पहले लिफ्ट देता, फिर सिर काटता... ऐसे सीरियल किलर के चंगुल बच निकला था शख्स

एक युवक ने अनजाने में एक खूंखार सीरियल किलर से लिफ्ट ले ली. फिर कुछ ऐसा हुआ कि लड़के को कार से नीचे उतरना पड़ा और वो अपने घर चला गया. कुछ साल बात पता चला कि लिफ्ट देने वाला शख्स एक सीरियल किलर था और लिफ्ट देकर लोगों को बेरहमी से मारना ही उसका सिग्नेचर स्टाइल था. उस दिन वह अनजाने में ही उसका शिकार बनते- बनते बच गया और इसकी उसे भनक तक नहीं लगी. चलिए जानते हैं क्या है ये पूरी कहानी और कौन था वो सीरिल किलर?

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सीरियल किलर के चंगुल में आकर भी बच निकला शख्स (Photo - AI Generated) सीरियल किलर के चंगुल में आकर भी बच निकला शख्स (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के सबसे खूंखार सीरियल किलर्स में गिने जाने वाले इवान मिलाट का नाम आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देता है. वह पहले सड़क पर लिफ्ट मांग रहे युवाओं को अपनी कार में बैठाता था, फिर उन्हें जंगल में ले जाकर बेरहमी से मार डालता था. उसके कई शिकारों के सिर काट दिए गए, कई को गोली मारी गई और शवों को उथली कब्रों में दफना दिया गया. लेकिन एक शख्स की किस्मत अच्छी थी, जो उसके चंगुल से जिंदा बच निकला.

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यह कहानी स्टीवन क्लार्क नाम के एक व्यक्ति की है. उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में वह अपने एक दोस्त के साथ सड़क पर लिफ्ट मांग रहे थे. तभी एक तेज रफ्तार कार उनके सामने आकर रुकी और ड्राइवर ने उन्हें लिफ्ट देने की पेशकश की.

सफर के दौरान पूछने लगा अजीब सवाल
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टीवन ने बताया कि जैसे ही उनका दोस्त कार का दरवाजा बंद करने लगा, ड्राइवर ने अचानक तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ा दी. रास्ते में वह लगातार उनसे पूछता रहा कि वे कहां जा रहे हैं, उनके बारे में कौन-कौन जानता है और उनकी क्या योजना है. सबसे अजीब बात यह थी कि वह दोनों से तो सारी जानकारी लेना चाहता था, लेकिन अपना नाम तक बताने को तैयार नहीं था.

ड्राइवर की तेज रफ्तार देखकर पुलिस ने उसकी कार रोक ली और स्पीडिंग का चालान काट दिया. इसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया और उसने दोनों युवकों को सुरक्षित उतार दिया.

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हालांकि, स्टीवन ने चालान पर ड्राइवर के नाम के शुरुआती दो अक्षर देख लिए थे. कई साल बाद जब उन्होंने टीवी पर एक खबर देखी, तो वही चेहरा पहचान लिया. वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया का कुख्यात सीरियल किलर इवान मिलाट था.

'सीरियल किलर फॉरेस्ट' में मिलते थे शव
1989 से 1992 के बीच इवान मिलाट ने कम से कम सात युवाओं का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी. वह उनके शव ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से करीब दो घंटे दूर स्थित बेलांग्लो स्टेट फॉरेस्ट में दफना देता था. बाद में यही जंगल'सीरियल किलर फॉरेस्ट' के नाम से बदनाम हो गया.

उसके सात पुष्ट पीड़ितों में तीन जर्मनी, दो ब्रिटेन और दो ऑस्ट्रेलिया के युवा बैकपैकर थे. पुलिस और कई जांचकर्ताओं का मानना है कि उसके शिकारों की असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है और वह 1970 के दशक से ही लोगों की हत्या कर रहा था.

आज भी चल रही है पुराने मामलों की जांच
ऑस्ट्रेलिया में अब कई पुराने गुमशुदगी के मामलों की दोबारा जांच की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं उनके पीछे भी इवान मिलाट का हाथ तो नहीं था.ऐसा ही एक मामला 15 साल की के डोचर्टी  का है, जो 1979 में लिफ्ट मांगते समय लापता हो गई थी. उसके भाई केविन डोचर्टी ने जांच में कहा कि उन्होंने अपनी मां से वादा किया था कि वह अपनी जुड़वां बहन की तलाश कभी नहीं छोड़ेंगे.

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वहीं, ब्रिटेन के एक रिटायर्ड जासूस का दावा है कि 1971 में लापता हुई 20 वर्षीय केरेन रोलैंड शायद इवान मिलाट की पहली शिकार थी.

पुलिस को सितंबर 1992 से नवंबर 1993 के बीच सात शव अलग-अलग जगहों से मिले. सभी शव उथली कब्रों में मुंह के बल दबे मिले और ज्यादातर के हाथ पीछे बंधे हुए थे.21 साल के कैरोलिन क्लार्क और 22 वर्षीय जोआन वॉल्टर्स के शव सबसे पहले मिले. जोआन के शरीर पर कई बार चाकू से वार किए गए थे, जबकि कैरोलिन के सिर में 10 गोलियां मारी गई थीं.इसके बाद 19 वर्षीय जेम्स गिब्सन और डेबोरा एवरिस्ट के शव मिले. दोनों को बुरी तरह पीटा गया था और चाकू से गोदा गया था.

बाद में जर्मनी के गाबोर न्यूगेबॉयर, अंजा हैब्शीड और सिमोन श्मिडल के कंकाल मिले. सिमोन पर कम से कम आठ बार चाकू से हमला किया गया था, गाबोर के सिर में छह गोलियां मारी गई थीं और अंजा का सिर धड़ से अलग कर दिया गया था.

एक गवाह ने खोल दी पूरी कहानी
इवान मिलाट शायद और लंबे समय तक बच निकलता, अगर ब्रिटेन के पॉल ऑनियन्स उसकी कार से जिंदा नहीं भाग पाते.1990 में मिलाट ने उन्हें भी लिफ्ट दी थी. रास्ते में पॉल ने कार में बंदूक और रस्सी देखी तो उन्हें खतरे का अंदेशा हो गया. मौका मिलते ही वह कार से कूदकर भागे. मिलाट ने उन पर गोली भी चलाई, लेकिन वह किसी तरह बच निकले और पुलिस स्टेशन पहुंच गए.

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हालांकि, उस समय उनकी शिकायत पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया. कई साल बाद जब बेलांग्लो जंगल से शव मिलने की खबरें आईं, तब पॉल ने दोबारा पुलिस से संपर्क किया. उनकी गवाही इस पूरे मामले में सबसे अहम सबूत बनी और इसी के आधार पर इवान मिलाट को दोषी ठहराया गया.

जेल में हुई मौत, लेकिन कई सवाल रह गए
अदालत ने इवान मिलाट को सात हत्याओं के लिए लगातार सात आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके अलावा पॉल ऑनियन्स की हत्या की कोशिश, बंधक बनाने और लूट के मामलों में भी उसे दोषी ठहराया गया.2019 में 74 साल की उम्र में पेट और गले के कैंसर के कारण जेल में ही उसकी मौत हो गई. मरने से पहले भी उसने किसी अन्य हत्या की बात कबूल नहीं की और खुद को निर्दोष बताता रहा.

पूर्व जांच अधिकारियों का मानना है कि इवान मिलाट ऑस्ट्रेलिया का सबसे खतरनाक सीरियल किलर था और संभव है कि उसके कई अपराधों का सच हमेशा के लिए उसके साथ दफन हो गया.

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