स्थानीय लोगों ने त्रिशूली नदी के किनारे मलबे और कीचड़ से भरी क्षतिग्रस्त इमारत के अंदर नुकसान का जायजा लिया. तबाही के बाद लोग अपने घर और दुकान में बचा सामान तलाशने में जुटे हैं. (Photo-PTI)
नुवाकोट में त्रिशूली नदी के किनारे क्षतिग्रस्त दुकान के अंदर कीचड़ में मिट्टी से सने गिलास पड़े मिले. कभी ग्राहकों से गुलजार रहने वाली दुकान अब बाढ़ की तबाही की तस्वीर बन चुकी है. (Photo-PTI)
भारी बारिश के बीच क्षतिग्रस्त इमारत की बालकनी में खड़ाकर होकर एक शख्स तबाही के बाद के मंजर को देखता नजर आया. चारों तरफ तबाही के निशान के बीच लोग किसी तरह जिंदगी को फिर पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. (Photo-PTI)
त्रिशूली नदी के किनारे आंशिक रूप से मलबे में दबी एक इमारत की खिड़की पर कीचड़ से सने कपड़े लटके है. बाढ़ अपने साथ लोगों का घर और रोजमर्रा की जिंदगी भी बहा ले गई. (Photo-PTI)
त्रिशूली नदी के किनारे क्षतिग्रस्त इमारत के आसपास कीचड़ जमा है. पास ही उखड़े पेड़ और मलबे का ढेर लगा है. उफनती नदी ने देखते ही देखते पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी. (Photo-PTI)
बारिश के बीच कीचड़ से ढकी सड़क पर एक सुरक्षाकर्मी पहरा दे रहा है. चारों तरफ पसरी तबाही के बीच सुरक्षा बल राहत और बचाव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. (Photo-PTI)
नेपाल फ्लैश फ्लड में क्षतिग्रस्त हुई इमारत की ऊपरी मंजिल से ठेले के जरिए एक शख्स अपने घर से कीचड़ और गाद बाहर निकालता नजर आया. बाढ़ के बाद घरों से मलबा निकालना अब लोगों की रोजमर्रा की जद्दोजहद बन गया है. (Photo-PTI)
चारों तरफ तबाही और मलबे के बीच त्रिशूली नदी के किनारे मजबूती से खड़ी यह इमारत सोशल मीडिया पर ‘मिरेकल हाउस’ के नाम से चर्चा में है. जहां बाढ़ और भूस्खलन ने आसपास सबकुछ तहस-नहस कर दिया, वहीं यह घर तबाही के बीच उम्मीद और हिम्मत की तस्वीर बनकर खड़ा है. (Photo-PTI)
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में एक्सकेवेटर से त्रिशूली नदी के किनारे तबाह इमारतों से मिट्टी, कीचड़ और मलबा हटाया जा रहा है. फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया. (Photo-PTI)
भीषण बाढ़ के बाद नुवाकोट में त्रिशूली नदी को पार करने के लिए अस्थायी जिपलाइन का लोग सहारा ले रहे हैं. रास्ते और पुल तबाह होने के बाद अब यही जुगाड़ लोगों को एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचा रहा है. (Photo-PTI)