कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है. इस बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष का बयान सामने आया है. इस दर्दनाक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े आयोजनों में इस तरह के हादसे हो जाते हैं.
दिलीप घोष ने कहा, 'जो घटना हुई है वो दुर्भाग्यपूर्ण है. लेकिन कभी-कभी ऐसे हादसे हो जाते हैं. सालों-साल से पूजा होती आ रही है. यहां बड़े पैमाने पर भव्य आयोजन होते हैं, जहां लाखों लोग दर्शन करने और माथा टेकने आते हैं.
उन्होंने आगे कहा, 'कभी-कभी थोड़ी सी चूक या सावधानी में कमी के कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं, जो कि कभी नहीं होने चाहिए. हमारे देश में जब भी धार्मिक स्थलों या बड़े आयोजनों में भारी भीड़ जुटती है, तो इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं. इसलिए आयोजकों को और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है.'
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्य सचिव सहित सरकार के तमाम प्रतिनिधि, राष्ट्रीय पार्टी अध्यक्ष और कई दूसरे मंत्री और नेता मौके पर पहुंच चुके हैं. इसके साथ ही घायलों के इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
हादसे पर विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब
इस सवाल पर की तृणमूल कांग्रेस के नेता इस मामले पर सियासी बयानबाजी कर रहे हैं, दिलीप घोष ने कहा, 'राजनीति करने वाले राजनीति करेंगे. इतनी जगह पूजा हो रही है और हर जगह पुलिस है. लाखों लोग रास्ते में उतरकर घूम रहे हैं. लेकिन हो जाता है और इसीलिए इसे दुर्घटना कहते हैं. हालांकि ऐसा नहीं होना चाहिए. आयोजकों को ध्यान देने की जरूरत है.'
यह भी पढ़ें: 'मां ने मेरे सामने दम तोड़ दिया...' कोलकाता भगदड़ में अपनों को खोकर बिलखते परिवार, बयां किया दर्द
विपक्ष ने लगाए थे आरोप
बता दें कि TMC नेता कुणाल घोष ने हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु सरकार पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, 'चोरबागान में हुई मौतों के बारे में मुख्यमंत्री का बयान अधूरा है, जिम्मेदारी से बचने वाला, गुमराह करने वाला और ध्यान भटकाने की कोशिश है. कमेटी के अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए. नगर निगम और OSD को हटाया जाना चाहिए. निष्पक्ष जांच की जरूरत है. कमेटी में BJP के सदस्य भरे हुए हैं. उन्हें बचाया जा रहा है. आज पहली बार बारिश नहीं हुई. सिर्फ बारिश को दोष देना एडमिनिस्ट्रेटिव नाकामी को छिपाने की कोशिश है.'
aajtak.in