पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 21 जुलाई 'शहीद दिवस' के मौके पर इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है. इस बार शहीद दिवस के लिए तीन अलग-अलग पार्टियों ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए हैं. इसके लिए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है.
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब 'शहीद दिवस' के लिए तीन अलग-अलग मंच सज रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस का ममता बनर्जी गुट बिड़ला प्लैनेटेरियम के पास अपना कार्यक्रम आयोजित कर रहा है.
वहीं, खुद को 'असली तृणमूल कांग्रेस' बताने वाला ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट ने इससे करीब दो किलोमीटर दूर मेयो रोड पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास 'शहीद दिवस' का कार्यक्रम आयोजित किया है.
इसके अलावा कांग्रेस ने भी 'शहीद दिवस' के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही है. कांग्रेस ने महात्मा गांधी की प्रतिमा से लगभग एक किलोमीटर दूर, ऐतिहासिक शहीद मीनार के पास अपना अलग कार्यक्रम रखा है. 157 फीट ऊंची और करीब 200 साल पुरानी ये इमारत शहर के मध्य में स्थित है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 1000 जवान और ड्रोन से निगरानी
तीनों कार्यक्रमों के एक-दूसरे के काफी करीब होने के कारण कोलकाता पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है. लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीनों जगहों पर लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
पूरे कार्यक्रम क्षेत्र पर ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी रखी जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था की कमान मध्य और दक्षिणी डिवीजनों के कम से कम पांच डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है. इसके अलावा, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), हाई रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड (HRFS) और केंद्रीय बलों की टीमों की भी मौके पर तैनाती की गई है.
ट्रैफिक को लेकर पुलिस की एडवाइजरी
भारी भीड़ जुटने की संभावना के बावजूद पुलिस ने बताया है कि किसी भी रास्ते को पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा. हालांकि, शहरवासियों और यात्रियों को मध्य कोलकाता के आसपास ट्रैफिक स्लो रहने की चेतावनी दी गई है.
शहीद मीनार, मेयो रोड और रेड रोड के पास काफी भीड़ रहने की उम्मीद है. इसके अलावा डफरिन रोड और विक्टोरिया मेमोरियल के पास कैथेड्रल रोड क्रॉसिंग पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी रह सकती है.
कैथेड्रल रोड पर ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए वन-वे सिस्टम लागू किया गया है. दोपहर 1 बजे तक गाड़ियां हरीश मुखर्जी रोड होते हुए पार्क स्ट्रीट की तरफ जा सकेंगी. वहीं, दोपहर 1 बजे के बाद इस दिशा को बदल दिया जाएगा और गाड़ियां पार्क स्ट्रीट की तरफ से हरीश मुखर्जी रोड की ओर आ सकेंगी.
क्यों मनाया जाता है 'शहीद दिवस'?
बंगाल में 21 जुलाई को हर साल 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया जाता है. ये दिन 21 जुलाई 1993 को हुए गोलीकांड से जुड़ा है. उस समय ममता बनर्जी के नेतृत्व में युवा कांग्रेस ने राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराने और सचित्र मतदाता पहचान पत्र की मांग को लेकर तत्कालीन वाममोर्चा सरकार के खिलाफ 'राइटर्स बिल्डिंग' अभियान चलाया था.
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इस प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस गोलीबारी में 13 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी और कई लोग बहुत घायल हो गए थे. 1998 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) बनने के बाद से, पार्टी इस दिन को अपने शहीद कार्यकर्ताओं की याद में और एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में मनाती आ रही है.
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