अस्पताल में उसका इलाज कराया जाता है. इसी नियम का हवाला देते हुए पाकिस्तान सरकार ने इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजे जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाया है.

सरकार के सामने मुख्य सवाल यह है कि अगर इमरान खान को निजी अस्पताल में इलाज की सुविधा दी जाती है, तो क्या यही सुविधा दूसरे कैदियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार इसी कानूनी और व्यावहारिक पहलू को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा चाहती है.

यह भी पढ़ें: इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इलाज के लिए अस्पताल किया जाएगा शिफ्ट

कानून मंत्री ने जेल कानून के तहत मेडिकल बोर्ड की भूमिका का उल्लेख किया है. उनके अनुसार, इलाज की जरूरत और उसके स्थान को लेकर फैसला मेडिकल बोर्ड करता है. वहीं, दोषी ठहराए गए कैदियों के इलाज के लिए आम तौर पर सरकारी अस्पतालों का इस्तेमाल किया जाता है.

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इमरान खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया है. पाकिस्तान सरकार अब इसी आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करने जा रही है.

सरकार का कहना है कि निजी अस्पताल में इलाज की सुविधा से जुड़े सवालों को कानूनी और व्यावहारिक स्तर पर देखा जाना जरूरी है. खास तौर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि ऐसी सुविधा दूसरे कैदियों के लिए भी लागू होगी या नहीं.

इसी वजह से पाकिस्तान की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल करने का फैसला किया है. इस याचिका के जरिए सरकार इमरान खान के अस्पताल ट्रांसफर से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार की मांग करेगी.

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