Border villages in India: 15 अगस्त पर वाघा-अटारी नहीं, घूम आएं भारत के ये 5 सुंदर बॉर्डर गांव, ट्रिप बन जाएगी यादगार

15 अगस्त पर अगर आप कुछ अलग घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत के इन खूबसूरत बॉर्डर गांवों को एक्सप्लोर करें। माणा, चितकुल, किबिथू, नडाबेट और डावकी में आपको शानदार प्राकृतिक नजारे, स्थानीय संस्कृति, इतिहास और सीमा से जुड़े अनुभव मिलेंगे। स्वतंत्रता दिवस पर ये ट्रिप यादगार हो सकती है।

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बॉर्डर बेहद सुंदर गांव मौजूद हैं. (PHOTO:AI) बॉर्डर बेहद सुंदर गांव मौजूद हैं. (PHOTO:AI)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:49 AM IST

Border villages in India: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के जज्बे से भर देने वाला खास दिन है. पूरे परिवार के साथ लोग इस नेशनल हॉलिडे को सेलिब्रेट करते हैं, अगर इस दिन को आप सिर्फ पतंग उड़ाने में खराब नहीं करना चाहते हैं और दोस्तों या परिवार के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इस बार किसी आम हिल स्टेशन या शहर की जगह भारत के उन इलाकों का रुख कर सकते हैं, जहां देश की सीमाएं दिखाई देती हैं.

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वाघा-अटारी बॉर्डर के बारे में तो लगभग हर कोई जानता है, लेकिन भारत के कई ऐसे बॉर्डर गांव हैं, जो खूबसूरत नजारों, स्थानीय संस्कृति और देश की सुरक्षा से जुड़े इतिहास के लिए खास हैं. ऐसे में आप इस लॉन्ग वीकेंड इन गांवों का रूख कर सकते हैं, आइए जानते हैं ऐसे ही 5 बॉर्डर डेस्टिनेशन के बारे में.

माणा, उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माणा गांव समुद्र तल से करीब 3,200 मीटर की ऊंचाई पर बसा है. चीन सीमा के करीब बसे इस गांव में हिमालयी खूबसूरती के साथ पौराणिक महत्व भी देखने को मिलता है, यहां आप व्यास गुफा, गणेश गुफा, सरस्वती नदी और भीम पुल देख सकते हैं. 15 अगस्त पर यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और सीमावर्ती माहौल एक अलग एक्सपीरियंस दे सकता है.

चितकुल, हिमाचल प्रदेश

किन्नौर जिले का चितकुल भारत-तिब्बत सीमा के पुराने व्यापार मार्ग पर मौजूद बेहद हसीन गांव है. बर्फ से ढके पहाड़, बसपा नदी, सेब के बाग और पारंपरिक लकड़ी के घर इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं. अगर आप स्वतंत्रता दिवस पर शांत और प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो चितकुल आपके लिए बेस्ट रहने वाला है. हालांकि मॉनसून का ध्यान रखते हुए और लेटेस्ट अपडेट को पढ़कर ही हिमाचल जाने का प्लान करें.

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किबिथू, अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में स्थित किबिथू भारत के पूर्वी छोर के अहम गांवों में से एक है. जहां आपको पहाड़ों के साथ लोहित नदी की घाटी का शानदार नजारा दिखाई देता है. यह इलाका 1962 के भारत-चीन युद्ध के इतिहास से भी जुड़ा है, यहां की मिश्मी जनजातीय संस्कृति और खूबसूरत सनराइस इसे खास बनाते हैं.

नडाबेट, गुजरात

अगर आप 15 अगस्त पर देशभक्ति का माहौल महसूस करना चाहते हैं, तो नडाबेट जरूर जा सकते हैं. भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित यह जगह सीमा दर्शन पर्यटन के लिए पॉपुलर हो रही है. यहां बीएसएफ की परेड और रिट्रीट सेरेमनी देखने का मौका मिलता है. रेगिस्तानी लैंडस्केप और सीमा से जुड़ी जानकारी इसे परिवार के साथ घूमने के लिए खास बनाती है.

डावकी, मेघालय

मेघालय का डावकी भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित है और अपने बेहद साफ उमंगोट नदी के लिए मशहूर है. यहां नाव की सवारी के साथ बॉर्डर व्यू पॉइंट और आसपास के गांवों को भी देखा जा सकता है.

नोट: बॉर्डर क्षेत्रों में यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के नियमों का पालन करें. कुछ इलाकों में जाने के लिए परमिट या विशेष अनुमति की जरूरत हो सकती है.

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