देश भर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के 100 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की पड़ताल कर हजारों फर्जी वोटर पकड़ने का दावा किया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा है. सपा के अनुसार, कई बूथों पर एक ही व्यक्ति के नाम अलग-अलग EPIC नंबर के साथ दर्ज हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के मुताबिक, चिह्नित 100 विधानसभाओं के पोलिंग स्टेशनों पर एक ही व्यक्ति के नाम कई बार दर्ज किए गए हैं. दरअसल, एक ही व्यक्ति के नाम अलग-अलग EPIC (वोटर आईडी) नंबर के साथ दर्ज किए गए हैं.
समाजवादी पार्टी का आरोप है कि इससे निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आती है. सपा ने उदाहरण देते हुए बताया कि कन्नौज के छिबरामऊ बूथ संख्या 49 पर एक ही मिहला का नाम तीन अलग-अलग EPIC नंबर के साथ दर्ज किया गया है. सपा के मुताबिक, अन्य बूथों पर एक ही व्यक्ति का नाम तीन-तीन बार अलग-अलग पहचान पत्र के साथ मिला.
सपा ने बताया कि इटावा के बूथ संख्या 9 और 10 पर एक ही 18 वर्षीय युवती का नाम तीन बार अलग-अलग EPIC नंबर के साथ दर्ज मिला. इसी तरह श्रावस्ती विधानसभा में भी एक ही वोटर का नाम 4 अलग-अलग EPIC नंबर से दर्ज पाया गया.
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फर्जी नाम डिलीट हों: सपा
इन उदाहरणों को पेश करते हुए समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं. सपा का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बावजूद 100 विधानसभाओं के बूथों पर डुप्लीकेट मतदाता मौजूद हैं. पार्टी ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए इनका भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है. साथ ही, पार्टी की ये भी मांग है कि फर्जी नामों को जल्द से जल्द डिलीट किया जाए.
बता दे, सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में फौरी जांच की मांग की है.
समर्थ श्रीवास्तव