पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक SIT बना दी है. कलकत्ता हाई कोर्ट के परामर्श से बनाई गई ये 6 सदस्यीय विशेष टीम इस दर्दनाक हादसे के हर पहलू की पड़ताल करेगी.
इस छह सदस्यीय SIT की अध्यक्षता कलकत्ता हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी. इसके अलावा इस जांच टीम में पश्चिम बंगाल सरकार के आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव भी शामिल होंगे.
पश्चिम बंगाल STF के महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक के प्रतिनिधि (जो अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक से नीचे के न हों), गृह और पर्वतीय मामलों के विभाग के एक प्रतिनिधि (जो संयुक्त सचिव रैंक से कम के न हों) और कोलकाता स्थित NDRF के एक प्रतिनिधि को भी इस टीम में शामिल किया गया है.
ये SIT अपनी जांच रिपोर्ट, सभी जरूरी निष्कर्ष और ठोस सिफारिशें आदेश जारी होने की तारीख से 3 महीने के भीतर राज्य सरकार को सौंपेगी.
CM शुभेंदु का बड़ा बयान
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि दु्र्गा मां की मूर्ति को सिर्फ हिंदू ही हाथ लगाए. उन्होंने कहा, 'पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए हमें शास्त्रों के मुताबिक अपनी प्राचीन परंपराओं का पालन करना चाहिए. दुर्गा पूजा मूल रूप से एक धार्मिक आयोजन है. त्योहार होना इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन वो बात बाद में आती है. हमारा पहला कर्तव्य हमारी धार्मिक विरासत को सहेजना है.'
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उन्होंने आगे कहा, 'यही वजह है कि मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि विसर्जन में मदद करने वाले स्वयंसेवकों के नाम और पहचान नोट किए जाएं. सिर्फ वो लोग जो सनातन धर्म का पालन करते हैं, उन्हें ही मूर्ति को छूने की अनुमति दी जानी चाहिए. इसमें कुछ भी सांप्रदायिक नहीं है.'
इंद्रजीत कुंडू