अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कूटनीतिक कोशिशों के बीच पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर मंगलवार को तेहरान पहुंचे. उनके साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी ईरान गए हैं. इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय हालात और तनाव कम करने के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा होने की संभावना है.
गौरतलब है कि मुनीर का ये दौरा तब हो रहा है जब हूतियों और सऊदी अरब के बीच भीषण लड़ाई चल रही है. सोमवार को हूती विद्रोहियों के हमले में 70 से ज्यादा यमनी सैनिक मारे गए हैं. हूती विद्रोहियों की ताकत का एक प्रमुख स्रोत ईरान का समर्थन है. पाकिस्तान ने सऊदी अरब को रक्षा का वचन तो दिया है, लेकिन पाकिस्तान अब तक इसमें पूरी तरह से फेल साबित हुआ है.
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर मंगलवार, 20 अक्टूबर को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) के मुताबिक, मुनीर पाकिस्तानी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. ईरान के सरकारी न्यूज चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी इस दौरे पर उनके साथ हैं.
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिशों में अहम भूमिका निभा रहा है. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इस दौरे को लेकर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर होगी चर्चा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मुनीर के दौरे से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों और आपसी सहयोग को मजबूत करना है.
इरना के मुताबिक, मुनीर और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय घटनाक्रम, कूटनीतिक प्रक्रियाओं, क्षेत्रीय तनाव कम करने और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी. हालांकि, बैठक में अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर क्या ठोस प्रस्ताव रखे जाएंगे, इस बारे में अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.
अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से आसिम मुनीर कई बार ईरान का दौरा कर चुके हैं. उनकी पिछली यात्रा सितंबर में हुई थी. उस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई, संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से मुलाकात की थी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप प्रधानमंत्री इशाक डार भी अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयासों में शामिल रहे हैं. इस कूटनीतिक पहल के जरिए पाकिस्तान क्षेत्रीय तनाव कम कराने और दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुला रखने की कोशिश कर रहा है.
मुनीर का ताजा दौरा इसी सिलसिले की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. हालांकि, बातचीत का वास्तविक परिणाम और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम करने में इस यात्रा की भूमिका आगे होने वाली बैठकों और दोनों देशों की प्रतिक्रिया से ही स्पष्ट होगी.
इस बीच आसिम मुनीर के साथ बैठक के दौरान ईरान के सुरक्षा प्रमुख रेज़ाई ने एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे पर ईरान के पुराने रुख को फिर से दोहराया. उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूद सभी संवर्धित परमाणु सामग्री देश के भीतर ही रहेगी. इससे पहले ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि अमेरिका ईरान के एनरिच्ड परमाणु मैटेरियल को अपने कब्जे में लेगा. लेकिन ईरान ने इससे इनकार कर दिया है.
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