इजरायल का गाजा पर फिर ड्रोन अटैक, शांति दबाव के बीच हमास के कमांडर को बनाया निशाना

शांति दबाव के बीच इजरायल ने बुधवार को गाजा में टारगेटेड ड्रोन अटैक किया. सेना का कहना है कि उसने हमास से जुड़े एक व्यक्ति को निशाना बनाने के उद्देश्य से ये कार्रवाई की है.

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इजरायल का गाजा में फिर ड्रोन अटैक. (File Photo: Reuters) इजरायल का गाजा में फिर ड्रोन अटैक. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:45 AM IST

इजरायली सेना ने बुधवार को उत्तरी गाजा में हमास कमांडर बताए जा रहे एक व्यक्ति पर टारगेटेड ड्रोन हमला किया. हालांकि, इजरायल ने अभी टारगेट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और न ही ये बताया कि वह व्यक्ति मारा गया या नहीं. इजरायली सेना ये हमला शांति प्रयासों में शामिल अधिकारियों के ऐसे हमलों को रोकने के दबाव के बावजूद किया है. वहीं, दूसरी ओर तुर्की ने गोलान हाइट्स पर इजरायल की संप्रभुता को मान्यता देने के कोलंबिया के फैसले की आलोचना की है.

इजरायली सेना ने बताया कि उसने बुधवार को उत्तरी गाजा के बेत लाहिया में हमास कमांडर बताए जा रहे एक व्यक्ति पर टारगेटेड ड्रोन हमला किया. 3 अगस्त के बाद से इजरायल द्वारा घोषित ये अपनी तरह का पहला हमला था. हालांकि, इजरायल सेना ने अभी तक टारगेट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और न ही यह बताया कि वह व्यक्ति मारा गया या नहीं.

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शांति समझौते पर बढ़ा विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा में शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने और हमलों को रोकने के समझौते की घोषणा के बाद से टारगेटेड हमलों की समीक्षा बढ़ा दी गई है. हमास ने हथियारों को सेवा से हटाने की योजना स्वीकार कर ली थी, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे खारिज करते हुए पूर्ण निशस्त्रीकरण की शर्त रखी. बोर्ड ऑफ पीस के अधिकारियों ने इजरायल से हमले रोकने की अपील की. गाजा में शिफा और नासिर अस्पतालों में चार घायलों को लाया गया, जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1 अगस्त से 45 मौतों की रिपोर्ट दी है.

तुर्की ने की कोलंबिया के फैसले की आलोचना

दूसरी ओर तुर्की ने गोलान हाइट्स पर इजरायली संप्रभुता को मान्यता देने के कोलंबिया के कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे इजरायली कब्जे को वैध बनाने का प्रयास बताया है. शुक्रवार को कंजर्वेटिव नेता एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के कुछ ही वक्त बाद ये कदम उठाया. इसके साथ ही कोलंबिया ऐसा कदम उठाने वाला दूसरा देश बन गया.

दरअसल, इजरायल ने 1967 के मिडिल ईस्ट युद्ध में गोलान हाइट्स पर कब्जा किया था और 1981 में इसका विलय कर लिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान इस क्षेत्र को इजरायल की संप्रभुता को मान्यता दी थी, उस वक्त अमेरिका ऐसा करने वाला पहला देश बना था, जिसने लंबे वक्त से चली आ रही अमेरिका की नीति को बदल दिया था. जबकि संयुक्त राष्ट्र इसे सीरिया का हिस्सा मानता है.

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कुवैत में आतंकी साजिश की नाकाम

उधर, कुवैत के गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक अज्ञात सुविधा के खिलाफ आतंकवादी साजिश को नाकाम कर दिया गया. ये कार्रवाई इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े एक कुवैती नागरिक को योजना को अंजाम देने से ठीक पहले हिरासत में लेने के बाद की गई. मंत्रालय के अनुसार, उसने हमले में इस्तेमाल के लिए विस्फोटक बनाने और ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण लिया था, लेकिन उस सुविधा की पहचान नहीं बताई.

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