UN के मंच पर पेजर लेकर पहुंचे नेतन्याहू, हिज्बुल्लाह पर कसा तंज... पूछा- बीपर्स याद हैं

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने UN महासभा में पेजर लहराकर 2024 में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हुए धमाकों का जिक्र किया. उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले को भी सही ठहराया और वॉकआउट करने वाले डिप्लोमेट्स को 'मोरल कायर' कहा.

Advertisement
हिज्बुल्लाह के खिलाफ 2024 में पेजर अटैक किया गया था. (Photo- ITG) हिज्बुल्लाह के खिलाफ 2024 में पेजर अटैक किया गया था. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:37 AM IST

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान अचानक एक पेजर लहराया. उन्होंने इस पेजर के जरिए सितंबर 2024 में लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हुए धमाकों को याद किया और कहा, "इजरायल ने हमास पर हमला किया, हमने हिज्बुल्लाह को भी निशाना बनाया. याद हैं वो पेजर?"

इजरायली पीएम नेतन्याहू के भाषण शुरू होते ही दर्जनों देशों के डिप्लोमेट्स UN हॉल से बाहर निकल गए. कई सीटें खाली हो गईं. इस पर नेतन्याहू ने वॉकआउट करने वालों को "मोरल कायर" कहा और कहा, "अगर कोई और कायर अभी भी हॉल में बचा है तो वह भी बाहर चला जाए." इसके बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया और कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करना उनके लिए प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे आसान फैसलों में से एक था. इसके साथ ही उन्होंने पेजर हमले का भी जिक्र किया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'कोई कायर बचा है तो हॉल से बाहर चला जाए', UN में वॉकआउट करने वाले डिप्लोमेट्स पर भड़के नेतन्याहू

'याद हैं वो पेजर?', बोले नेतन्याहू

बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने भाषण में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष का जिक्र करते हुए पेजर को सबूत की तरह दिखाया. उन्होंने सितंबर 2024 में लेबनान और सीरिया में हिज्बुल्लाह से जुड़े हजारों पेजरों में हुए धमाकों को याद किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो बच्चे शामिल थे, जबकि 3 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे. नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन को हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई के तौर पर पेश किया.

यह हमला दो चरणों में हुआ था. 17 सितंबर 2024 को बड़ी संख्या में पेजर अचानक फटने लगे. इसके अगले दिन हैंडहेल्ड वॉकी-टॉकी में भी धमाके हुए. दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में लोग मारे गए और घायल हुए. इन हमलों के बाद हिज्बुल्लाह के कम्युनिकेशन नेटवर्क को बड़ा झटका लगा था.

Advertisement

'हमने सात मोर्चों पर जंग लड़ी'

नेतन्याहू ने इजरायल की मौजूदा लड़ाई को "सात मोर्चों की जंग" बताया. उन्होंने हमास, हिज्बुल्लाह, हूती, ईरान, इराक और सीरिया में मौजूद मिलिशिया और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी लड़ाकों का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन साल में इजरायली सैनिकों ने इन सभी मोर्चों पर लड़ाई लड़ी है.

यह भी पढ़ें: 'ईरान पर हमला सबसे आसान फैसला...' UN में नेतन्याहू का भाषण, कई डिप्लोमैट्स ने किया वॉकआउट

नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले को लेकर कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान था. उन्होंने दावा किया कि अगर इजरायल ने कार्रवाई नहीं की होती तो नतीजा बेहद गंभीर होता. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल अपनी रक्षा के साथ उन देशों की भी रक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधि उनके भाषण से बाहर चले गए.

गाजा पर लगे आरोपों को भी खारिज किया

नेतन्याहू ने गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को भी खारिज किया. उन्होंने इन आरोपों को "सदी का सबसे बड़ा झूठ" बताया. इजरायल पहले भी गाजा में नरसंहार और युद्ध अपराधों के आरोपों से इनकार करता रहा है. अपने करीब 40 मिनट के भाषण में नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर काम किया. UN में उनका भाषण ऐसे वक्त हुआ, जब इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और विरोध जारी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »