ताइवान (Taiwan) पूर्वी एशिया में स्थित एक द्वीपीय देश है, जो पश्चिमी प्रशांत महासागर में चीन के तट से लगभग 180 किलोमीटर दूर स्थित है. इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 36,000 वर्ग किलोमीटर है. इसकी राजधानी ताइपेई है. इसके दक्षिण चीन सागर के जंक्शन पर, पीपुल्स रिपब्लिक के साथ उत्तर पश्चिम में चीन (PRC), उत्तर पूर्व में जापान और दक्षिण में फिलीपींस है. ROC द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में 168 द्वीप शामिल हैं (Taiwan, ROC under controlled Area).
ताइवान का मुख्य द्वीप, जिसे पहले फॉर्मोसा (Formosa Island) के नाम से जाना जाता था, पूर्वी दो-तिहाई में पर्वत श्रृंखलाओं और पश्चिमी तीसरे में मैदानी इलाकों तक फैला हुआ है. यहां इसकी शहरी आबादी केंद्रित है. अन्य प्रमुख शहरों में काऊशुंग, ताइचुंग, ताइनान और ताओयुआन शामिल हैं (Taiwan Cities). 23.2 मिलियन निवासियों के साथ, ताइवान दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले देशों में से एक है (Taiwan Population).
ताइवान का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है. यह द्वीप मूल रूप से स्वदेशी जनजातियों का निवास स्थान था. 17वीं शताब्दी में डच और स्पेनिश उपनिवेशवादियों ने इस पर अधिकार जमाने की कोशिश की, लेकिन बाद में यह चीन के किंग राजवंश के नियंत्रण में आ गया.
1895 में, चीन-जापान युद्ध के बाद, ताइवान जापान के अधीन चला गया और 1945 तक जापान के शासन में रहा. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह फिर से चीन के नियंत्रण में आया, लेकिन 1949 में चीनी गृहयुद्ध के दौरान चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने मुख्य भूमि चीन पर कब्जा कर लिया, जबकि पराजित च्यांग काई-शेक की कुओमिनटांग (KMT) सरकार ताइवान में शरण लेकर वहां अपनी सरकार स्थापित कर ली.
ताइवान की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है. यह इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, और जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अग्रणी है.
ताइवान की संस्कृति चीनी, जापानी, और स्वदेशी परंपराओं का अनूठा मिश्रण है. यहां चीनी त्योहार जैसे चंद्र नववर्ष, ड्रैगन बोट फेस्टिवल, और मिड-ऑटम फेस्टिवल धूमधाम से मनाए जाते हैं.
आज ताइवान वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक शक्ति बन चुका है. हालांकि, चीन के साथ इसके संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं, और वैश्विक मंच पर इसे पूर्ण मान्यता दिलाने की कोशिशें जारी हैं.
चीन अपने परमाणु मिसाइल साइलो के पास विशाल लॉन्च पैड, बंकर और कम्युनिकेशन नेटवर्क बना रहा है. यह दूसरी स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करने की बड़ी तैयारी है, ताकि अमेरिका के हमले के बाद जवाबी हमला किया जा सके.
Taiwan Child Investment Account Scheme: ताइवान में घटती जन्मदर सरकार के लिए चिंता का सबब बनी हुई है और इसपर लगाम लगाने के लिए अब राष्ट्रपति ने 6-18 साल के बच्चों के लिए इन्वेस्टमेंट अकाउंट स्कीम का ऐलान किया है.
Taiwan Stock Market भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाजार बन गया, तो वहीं साउथ कोरिया भी टक्कर देता नजर आ रहा है. इसके पीछे सबसे बड़ा रोल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का देखने को मिला है.
Taiwan Market Bigger Than India: ताइवान भले ही आबादी और आकार में भारत से बहुत ज्यादा छोटा है, लेकिन वहां का शेयर बाजार अब भारत से बड़ा हो गया है. 4.95 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू के साथ ये दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बन गया है.
अमेरिका ने स्पष्ट किया कि ताइवान को 14 अरब डॉलर के हथियार पैकेज की बिक्री ईरान युद्ध से जुड़ी हुई नहीं है. यह प्रक्रिया सालों से चल रही है. चीन का पुरजोर विरोध जारी है.
अमेरिका और ताइवान के बीच प्रस्तावित हथियार सौदे को लेकर नई चर्चा तेज हो गई है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान युद्ध की वजह से ताइवान को हथियार सप्लाई में देरी हो रही है, लेकिन सूत्रों ने इसे खारिज कर दिया है. बताया गया है कि हथियार बिक्री की प्रक्रिया कई सालों से चल रही है और इसका ईरान संकट से सीधा संबंध नहीं है. इस मुद्दे ने अमेरिका-चीन संबंधों और एशिया की सुरक्षा राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है.
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक पर एक व्यंग्यात्मक एनिमेटेड वीडियो 'ओडा शो' जारी किया है. वीडियो में ट्रंप को चीन के पारंपरिक कपड़ों में दिखाया गया है, जो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए चीन से मदद मांगते हैं.
