सीतापुर में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जहां 17 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते का अंत किसी झगड़े या कानूनी लड़ाई के बजाय एक भावुक विदाई के साथ हुआ. दो बच्चों के पिता ने पत्नी की पसंद के आगे अपने रिश्ते को पीछे छोड़ दिया और उसे उसके प्रेमी के साथ जाने दिया. उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की मिश्रिख तहसील में सामने आया यह मामला रिश्तों, प्यार और बिछड़ने की एक ऐसी कहानी है, जो कई सवाल भी खड़े करती है. जिस महिला के साथ विपिन भार्गव ने जिंदगी के 17 साल बिताए, जिसके साथ परिवार बसाया और दो बच्चों का भविष्य संवारने के सपने देखे, उसी पत्नी को उन्होंने आखिरकार किसी दूसरे शख्स के साथ विदा कर दिया.
17 साल का रिश्ता, दो बच्चे और फिर अलग होने का फैसला
जानकारी के मुताबिक मिश्रिख निवासी विपिन भार्गव की शादी 12 मार्च 2009 को हुई थी. इस शादी से उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 16 और 14 साल बताई जा रही है. परिवार के साथ गुजर रहे वक्त के बीच करीब 22 दिन पहले उनकी पत्नी अचानक घर से चली गई. पत्नी के लापता होने पर विपिन ने गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी.
कुछ समय बाद जब पत्नी वापस लौटी, तो उसने अपने पति के साथ रहने के बजाय अंबेडकर नगर निवासी राहुल के साथ जिंदगी बिताने की इच्छा जताई. बताया जा रहा है कि राहुल और महिला की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी. धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और महिला ने उसके साथ रहने का फैसला कर लिया.
पति ने खुद गाड़ी में बैठाकर किया विदा
इस कहानी का सबसे भावुक पहलू इसके बाद सामने आया. तहसील परिसर में कागजी कार्रवाई हुई. फिर हनुमान मंदिर के सामने महिला और राहुल ने एक-दूसरे को माला पहनाई. इस दौरान 17 साल पुराने रिश्ते का अंत एक नई शुरुआत में बदलता दिखाई दिया.
विपिन ने अपनी पत्नी को खुद गाड़ी में बैठाया और दिल्ली के लिए विदा कर दिया. जिस महिला के साथ उन्होंने वर्षों तक घर-परिवार साझा किया, उसे अपनी जिंदगी से दूर जाते देख उनके मन में क्या चल रहा था, यह कहना मुश्किल है. लेकिन उनके बयान से इतना जरूर जाहिर हुआ कि वह अब इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहते. विपिन का कहना है कि अब उनका पत्नी से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने दोनों की खुशहाल जिंदगी की कामना भी की.
पीछे छूट गए 17 साल और बच्चों से जुड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल उन दो बच्चों को लेकर भी है, जिनकी उम्र 16 और 14 साल है. माता-पिता के रिश्ते में आया यह बदलाव उनके जीवन को किस तरह प्रभावित करेगा, यह वक्त ही बताएगा.
किसी रिश्ते का अंत हमेशा एक जैसा नहीं होता. कहीं रिश्ते टूटते हैं तो कड़वाहट और विवाद पीछे छूट जाते हैं, तो कहीं लोग अलग राह चुनने का फैसला कर लेते हैं. विपिन और उनकी पत्नी की कहानी भी ऐसे ही एक मोड़ पर आकर ठहर गई है.
17 साल का वैवाहिक साथ, दो बच्चे और फिर अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ने का फैसला. इस घटना में जहां पत्नी ने अपने प्यार के साथ नई जिंदगी चुनने की इच्छा जताई, वहीं विपिन ने उसे रोकने के बजाय विदा करना चुना. अब सवाल सिर्फ एक रिश्ते के टूटने का नहीं, बल्कि उस परिवार का भी है, जिसकी जिंदगी इस फैसले के बाद पहले जैसी नहीं रहेगी.
अरविंद मोहन मिश्रा