ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है. गौर चौक पर रोजाना लगने वाले जाम से जल्द छुटकारा मिलने की उम्मीद है. करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा छह लेन का अंडरपास अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. इसका मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अब सड़क की मार्किंग, स्ट्रीट लाइट लगाने, दीवारों की पेंटिंग और दूसरे फिनिशिंग कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की योजना इसे दिवाली से पहले यातायात के लिए शुरू करने की है. हालांकि, अंडरपास को खोलने की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
गौर चौक पर अंडरपास शुरू होने का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है. सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं. इसका असर गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की सोसायटियों में रहने वाले लोगों के रोजाना के सफर पर पड़ता है. ऐसे में अंडरपास शुरू होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने बताया कि अंडरपास को दिवाली पर शुरू करना प्राथमिकता है, ताकि ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के लोगों को जाम से राहत मिल सके. उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि दिवाली पर इस अंडरपास को शुरू किया जा सके. इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के लोगों को एक बड़ी सौगात मिलेगी.”
92 करोड़ रुपये में तैयार हुआ छह लेन का अंडरपास
गौर चौक अंडरपास परियोजना की शुरुआत करीब 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हुई थी. लेकिन निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों के चलते इसकी लागत बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. परियोजना में अंडरपास बनाने के साथ यूटिलिटी सेवाओं को दूसरी जगह शिफ्ट करने जैसे काम भी शामिल रहे. करीब 730 मीटर लंबे इस पूरे प्रोजेक्ट में छह लेन की व्यवस्था की गई है. जीएम एके सिंह के मुताबिक, अंडरपास के मुख्य हिस्से की लंबाई करीब 160 मीटर है, जबकि पूरी परियोजना लगभग 730 मीटर क्षेत्र में फैली हुई है. इसका मुख्य उद्देश्य गौर चौक पर वाहनों के दबाव को कम करना और यातायात को सुगम बनाना है.
छह लेन की व्यवस्था से वाहनों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद है. अंडरपास चालू होने के बाद चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है और लोगों को बार बार लगने वाले जाम में फंसने से राहत मिल सकती है. अंडरपास का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसे आम लोगों के लिए खोलने से पहले कुछ जरूरी काम किए जा रहे हैं. इनमें सड़क की मार्किंग, स्ट्रीट लाइट लगाने, दीवारों की पेंटिंग और अन्य फिनिशिंग कार्य शामिल हैं.
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह के अनुसार, अंडरपास की दीवारों के दोनों तरफ अलग अलग तरह की पेंटिंग बनाई गई हैं. इनसे अंडरपास को आकर्षक रूप दिया जा रहा है. अब बाकी बचे काम पूरे किए जा रहे हैं, ताकि इसे यातायात के लिए शुरू करने की तैयारी पूरी हो सके. हालांकि, अंडरपास को खोलने की अंतिम तारीख अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं बताई गई है. प्राधिकरण की प्राथमिकता इसे दिवाली से पहले शुरू करने की है. ऐसे में लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि अंडरपास किस तारीख को यातायात के लिए खोला जाता है.
जुलाई 2024 में शुरू हुआ था निर्माण
गौर चौक अंडरपास का निर्माण जुलाई 2024 में शुरू किया गया था. शुरुआती योजना के मुताबिक, इसे लगभग 18 महीने में पूरा किया जाना था. लेकिन निर्माण के दौरान कई तरह की चुनौतियां सामने आईं, जिनके कारण काम प्रभावित हुआ और परियोजना निर्धारित समयसीमा से आगे बढ़ गई. निर्माण कार्य पर वायु प्रदूषण के कारण लागू ग्रेप प्रतिबंधों का असर पड़ा. इसके अलावा बारिश, यूटिलिटी सेवाओं को शिफ्ट करने और रैंप से जुड़े कामों में भी समय लगा. इन वजहों से अंडरपास को तैयार करने में अनुमान से अधिक समय लगा. अब मुख्य निर्माण कार्य पूरा होने के बाद परियोजना को अंतिम रूप देने पर ध्यान दिया जा रहा है. सड़क की मार्किंग, लाइटिंग और पेंटिंग जैसे काम पूरे होने के बाद इसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए खोलने की तैयारी है.
गौर चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन है. यहां से बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से निकलकर नौकरी, स्कूल और दूसरे कामों के लिए आते जाते हैं. सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों की संख्या बढ़ने से चौराहे पर जाम की स्थिति बन जाती है. इसका असर गौर सिटी और आसपास की आवासीय सोसायटियों से निकलने वाले लोगों पर पड़ता है. सूरजपुर और गाजियाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इस मार्ग पर यातायात के दबाव का सामना करना पड़ता है. कई बार जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लगता है. ऐसे में छह लेन का अंडरपास इस इलाके के यातायात के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है. इसके शुरू होने से चौराहे पर वाहनों का दबाव कम करने और आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
नौकरीपेशा लोगों से लेकर स्कूली वाहनों को मिलेगी राहत
अंडरपास शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है. नौकरी पर जाने वाले लोगों का समय बच सकता है. स्कूली वाहनों और आसपास की सोसायटियों से निकलने वाले यात्रियों को भी जाम से राहत मिल सकती है. गौर चौक पर यातायात का दबाव कम होने से सूरजपुर और गाजियाबाद की ओर जाने वाले लोगों का सफर भी बेहतर हो सकता है. हालांकि, वास्तविक राहत अंडरपास शुरू होने के बाद यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगी. फिलहाल अंडरपास का मुख्य निर्माण पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम चल रहा है. ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण इसे दिवाली से पहले शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. अब लोगों को इंतजार है कि करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना का लाभ उन्हें कब से मिलना शुरू होगा.
अरुण त्यागी