'एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं भेजेंगे', असीम मुनीर के दौरे के बीच ईरान की अमेरिका को दो टूक

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए कड़ी शर्त रखी है. उसने साफ कहा है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं भेजेगा. ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से भरोसा बहाली के कदम और उसकी सभी शर्तें पूरी किए बिना बातचीत शुरू नहीं होगी.

Advertisement
ईरान दौरे पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर, अमेरिका-ईरान बातचीत में मध्यस्थता की कोशिश.( Photo- Reuters) ईरान दौरे पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर, अमेरिका-ईरान बातचीत में मध्यस्थता की कोशिश.( Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:07 AM IST

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू करने को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. ईरान ने कहा है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम का एक भी ग्राम देश से बाहर नहीं भेजेगा और अमेरिका से बातचीत तभी होगी, जब वॉशिंगटन उसकी सभी शर्तें पूरी करने के लिए कदम उठाएगा. पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की ईरान यात्रा के बीच तेहरान ने यह स्पष्ट संदेश दिया है.

Advertisement

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'संवर्धित यूरेनियम का एक भी ग्राम ईरान से बाहर नहीं भेजा जाएगा. अमेरिका विश्वास बहाली के लिए कदम उठाए बिना बातचीत नहीं होगी. यह प्रक्रिया ईरान की सभी शर्तों को पूरी तरह पूरा करने से शुरू होनी चाहिए.' रेजाई ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ बैठक के दौरान भी तेहरान का यही रुख दोहराया. असीम मुनीर मध्यस्थता के प्रयासों के तहत ईरान के दौरे पर हैं.

ईरानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार को राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने तेहरान में असीम मुनीर के साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और मध्यस्थता के प्रयासों पर चर्चा की. नूरन्यूज के अनुसार, मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ से भी मुलाकात की.

अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान की शर्तें

Advertisement

कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका ईरान का भरोसा तब तक हासिल नहीं कर सकता, जब तक वह पिछले महीने ईरान की ओर से रखी गई सात शर्तों को पूरा नहीं करता. ये शर्तें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने से जुड़ी हैं. इनमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी खत्म करना, ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटाना और क्षेत्र के सभी मोर्चों पर दुश्मनी रोकना शामिल है.

रेजाई ने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के रुख के मुताबिक, हथियार बनाने के स्तर के करीब पहुंच चुके यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा.

परमाणु कार्यक्रम बना अहम मुद्दा

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद अमेरिका के साथ किसी संभावित समझौते में बड़ी रुकावट बना हुआ है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ईरान को अमेरिका की मांग पूरी करने और दोनों देशों के बीच आठ महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता में 'महत्वपूर्ण' कमी करनी होगी.

अमेरिका, इजरायल और अन्य पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाते रहे हैं. इसकी वजह ईरान का यूरेनियम संवर्धन 60 प्रतिशत तक करना है. यह स्तर आम नागरिक परमाणु इस्तेमाल के लिए जरूरी स्तर से काफी ज्यादा है और करीब 90 प्रतिशत हथियार-ग्रेड यूरेनियम के स्तर के करीब है. हालांकि, ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश से इनकार करता है.

Advertisement

पाकिस्तान कर रहा मध्यस्थता की कोशिश

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के तौर पर अहम भूमिका निभा रहा है. इससे पहले पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों से जून में अंतरिम शांति समझौता हुआ था, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई फिर शुरू होने से यह समझौता टूट गया. असीम मुनीर की ईरान यात्रा दोनों देशों के बीच मतभेद कम करने की लगातार कोशिशों के बीच हो रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »