क्रूज मिसाइल
एक क्रूज मिसाइल (Cruise Missiles) एक निर्देशित मिसाइल (Guided Missile) है जिसका उपयोग स्थलीय लक्ष्यों के खिलाफ किया जाता है. यह मिसाइल वायुमंडल में रहता है और अपने उड़ान के बड़े हिस्से को लगभग स्थिर गति से उड़ाता है.
क्रूज मिसाइलों को उच्च परिशुद्धता (High Precision) के साथ लंबी दूरी पर एक बड़ा वारहेड पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है. आधुनिक क्रूज मिसाइलें उच्च सबसोनिक, सुपरसोनिक या हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरने में सक्षम हैं (Speed of a Cruise Missiles). इसमें सेल्फ-नेविगेटिंग है. नॉन-बैलिस्टिक, बेहद कम ऊंचाई वाले trajectory पर उड़ान भरने में भी सक्षम है.
भारत के पास ब्रह्मोस, ब्रह्मोस-ए और निर्भय जैसे क्रूज मिसाइल हैं (Indian Cruise Missiles).
DRDO ने ओडिशा तट से लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल कुशा का सफल उड़ान परीक्षण किया. भारत अब लंबी दूरी की एयर डिफेंस मिसाइल विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल है.
एक ब्रह्मोस मिसाइल की कीमत 30-40 करोड़ रुपये है. इंडोनेशिया के साथ यह सौदा रक्षा निर्यात बढ़ाने, समुद्री चोक पॉइंट्स को सुरक्षित करने और दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए जरूरी है.
रूस ने यूक्रेन पर 29 हाई-स्पीड मिसाइलें दागीं, जिनको एयर डिफेंस सिस्टम रोक नहीं पाया. कीव में हमलों में 11 लोग मारे गए हैं. यूक्रेन में इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी है, जिसका रूस फायदा उठा रहा है.
रूस की एक नई मिसाइल यूक्रेन में लगे विदेशी डिफेंस सिस्टम को खूब धोखा दे रही है. क्योंकि रूस ने इसमें अमेरिका और यूरोप समेत कई देशों के पार्ट्स लगाए हैं. अब यूक्रेन का साथ देने वाले देश परेशान हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और खेल जगत की बड़ी उपलब्धियों की सराहना की. इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के एक परिवार द्वारा शादी में अनूठी पहल और सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बड़े आंकड़ों को देशवासियों के साथ साझा किया.
ब्रह्मोस मिसाइल की अचूक मारक क्षमता और ऑपरेशन सिंदूर में इसके प्रदर्शन को देखते हुए अब रूसी सेना भी इसे शामिल करने जा रही है. फिलीपींस के बाद रूस के साथ यह रक्षा सौदा ऐतिहासिक होगा.
दोतरफा युद्ध की चुनौतियों और वैश्विक संघर्षों से सीख लेते हुए भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है. ताबड़तोड़ मिसाइल परीक्षण किसी युद्ध की तैयारी नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और डिटरेंस की गारंटी हैं.
डीआरडीओ ने ओडिशा तट से लंबी दूरी की लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. 1000-1500 किमी रेंज वाली यह मिसाइल चीन और पाकिस्तान के कई शहरों को सीधे टारगेट कर सकती है.
इजरायली नौसेना ने युद्ध में उतरकर भू-मध्य सागर से ईरान पर मिसाइल हमले किए हैं. तकनीक में इजरायल की परमाणु-सक्षम पनडुब्बियां आगे हैं, जबकि ईरान के पास विशाल 'मच्छर सेना' का नेटवर्क है.
रूस के साथ सैन्य टकराव और उकसावे के डर से अमेरिका जर्मनी को टोमाहॉक मिसाइलें देने का सौदा रद्द कर सकता है. नाटो से अमेरिका की यह रणनीतिक वापसी जर्मनी की सुरक्षा के लिए बड़ा संकट है.
पाकिस्तान ने स्वदेशी और हल्के वजन वाली रसूब-250 क्रूज मिसाइल पेश की है. आसिम मुनीर की सेना आजकल क्रूज मिसाइलों पर फोकस कर रही है. क्योंकि ये रडार को चकमा दे सकती है.
पाकिस्तान ने फतह-4 क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. इस मिसाइल की रेंज 750 KM है, जो दिल्ली, अमृतसर, लुधियाना, जम्मू समेत कई भारतीय शहरों को अपनी पहुंच में रखती है.
भारतीय सेना ने पूर्वी कमांड के अभ्यास प्रलयंकर में लैंड-बेस्ड ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल प्रदर्शन किया. वीडियो में मिसाइल की तैनाती और लॉन्च की प्रक्रिया दिखाई गई. यह अभ्यास सेना की सटीकता, गति और लड़ाकू तैयारियों को दर्शाता है.
ईरान संघर्ष में अमेरिका ने अपनी बेहतरीन मिसाइलें और अरबों डॉलर का गोला-बारूद फूंक दिया है जिससे उसकी सैन्य ताकत पर बुरा असर पड़ा है. 1200 पैट्रियट और 1000 टोमाहॉक मिसाइलों के खर्च के बाद अब अमेरिका के पास चीन और रूस जैसे प्रतिद्वंद्वियों के लिए पर्याप्त स्टॉक नहीं बचा है. करीब 2.9 लाख करोड़ रुपये की युद्ध लागत ने पेंटागन की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इस कमी को पूरा करने में कई साल लग सकते हैं
पाकिस्तान ने हाल ही में स्वदेशी 'तैमूर' एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. ये मिसाइल लगभग 600 किलोमीटर तक दुश्मन के समुद्री लक्ष्यों को निशाना बना सकती है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी है और इसे समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में एक मील का पत्थर माना है.
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) का दावा है कि ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइलें प्रभावहीन हो चुकी हैं. लेकिन अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान के पास अभी भी हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं और वो भूमिगत स्टोरेज से उन्हें दोबारा सक्रिय कर सकते हैं.
पाकिस्तान ने कोलकाता पर हमले की धमकी दी है. इसके पीछे उसका सबसे लंबी दूरी वाली मिसाइल शाहीन-III है, जिसकी रेंज 2750 किलोमीटर है. यह मिसाइल पूरे भारत को निशाना बना सकती है. पाकिस्तान के पास शाहीन-II (1800 किमी), अबाबील (2200 किमी, MIRV) और गौरी (1500 किमी) जैसी अन्य मिसाइलें भी हैं.
ईरान के साथ जंग में अमेरिकी सेना JASSM-ER क्रूज मिसाइलों का बेतहाशा इस्तेमाल कर रही है. युद्ध के पहले चार हफ्तों में हजारों मिसाइलें खर्च हो चुकी हैं, जिससे अमेरिकी मिसाइल भंडार में कमी आई है. अब दुनिया भर में कुछ सौ ही JASSM-ER क्रूज मिसाइलें बची हैं.
CENTCOM ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान की हार्डेंड एंटी-शिप मिसाइल साइट्स पर हमला किया. इसमें 5000 पाउंड वजन का बंकर बस्टर बम GBU-72 इस्तेमाल करने की खबर आ रही है. इस स्टोरी में एक वीडियो है जो इसके छोटे वर्जन के टेस्ट का है. उसे देखकर आपको इस बम की ताकत का अंदाजा लग जाएगा.
ईरान ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ सुनियोजित जवाबी हमला किया. बैलिस्टिक (शहाब-3, सेज्जिल), क्रूज (सुमार, कुद्स) मिसाइलों और शाहेद ड्रोनों से खाड़ी देशों में अमेरिकी अड्डे (बहरीन NSA, कतर अल उदैद, यूएई अल धफरा) और इजरायल के तेल अवीव ठिकानों को निशाना बनाया. मोज़ैक डिफेंस रणनीति से छिपे लॉन्चरों से हमले किए.
भारत ईरान संघर्ष के बीच अपनी वायु रक्षा मजबूत कर रहा है. रूस से 5 अतिरिक्त S-400 सुदर्शन स्क्वॉड्रन खरीदने की योजना है, जो ऑपरेशन सिंदूर में सफल रहे. फ्रांस से SCALP क्रूज मिसाइल, राफेल के लिए मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइल और इजरायल से बाराक-8 जैसी मिसाइलें खरीदने की तैयारी है. स्वदेशी अकाश, QR-SAM के साथ मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम बन रहा है.