टीचर, गुरु, प्रोफेसर, कुछ भी कहिए, कोई भी नाम दीजिए, कहते हैं कि अच्छा टीचर मिलना किस्मत की बात होती है, और यह भी कहते हैं कि जिसे अच्छा टीचर मिल जाए, उसकी किस्मत बन जाती है. सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही टीचर या प्रोफेसर की विदाई का वीडियो वायरल हो रहा है.
जमशेदपुर स्थित जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (XLRI) के प्रोफेसर मनीष सिंघल ने इस विदाई का वीडियो लिंक्डइन पर शेयर किया. वीडियो में प्रोफेसर वेणुगोपाल पिंगली को दी गई भावुक विदाई दिखाई गई है. संस्थान में उनके आखिरी दिन छात्र और शिक्षक कॉरिडोर में कतार लगाकर खड़े हो गए और तालियों के साथ उनका अभिवादन किया. कई लोगों ने व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलकर धन्यवाद भी दिया.
वीडियो में पिंगली अपनी बाहों में फूलों का गुलदस्ता लेकर क्लासरूम से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं. उनके बाहर आते ही कॉरिडोर में दोनों तरफ खड़े छात्र और फैकल्टी सदस्य तालियां बजाने और उनका उत्साह बढ़ाने लगते हैं.
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ऐसी विदाई!
छात्र और स्टाफ कॉरिडोर के दोनों ओर खड़े थे और पिंगली धीरे-धीरे उनके बीच से आगे बढ़ रहे थे. कई लोगों ने उनसे हाथ मिलाया, जबकि कुछ लोग मुस्कुराते हुए तालियां बजाकर उन्हें विदाई देते नजर आए. इस दौरान पिंगली भी भावुक दिखाई दिए और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए मुस्कुराते रहे.
यह विदाई XLRI में पिंगली के 33 साल लंबे अकादमिक करियर का आखिरी पड़ाव था. मनीष सिंघल ने बताया कि उन्हें आखिरी वक्त में पता चला कि छात्र, स्टाफ और फैकल्टी सदस्य प्रोफेसर को विदाई देने के लिए क्लासरूम के बाहर जमा हुए हैं.
सिंघल ने 2006 में XLRI ज्वाइन करने के दौरान पिंगली से अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया. उस समय पिंगली डीन (एकेडमिक्स) के पद पर थे. सिंघल ने उन्हें उनके सहयोगी स्वभाव और प्रशासनिक फैसले लेते समय लोगों की व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखने के लिए याद किया.
पिंगली को भारतीय बाजार की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित मार्केटिंग फ्रेमवर्क विकसित करने के लिए भी याद किया जाता है. सिंघल के मुताबिक, उनके इन कामों ने MBA के कई बैच के छात्रों को प्रभावित किया.
पूर्व छात्रों ने भी यादें साझा कीं
विदाई का वीडियो सामने आने के बाद पिंगली के पूर्व छात्रों और सहयोगियों ने भी उनके साथ बिताए समय को याद किया.
एक पूर्व छात्र ने कहा कि यह विदाई उस प्रोफेसर के प्रति आभार व्यक्त करने का सही तरीका थी, जिन्होंने युवा छात्रों के जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं, एक अन्य ने उन्हें XLRI का सच्चा आइकन बताते हुए कहा कि संस्थान में उनके योगदान को इस तरह सम्मान मिलना बिल्कुल उचित था.
एक पूर्व छात्र ने 1990 के दशक के मध्य में पिंगली की सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन की क्लास लेने का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा कि अपने दशकों लंबे करियर के दौरान पिंगली से न जाने कितनी पीढ़ियों के छात्रों का सामना हुआ.वहीं किसी ने कहा कि वीडियो देखकर कहा कि कॉलेज के दिनों की याद आ गई.
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