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने चीन और अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि ताइवान एक आजाद देश है और वह चीन के अधीन या उसका गुलाम नहीं है. यह बयान डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की बीजिंग मुलाकात के बाद आया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ताइवान को चेतावनी देते हुए कहा कि वो चीन से अलग होकर औपचारिक रूप से आज़ादी का ऐलान ना करे..फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि ताइवान चीन से अलग होकर आजादी ले और हमें 9 हजार 500 मील दूर जाकर लड़ना पड़े. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की सैन्य ताकत और ताइवान की भौगोलिक स्थिति के चलते ताइवान को अमेरिका के लिए जटिल समस्या बताया.
आख़िर ताइवान चीन का हिस्सा है या एक आज़ाद देश? और इस छोटे से द्वीप पर क्यों आमने-सामने हैं दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतें—अमेरिका और चीन?अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ताइवान के मामले में दखल बढ़ाया तो दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
चीन दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की खुलकर तारीफ कर दुनिया को चौंका दिया. बीजिंग में हुई अहम बैठक के दौरान ट्रंप ने जिनपिंग को महान नेता और दोस्त बताया. हालांकि दोनों देशों के बीच ताइवान, व्यापार युद्ध और वैश्विक तनाव जैसे बड़े मुद्दों पर मतभेद अब भी कायम हैं. विशेषज्ञ इसे कूटनीतिक रणनीति मान रहे हैं, जिसके जरिए दोनों देश अपने हितों को साधने की कोशिश कर रहे हैं
अमेरिका चीन के साथ लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है. लंबी दूरी की मिसाइलों, एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन्स की भारी कमी है. ईरान युद्ध में गोला-बारूद खत्म होने से समस्या बढ़ गई है.
अमेरिका और चीन के बीच संभावित युद्ध को लेकर वैश्विक चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध के बाद अमेरिका के मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम का बड़ा स्टॉक कमजोर हुआ है. वहीं चीन तेजी से अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है और ताइवान को लेकर आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है. ऐसे में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ता तनाव आने वाले समय में दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है
चीन और अमेरिका के बीच रिश्तों में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. बीजिंग में हुई अहम बैठक के दौरान ताइवान मुद्दे पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ चेतावनी दे दी. चीन ने ताइवान को अपनी ‘लाल रेखा’ बताते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की दखलअंदाजी दोनों देशों के बीच बड़े टकराव की वजह बन सकती है। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है
बीजिंग में हुई हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहले अमेरिका के साथ साझेदारी और सहयोग की बात की, लेकिन बाद में ताइवान मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप को सख्त चेतावनी भी दे दी. जिनपिंग ने साफ कहा कि अगर ताइवान मामले को ठीक से नहीं संभाला गया तो चीन और अमेरिका के बीच संघर्ष तक की नौबत आ सकती है.
US-China Relations को लेकर Beijing में हुई Xi Jinping और Donald Trump की अहम बैठक में दोस्ती और तनाव दोनों देखने को मिले. शुरुआत सहयोग और partnership की बातों से हुई, लेकिन Taiwan issue आते ही Jinping का रुख बेहद सख्त हो गया. चीन ने साफ कहा कि Taiwan सबसे संवेदनशील मुद्दा है और इसे गलत तरीके से संभालने पर टकराव बढ़ सकता है. वहीं दोनों देशों ने trade relations और global stability पर मिलकर काम करने पर भी जोर दिया.
होर्मुज की तरह अगर दुनिया के 10 बड़े चोक पॉइंट- मलक्का, स्वेज, पनामा, जिब्राल्टर और बाकी सब टोल वसूलने लगें तो 80% ग्लोबल समुद्री व्यापार टोल का जाल बन जाएगा. जहाजों की लागत 2-5 गुना बढ़ेगी, महंगाई का तूफान आ जाएगा. भारत जैसे देशों में पेट्रोल ₹300/लीटर और दाल ₹200/किलो हो सकता है. देशों के बीच झगड़े, युद्ध का खतरा और पर्यावरणीय नुकसान बढ़ जाएगा.
बीजिंग में हुई यह मुलाकात चीन-ताइवान संबंधों में संवाद की संभावनाओं को रेखांकित करती है. जहां चीन एकीकरण पर जोर दे रहा है, वहीं ताइवान की आंतरिक राजनीति और अमेरिका की भूमिका इस मुद्दे को और जटिल बनाती है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ताइवान की विपक्षी नेता चेंग ली-वुन की मुलाकात ने नई बहस छेड़ दी है. क्या चीन अब बिना जंग के ताइवान को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है? इस कूटनीतिक चाल ने एशिया की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है.
जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इमरजेंसी अलर्ट जारी कर बताया कि उत्तर कोरिया ने एक बैलिस्टिक मिसाइल दाग दी है. जापान सरकार ने पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दी है. अभी तक कोई नुकसान होने की खबर नहीं है. सुरक्षा एजेंसियां मिसाइल की दिशा और गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं.