भारत-यूएस के सैन्य अभ्यास से चिढ़े चीन ने छोड़ी मिसाइल, जानिए इसकी ताकत और रेंज

भारत-अमेरिका के मिलिट्री ड्रिल से चिढ़े चीन ने शिनजियांग इलाके में अपनी मिसाइल का हाई एल्टीट्यूट टेस्ट किया है. माना जाता है कि चीन का ये मिसाइल सिस्टम बेहद आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है. ये अत्यधिक सटीक भी है. आइए जानते हैं कि चीन के एयर डिफेंस सिस्टम में क्या खास है.

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ये है चीन का HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम, जिसका परीक्षण 14,760 फीट की ऊंचाई पर किया गया. (फोटोः ट्विटर/SCMP) ये है चीन का HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम, जिसका परीक्षण 14,760 फीट की ऊंचाई पर किया गया. (फोटोः ट्विटर/SCMP)

aajtak.in

  • बीजिंग,
  • 18 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

चीन चिढ़ा हुआ है. भारत और अमेरिका के संयुक्त मिलिट्री अभ्यास से. हाल ही में वज्र प्रहार नाम का मिलिट्री ड्रिल भारत और अमेरिका के स्पेशल फोर्सेस ने किया. अक्टूबर में फिर दोनों देश चीन की सीमा के आसपास सैन्य अभ्यास कर सकते हैं. इसलिए चीन के शिनजियांग मिलिट्री कमांड ने अपनी मिसाइल का हाई एल्टीट्यूड टेस्ट किया है. 

चीन ने जिस मिसाइल सिस्टम का परीक्षण किया है, उसका नाम है HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम. यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है. चीन के सरकारी मीडिया संस्थान CCTV ने इसके परीक्षण का वीडियो बनाया. जिसमें एक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाके पर इस एयर डिफेंस सिस्टम से मिसाइल छोड़ी जा रही है. 

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ये है चीन का वो टारगेट प्लेन जिसे उड़ाकर उसके ऊपर मिसाइल से टारगेट किया गया. (वीडियो ग्रैबः ट्विटर/SCMP)

रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि जो वीडियो फुटेज सामने आया है, उसे देखकर लगता है कि चीन ने HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम का परीक्षण किया है. यह एक ही गाड़ी पर सेट होने वाला सिस्टम है. आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है. यह बेहद सटीक है. एक रक्षा एक्सपर्ट ने कहा कि चीन ने भारत से चल रहे सीमा विवाद को लेकर यह मिसाइल दागी है. 

सोमवार यानी 15 अगस्त 2022 को यह परीक्षण किया गया था. जहां यह मिसाइल दागी गई है, वह जगह 14,760 फीट की ऊंचाई पर है. मिसाइल ने आसमान में उड़ रहे टारगेट प्लेन को सटीकता के साथ निशाना बनाया. वह भी अपने पहले ही वार में. रिपोर्ट में बताया गया है कि टारगेट प्लेन ने काफी ज्यादा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डिस्टर्बेंस पैदा की थी, इसके बावजूद दूसरी मिसाइल ने भी टारगेट को सटीकता से हिट किया. 

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चीन की सेना के टैंक्स पहले शिनजियांग मिलिट्री कमांड के ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंचे. फिर परीक्षण किया गया. (वीडियो ग्रैबः ट्विटर/SCMP)

चीनी सेना से रिटायर्ड कर्नल यू गैंग ने बताया कि HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम में कम दूरी की मिसाइले हैं. इन्हें शिनजियांग मिलिट्री कमांड ने पिछले साल मई में शामिल किया था. इस मिसाइल सिस्टम को पहली बार चीन 1 अक्टूबर 2019 को अपने नेशनल डे मिलिट्री परेड में बीजिंग में दिखाया था. यू ने बताया कि HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम एक साथ कई टारगेट को इंटरसेप्ट कर सकता है. चाहे वह फाइटर जेट हों, हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें हों या फिर क्रूज मिसाइल हों. 

टैंक्स के बाद बख्तरबंद गाड़ियों में चीनी सेना के जवान भी पहुंचे. (वीडियो ग्रैबः ट्विटर/SCMP)

चीन ने HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम का नया वर्जन भी बना लिया है. जिसका नाम है - HQ-17AE एयर डिफेंस सिस्टम. चीन इस सिस्टम को एक्सपोर्ट करने के लिए भी तैयार कर चुका है. यू गैंग ने कहा कि चीन के इस मिसाइल परीक्षण से उसकी चिंता साफ झलकती है. क्योंकि भारत और अमेरिका उसकी सीमा के पास अक्टूबर में मिलिट्री अभ्यास करने जा रहे हैं. भारतीय सेना ने इसकी पुष्टि भी की थी कि वह LAC से 100 किमी के अंदर सैन्य अभ्यास करेगा. 

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यू गैंग ने कहा कि भारतीय सेना की यह घोषणा ऐसे समय आई है जब चीन और ताइवान के बीच चल रहे तनाव में अमेरिका भी कूद गया है. इसलिए चीन अब बेहद सटीक हमला करने वाले हथियारों का परीक्षण अपने ऊंचाई वाले इलाकों में कर रहा है. चीन किसी भी समय युद्ध के लिए तैयार रहता है. वह भारत-अमेरिका ही नहीं, दुनिया के किसी भी देश से नहीं डरता.  

एक ही ट्रक पर राडार सिस्टम और मिसाइल सिस्टम तैनात हो जाता है, यही खासियत है HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम की. (फोटोः CASIC)

HQ-17A एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइलों का वजन करीब 165 किलोग्राम होता है. ये 2.9 मीटर लंबी और 0.23 मीटर व्यास की होती हैं. इनके ऊपर 15 किलोग्राम का HE-FRAG हथियार लगा होता है. सॉलिड फ्यूल पर चलने वाली ये मिसाइलें 1.5 किलोमीटर से 15 किलोमीटर की रेंज तक मार कर सकती हैं. ये मिसाइलें अधिकतम 10 मीटर से 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है. इनकी गति मैक-3 यानी 3704.4 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है. 

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