Best places to visit in Bihar: अगर आप इतिहास, संस्कृति और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना पसंद करते हैं तो बिहार आपके लिए बेहतरीन ट्रैवल डेस्टिनेशन हो सकता है. यहां कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें हैं जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी खास पहचान रखती हैं. बौद्ध धर्म से जुड़े पवित्र स्थलों से लेकर प्राचीन विश्वविद्यालय और भव्य गुरुद्वारों तक, बिहार का हर कोना अपने गौरवशाली अतीत की कहानी सुनाता है. आइए जानते हैं बिहार की 5 ऐसी ऐतिहासिक जगहों के बारे में, जिन्हें हर ट्रैवल लवर को एक बार जरूर घूमना चाहिए.
महाबोधि मंदिर, बोधगया
महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है. मान्यता है कि यहीं भगवान बुद्ध को बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल यह मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. यहां आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक ध्यान और प्रार्थना के लिए पहुंचते हैं.
नालंदा महाविहार
नालंदा महाविहार दुनिया के सबसे प्राचीन आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है. इसकी स्थापना 5वीं शताब्दी में हुई थी. यहां कभी हजारों छात्र और विद्वान शिक्षा प्राप्त करते थे. आज यहां मठों, मंदिरों, पुस्तकालयों और प्राचीन इमारतों के अवशेष मौजूद हैं. यह भी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त कर चुका है.
बुद्ध स्मृति पार्क (पटना)
पटना जंक्शन के पास स्थित बुद्ध स्मृति पार्क भगवान बुद्ध की 2554वीं जयंती की याद में बनाया गया था. यहां बना पाटलिपुत्र करुणा स्तूप कई देशों से प्राप्त भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को संजोए हुए है. पार्क में मेडिटेशन सेंटर, बौद्ध संग्रहालय और बोधि वृक्ष भी मौजूद हैं. यह जगह शांति और आध्यात्मिक अनुभव के लिए काफी लोकप्रिय है.
तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब
पटना साहिब सिख धर्म के पांच तख्तों में से एक है. यही दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मस्थान भी है. सफेद संगमरमर से बना यह भव्य गुरुद्वारा अपनी सुनहरी गुंबद और खूबसूरत नक्काशी के लिए जाना जाता है. हर साल गुरु गोबिंद सिंह जयंती और बैसाखी के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
केसरिया स्तूप
पूर्वी चंपारण जिले में स्थित केसरिया स्तूप दुनिया के सबसे बड़े और ऊंचे बौद्ध स्तूपों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि यह स्तूप भगवान बुद्ध की अंतिम यात्रा की याद में बनवाया गया था. यहां हुई खुदाई में कई प्राचीन मूर्तियां, अवशेष और शिलालेख मिले हैं. इतिहास और बौद्ध संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह जगह बेहद खास है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क