ऑकलैंड की कई गलियों में भारतीय रेस्टोरेंट, मंदिर, गुरुद्वारे, मसालों की दुकानें और हिंदी-पंजाबी बोलते लोग आम नजर आते हैं. यही वजह है कि न्यूजीलैंड को अब कई लोग 'मिनी इंडिया' भी कहते हैं. (Photo- Getty)
रचिन रविंद्र, ईश सोढ़ी और आदित्य अशोक जैसे खिलाड़ी भारतीय मूल से जुड़े हैं. न्यूजीलैंड क्रिकेट की नई पहचान में भारतीय प्रतिभाओं की मजबूत छाप साफ दिखाई देती है. (Photo- Reuters)
प्रियंका राधाकृष्णन और डॉ. परमजीत कौर परमार जैसे भारतीय मूल के नेताओं ने न्यूजीलैंड की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है. भारतीय समुदाय अब प्रभावशाली वोट बैंक भी बन चुका है. (Photo- Getty)
ऑकलैंड के माउंट वेलिंगटन में हर साल छठ पूजा धूमधाम से मनाई जाती है. भोजपुरी गीत, ठेकुआ और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा न्यूजीलैंड में भी भारत जैसा माहौल बना देती है.
न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय होली, दिवाली, बैसाखी, नवरात्रि और ईद जैसे त्योहार बड़े उत्साह से मनाता है. इन आयोजनों में स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. (Photo- Getty)
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर न्यूजीलैंड के कई शहरों में हजारों लोग एक साथ योग करते हैं. भारतीयों के साथ स्थानीय नागरिक और माओरी समुदाय भी इसमें शामिल होता है. (Photo- Unplash)
आईटी, हेल्थकेयर, बैंकिंग, शिक्षा और रिटेल कारोबार में भारतीय समुदाय तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऑकलैंड और हैमिल्टन जैसे शहरों में भारतीय बाजार अब स्थानीय पहचान का अहम हिस्सा बन चुके हैं. (Photo- Getty)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के ऑकलैंड के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह 10 से 11 जुलाई तक आधिकारिक राजकीय दौरे पर रहेंगे. यह करीब 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा है. यह यात्रा उनकी तीन देशों की इंडो-पैसिफिक यात्रा का आखिरी पड़ाव है. इससे पहले वह इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर चुके हैं. (File Photo)