'नेतन्याहू ने ही रची Flydubai विमान की साजिश', ट्रंप की धमकी के बाद आया ईरान का बयान

ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इजरायल जा रही फ्लाइडुबई उड़ान की घटना नेतन्याहू और यूएई राष्ट्रपति बिन जायद की रची साजिश हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक मकसद 7 अक्टूबर विवाद से ध्यान हटाना, चुनाव से पहले नेतन्याहू की स्थिति मजबूत करना और ईरान से नए टकराव का बहाना बनाना था.

Advertisement
फ्लाईदुबई विमान ने सऊदी में लैंड किया था. (Image: AP) फ्लाईदुबई विमान ने सऊदी में लैंड किया था. (Image: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:12 AM IST

Flydubai विमान में हुए हमले को लेकर ईरान की तरफ से बड़ा आरोप लगाया गया है. ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने दावा किया है कि इस पूरी घटना के पीछे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की कथित साजिश हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया कि इस कथित प्लॉट का मकसद नेतन्याहू पर 7 अक्टूबर के हमास हमले को लेकर बढ़ते सवालों से ध्यान हटाना, 27 अक्टूबर के इजरायली चुनाव से पहले उनकी स्थिति मजबूत करना और ईरान के खिलाफ नई कार्रवाई का बहाना तैयार करना हो सकता है.

Advertisement

यह आरोप ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर Flydubai विमान के को-पायलट और ईरान के बीच कोई संबंध सामने आता है तो ईरान पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस मामले की जांच कर रहा है और उन्हें मिल रही जानकारी के आधार पर ईरान की भूमिका हो सकती है. हालांकि, उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.

यह भी पढ़ें: 'हमलावर को-पायलट के तार ईरान से जुड़े होने के संकेत, जांच जारी!', फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

क्या है Flydubai विमान का मामला?

UAE से तेल अवीव जा रही Flydubai फ्लाइट में ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर चाकू से हमला किया. इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा. विमान में मौजूद यात्रियों और दूसरे क्रू मेंबर्स ने कॉकपिट में पहुंचकर को-पायलट को काबू किया और विमान को स्थिर करने में मदद की. इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.

Advertisement

विमान में 182 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक थे. भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर भी इस हमले में घायल हुए और बाद में अबू धाबी में उनका इलाज हुआ. जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल आतंकवाद से लेकर दूसरे संभावित कारणों तक सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

जांच में इजरायल भी शामिल

इजरायली खुफिया और सुरक्षा अधिकारी सऊदी अरब में जांच में मदद कर रहे हैं. इजरायल ने को-पायलट को पूछताछ के लिए अपने देश भेजने का अनुरोध भी किया है. UAE ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है और कहा है कि वह यह पता लगाएगा कि हमले का किसी आतंकी मकसद से संबंध था या नहीं.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया है कि ओमानी को-पायलट को इस्लामिस्ट कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्हें यह जानकारी कैसे मिली, तो उनके कार्यालय ने इस पर टिप्पणी नहीं की. ईरान की भूमिका को लेकर नेतन्याहू ने भी कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी.

यह भी पढ़ें: ब्रिटिश एयरबेस पर साजिश का पर्दाफाश... RAF फेयरफोर्ड के पास दोहरे ब्रिटिश-ईरानी नागरिक गिरफ्तार, विदेशी हाथ का शक!

कॉकपिट से भेजे गए थे इमरजेंसी कोड

Flightradar24 के मुताबिक, विमान के कॉकपिट से दो इमरजेंसी कोड भेजे गए थे. पहले 7700 का इस्तेमाल हुआ, जो सामान्य इमरजेंसी सिग्नल है. इसके बाद 7500 कोड भेजा गया, जो विमान में गैरकानूनी दखल या संभावित हाईजैकिंग का संकेत देता है. रिपोर्ट के मुताबिक, विमान करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई से लगभग एक मिनट में 17 हजार फीट तक नीचे आ गया था. इसके बाद विमान ने सऊदी-जॉर्डन सीमा के पास एक अजीब चक्कर लगाया और तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की गई.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »