'ईरान पर हमला सबसे आसान फैसला...' UN में नेतन्याहू का भाषण, कई डिप्लोमैट्स ने किया वॉकआउट

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण की शुरुआत ईरान के खिलाफ हमलों से की. उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करने का फैसला करना उनके लिए बेहद आसान था. उनके भाषण के दौरान कई डिप्लोमैट्स ने विरोध के तौर पर हॉल छोड़ दिया. हालांकि समर्थकों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया.

Advertisement
नेतन्याहू के विरोध में डिप्लोमैट्स ने हॉल छोड़ा. (Photo- AFP) नेतन्याहू के विरोध में डिप्लोमैट्स ने हॉल छोड़ा. (Photo- AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:42 AM IST

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शामिल हुए. इस दौरान वो मंच पर अपना भाषण देने पहुंचे जहां उन्होंने अपनी बात की शुरुआत ईरान जंग से की. नेतन्याहू का भाषण शुरू होते ही बड़ी संख्या में डिप्लोमैट्स ने हॉल से वॉकआउट कर दिया. 

जब डिप्लोमैटेस हॉल से बाहर जा रहे थे, तो पीछे बैठे कुछ समर्थकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और हिब्रू भाषा में 'अम इस्रायल चाई' (इजराइल के लोग जिंदा हैं) के नारे लगाए. 

Advertisement

दरअसल नेतन्याहू के न्यूयॉर्क में आने का विरोध हो रहा है और वेस्ट बैंक की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की कड़ी आलोचना की जा रही है.

'कोई कायर अभी भी इस हॉल में बचा है, तो..'

वहीं, हॉल छोड़कर जा रहे लोगों पर तंज कसते हुए नेतन्याहू ने अपने भाषण की शुरुआत में ही कहा, 'अगर कोई दूसरा नैतिक कायर अभी भी इस हॉल में बचा है, तो प्लीज अभी बाहर चला जाए.'

अपने संबोधन की शुरुआत ही नेतन्याहू ने ईरान पर हमला बोलने से की. उन्होंने ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया कि इन हमलों ने एक बहुत बड़ी तबाही को टाल दिया है. 

नेतन्याहू ने कहा, 'ईरान के परमाणु सुविधाओं को तबाह करना बहुत मुश्किल था. लेकिन मेरे लिए ये प्रधानमंत्री के तौर पर लिए गए सबसे आसान फैसलों में से एक था, क्योंकि अगर हमने ऐसा नहीं किया होता, तो हम सब मर चुके होते.'

Advertisement

'न्यूक्लियर बम गिराने के लिए हमें प्राइवेटली थैंक्यू...'

डिप्लोमैट्स के वॉकआउट पर नेतन्याहू ने कहा, 'अब आप सबसे बड़ी अजीब बात सुनना चाहते हैं? अपना बचाव करते हुए, इजरायल उन कई देशों का भी बचाव कर रहा है जिनके डेलीगेट अभी इस हॉल से गए हैं. उनके कई लीडर तो ईरान के न्यूक्लियर बम गिराने के लिए हमें प्राइवेटली थैंक्यू भी कहते हैं. इससे ज्यादा दिमाग घुमा देने वाला दोगलापन सोचना मुश्किल है, लेकिन सच यही है.

नेतन्याहू ने इस दौरान ट्रंप का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, 'बर्बर लोगों के खिलाफ इस लड़ाई में, प्रेसिडेंट ट्रंप से बड़ा कोई साथी नहीं था. मैं उनकी बोल्ड लीडरशिप के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं. उन्होंने अमेरिका, इजरायल और दुनिया के लिए एक बहुत बड़े खतरे का हिम्मत से सामना किया. इजरायल और अमेरिका ने मिलकर काम किया, न सिर्फ खुद को बचाने के लिए, बल्कि सभ्यता को बचाने के लिए भी.'

यह भी पढ़ें: ट्रंप के 'रिस्पेक्टेड' राष्ट्रपति अल-शरा ने इजरायल पर जो कहा उससे चिढ़ जाएंगे नेतन्याहू!

अमेरिका का दौरा, पर ट्रंप से मुलाकात नहीं

नेतन्याहू न्यूयॉर्क के छोटे से दौरे पर हैं. वो यहां रात नहीं रुकेंगे और तय शेड्यूल के मुताबिक, इस दौरे पर उनकी अमेरिकी प्रशासन के किसी भी अधिकारी से मिलने का कोई प्लान नहीं है. हालांकि यूएन में भाषण से पहले नेतन्याहू ने स्लोवेनिया और ग्रीस के नेताओं से मुलाकात की थी. 

Advertisement

इसके अलावा नेतन्याहू पनामा, पराग्वे, इथियोपिया, अर्जेंटीना, बोलीविया और पापुआ न्यू गिनी के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »