क्रूज मिसाइल
एक क्रूज मिसाइल (Cruise Missiles) एक निर्देशित मिसाइल (Guided Missile) है जिसका उपयोग स्थलीय लक्ष्यों के खिलाफ किया जाता है. यह मिसाइल वायुमंडल में रहता है और अपने उड़ान के बड़े हिस्से को लगभग स्थिर गति से उड़ाता है.
क्रूज मिसाइलों को उच्च परिशुद्धता (High Precision) के साथ लंबी दूरी पर एक बड़ा वारहेड पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है. आधुनिक क्रूज मिसाइलें उच्च सबसोनिक, सुपरसोनिक या हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरने में सक्षम हैं (Speed of a Cruise Missiles). इसमें सेल्फ-नेविगेटिंग है. नॉन-बैलिस्टिक, बेहद कम ऊंचाई वाले trajectory पर उड़ान भरने में भी सक्षम है.
भारत के पास ब्रह्मोस, ब्रह्मोस-ए और निर्भय जैसे क्रूज मिसाइल हैं (Indian Cruise Missiles).
नॉर्थ कोरिया ने 4 नवंबर को नया एयर-डिफेंस मिसाइल सिस्टम और क्रूज मिसाइल ड्रिल टेस्ट किया. सरकारी मीडिया KCNA ने कहा कि इससे तकनीकी क्षमता और लक्ष्य ट्रैकिंग की पुष्टि हुई. यह महीने का चौथा लॉन्च है.
ईरान की IRGC ने फारस की खाड़ी और ओमान सागर के पास अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों के वीडियो जारी किए हैं. इनमें क्रूज मिसाइलें, बैलिस्टिक सिस्टम और सैन्य नौकाएं दिखाई गई हैं. इसका उद्देश्य सैन्य तैयारी और प्रतिरोधक क्षमता प्रदर्शित करना है.
केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई का खतरा बढ़ गया है. बहरीन, कुवैत, कतर, इराक और जॉर्डन जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकती है.
जापान भारत के मिसाइल रेंजों का उपयोग लंबी दूरी के हथियारों, टाइप-25 एंटी-शिप मिसाइल और छोटे हमलावर ड्रोन के परीक्षण के लिए करना चाहता है. जापान के पास इतने बड़े रेंज वाला इलाका नहीं है.
ब्रह्मोस-2 रूसी जिरकॉन मिसाइल पर आधारित हाइपरसोनिक वर्जन हो सकता है. 7408 km/hr से अधिक गति हो सकती है. रूसी स्क्रैमजेट और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स का मेल हो सकता है.
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे पर बार-बार हमले कर अपनी बढ़ती सैन्य ताकत दिखाई है. सऊदी अरब बेहतर हथियारों के बावजूद जवाब देने में संघर्ष कर रहा है.
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष एक बार फिर चर्चा में आ गया है. यमन में शुरू हुई इस लड़ाई में ईरान की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं. वीडियो में जानिए सऊदी-हूती संघर्ष की शुरुआत, ईरान से संबंध और इसके क्षेत्रीय व वैश्विक असर की पूरी कहानी.
पाकिस्तान ने मंगलवार को फतह-IV ग्राउंड-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल के एक्सटेंडेड रेंज वर्जन का सफल टेस्ट फायर किया. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, यह मिसाइल लंबी दूरी के टारगेट को ज्यादा सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है, लेकिन इसकी वास्तविक रेंज या क्षमता के बारे में जानकारी नहीं दी गई.
रक्षा मंत्रालय ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ 661.50 करोड़ का डील किया है. नौसेना के युद्धपोतों के लिए फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर खरीदें जाएंगे. 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होगा.
आईजी डिफेंस ने ज्वाला माइक्रो-मिसाइल के दो सॉलिड रॉकेट मोटर्स का सफल परीक्षण किया. यह स्वदेशी काउंटर-ड्रोन क्षमता की दिशा में बड़ा कदम है. सस्ती और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल योग्य मिसाइल विकसित हो रही है.
दुनिया की टॉप 10 हाइपरसोनिक मिसाइलों की लिस्ट में चीन का डीएफ-17 सबसे ऊपर है. रूस के जिरकॉन-किंझल, अमेरिका के ARRW-CPS, भारत का ब्रह्मोस-2 शामिल है. गति, रेंज और स्टील्थ क्षमता आधुनिक युद्ध को बदल रही है.
अमेरिका का नया मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस टेड स्टीवंस अलास्का पहुंच गया है. 96 वर्टिकल लॉन्च सेल और SPY-6 रडार से लैस यह युद्धपोत ऐसे समय आया है, जब आर्कटिक और बेरिंग स्ट्रेट में अमेरिका-रूस की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.
अमेरिकी सेना अब असल युद्ध में लेजर से ड्रोन मार गिरा रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के खिलाफ सस्ते लेजर सिस्टम इस्तेमाल हो रहे हैं. दक्षिणी सीमा पर भी परीक्षण चल रहा है.
बलूचिस्तान के आसमान में चमकीली वस्तु दिखाई पड़ी है. इसे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च माना जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में हाइपरसोनिक परीक्षण और री-एंट्री व्हीकल का भी जिक्र है. 23 सितंबर का अघोषित परीक्षण फेल होने का शक है.
रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर ओनिक्स-एम, जिरकॉन, इस्कंदर-एम समेत मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया. कीव, द्निप्रो समेत 10 क्षेत्रों में असर हुआ है. यूक्रेन ने ज्यादातर खतरे रोके लेकिन नुकसान हुआ है.
हूती विद्रोहियों को मुख्य हथियार ईरान से मिलते हैं. हिज्बुल्लाह ट्रेनिंग और तकनीकी मदद देता है. हमास से सीधा बड़ा हथियार ट्रांसफर नहीं होता. ये हथियार समुद्री और जमीनी रास्तों से तस्करी होकर आते हैं.
रूस के नए जेट-पावर्ड गेरान-4 और गेरान-5 ड्रोन 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और 1000 किमी रेंज के साथ यूक्रेन की वायु रक्षा को चुनौती दे रहे हैं. इंटरसेप्शन दर घटकर 60% रह गई है.
सऊदी अरब 2015 से यमन सरकार का समर्थन कर हूतियों के खिलाफ लड़ रहा है. दोनों पक्षों में सैनिकों, टैंकों, मिसाइलों और जेट्स की भारी असमानता है. हूती ड्रोन-मिसाइल पर निर्भर है. सऊदी आधुनिक हवाई ताकत वाला है.
प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम के पीएम ली मिन हंग से मुलाकात में ब्रह्मोस मिसाइल डील को जोर मिलने की उम्मीद है. वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशिया का तीसरा देश बनेगा. फिलीपींस और इंडोनेशिया पहले खरीद चुके हैं.
ब्रिक्स समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे पर हैं. मोदी-पुतिन मुलाकात में S-400 की बची डिलीवरी, अतिरिक्त बैटरियां, ब्रह्मोस-एनजी अपग्रेड, Su-30MKI का सुपर सुखोई अपग्रेड और Su-57E पर चर्चा संभव है.
पाकिस्तान ने हूतियों के खिलाफ कोई सीधा सैन्य हमला नहीं शुरू किया है. मक्का रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब पर हूती हमलों के जवाब में पाकिस्तान डिफेंसिव मिलिट्री मिशन या स्ट्रैटेजिक मदद देने के लिए बाध्य हो सकता है.