सिक्योर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप Telegram के फाउंडर और सीईओ पावेल डूरोव (Pavel Durov) बड़ा ऐलान किया है. दावा किया है कि तमाम टेलीग्राम यूजर्स को फ्री वेबसाइट सर्विस दी जाएगी. यानी कोई भी टेलीग्राम यूजर अपनी वेबसाइट फ्री में चला सकेगा. पावेल डूरोव ने बताया है कि कंपनी ने .gram डोमेन के लिए आवेदन किया है. अगर यह आवेदन मंजूर होता है तो टेलीग्राम के यूजर्स को अपने नाम से अलग वेब एड्रेस मिल सकता है. मसलन, आपका टेलीग्राम यूजरनेम अगर @rahul है तो फ्यूचर में rahul.gram जैसा वेब एड्रेस बनाया जा सकता है.
यह बात पहली नजर में सिर्फ एक नए डोमेन की खबर लग सकती है. लेकिन इसके पीछे Telegram का एक बड़ा प्लान भी है. कंपनी के सीईओ के मुताबिक, .gram मिलने के बाद टेलीग्राम के करीब एक अरब यूजर्स अपने नाम से सेकेंड-लेवल डोमेन बना सकेंगे. यानी टेलीग्राम यूजरनेम और इंटरनेट पर आपकी पहचान के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी.
.gram होता क्या है?
जब आप किसी वेबसाइट का यूआरएल देखते हैं, जैसे aajtak.in या google.com तो आखिर में आने वाला .com या .in डोमेन का हिस्सा होता है. इसे टॉप-लेवल डोमेन कहा जाता है. इसी तरह .gram एक नया टॉप-लेवल डोमेन हो सकता है. लेकिन अभी यह टेलीग्राम को मिला नहीं है. कंपनी ने इसके लिए आवेदन किया है और इसे इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी जरूरी होगी. अगस्त 2026 में नए डोमेन को लेकर बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं और टेलीग्राम भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. अगर आवेदन मंजूर हो जाता है, तभी yourname.gram जैसे वेब एड्रेस इस्तेमाल करने की योजना आगे बढ़ सकती है.
टेलीग्राम यूजर्स को क्या मिलेगा?
पावेल डूरोव ने कहा है कि यूजर्स अपने .gram एड्रेस पर इंटरैक्टिव वेबसाइट बना सकेंगे. यानी किसी व्यक्ति या चैनल का टेलीग्राम यूजरनेम ही उसकी वेबसाइट का पता बन सकता है. मसलन, अगर किसी क्रिएटर का Telegram यूजरनेम @xyz है तो फ्यूचर में उसके लिए xyz.gram जैसा वेब एड्रेस हो सकता है. यहां वह अपना कंटेंट, जानकारी या दूसरी चीजें दिखा सकता है.
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एक प्रॉम्प्ट और फ्री वेबसाइट तैयार
ये तो आपको पता होगा कि अब AI से तुरंत वेबसाइट बना सकते हैं. सिंगल प्रॉम्प्ट में वेबसाइट तैयार हो जाती है, लेकिन इसे होस्ट करने के लिए पैसे देने होते हैं. डोमेन का सब्सक्रिप्शन होता है जिसके लिए भी पैसे लगते हैं. लेकिन टेलीग्राम की ये सर्विस फ्री होगी. यानी डोमेन खरीदने के लिए पैसे नहीं देने होंगे और AI से वेबसाइट तैयार हो जाएगी.
सबसे दिलचस्प दावा यह है कि ऐसी वेबसाइट बनाने के लिए सिर्फ एक प्रॉम्प्ट काफी हो सकता है. इसका मतलब है कि टेलीग्राम इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके वेबसाइट बनाने की प्रोसेस को बहुत आसान करना चाहता है. हालांकि यहां एक बात साफ रखना जरूरी है. अभी यह सर्विस शुरू नहीं हुई है. इसके लिए आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है.
टेलीग्राम पहले से वेबसाइट की तरफ बढ़ रहा है
गौरतलब है कि यह टेलीग्राम के लिए अचानक लिया गया फैसला नहीं है. कंपनी पिछले कुछ समय से अपने ऐप को सिर्फ चैटिंग प्लेटफॉर्म से आगे ले जाने की कोशिश कर रही है. टेलीग्राम ने अपना ब्राउजर और Mini App Store भी पेश किया है. उसके ब्राउजर में सामान्य वेबसाइटों के साथ TON पर बनी वेबसाइटों को देखने की सुविधा भी दी गई है.
टेलीग्राम में यूजरनेम को वेब एड्रेस की तरह इस्तेमाल करने की दिशा में भी कंपनी पहले से काम कर रही है. कंपनी के सीईओ ने पहले बताया था कि टेलीग्राम ने username.t.me जैसे सीधे वेब लिंक का सपोर्ट शुरू किया है. यानी यूजरनेम को सिर्फ ऐप के अंदर की पहचान नहीं, बल्कि इंटरनेट पर पहुंचने वाले पते की तरह इस्तेमाल करने की दिशा पहले ही शुरू हो चुकी है. अब .gram इसी सोच का अगला बड़ा कदम लग रहा है.
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अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है तो टेलीग्राम सिर्फ WhatsApp या Signal जैसा मैसेजिंग ऐप नहीं रहेगा.इसके अंदर चैट है. चैनल हैं. बॉट हैं. Mini Apps हैं. ब्राउजर है. अब अपनी वेबसाइट के लिए अलग डोमेन देने की योजना भी सामने आ गई है. इसके साथ टेलीग्राम AI को भी अपने प्लेटफॉर्म में तेजी से इंटीग्रेट कर रहा है. डूरोव ने हाल में टेलीग्राम में Rich Text Editor जैसी सुविधाओं का भी ऐलान किया है, जिसमें AI कंटेंट और दूसरे टूल शामिल हैं.
देखना दिलचस्प होगा कि क्या ICANN टेलीग्राम के .gram आवेदन को मंजूरी देगा. मंजूरी मिलने के बाद ही पता चलेगा कि डूरोव का यह आइडिया हिट हो सकता है और वेबसाइट फ्री पाने के लिए टेलीग्राम के यूजर्स में भी बढ़ोतरी हो सकती है. बता दें कि ICANN एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन है जो दुनिया भर के डोमेन को मैनेज करती है.
मुन्ज़िर अहमद