AI की दुनिया में हर कुछ समय में अलग ही देखने को मिल रहा है. कभी नए मॉडल्स की लड़ाई तो कभी AI से कोडिंग करवाने का कंपटीशन. अब सबसे बड़ी लड़ाई ऐसे AI टूल्स की है जो खुद कोड लिख सकें, ऐप बना सकें और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का बड़ा हिस्सा अपने आप कर सकें. इसी रेस में आगे निकलने के लिए गूगल अब एक छोटी AI स्टार्टअप पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है. बता दें कि ये स्टार्टअप पिछले साल यानी 2025 में ही बना था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक Google, अमेरिका की AI कोडिंग स्टार्टअप Mechanize के साथ 1.5 अरब डॉलर यानी करीब 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की डील पर बातचीत कर रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में 2 बिलियन डॉलर्स की भी बात है. दिलचस्प बात यह है कि इस स्टार्टअप में सिर्फ करीब 35 कर्मचारी हैं. इसके बावजूद गूगल इतनी बड़ी रकम खर्च करने को तैयार है.
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दरअसल यह कोई सीधा अधिग्रहण नहीं होगा. रिपोर्ट के मुताबिक गूगल स्टार्टअप की AI तकनीक का लाइसेंस लेना चाहता है और साथ ही उसके कई इंजीनियरों को गूगल DeepMind में शामिल करना चाहता है. यानी कंपनी के लिए सबसे बड़ी चीज उसका प्रोडक्ट नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले AI एक्सपर्ट्स हैं.
Mechanize की शुरुआत 2025 में हुई थी. कंपनी AI कोडिंग एजेंट पर काम करती है. इसका मकसद ऐसा AI तैयार करना है जो इंसानों की तरह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कई काम खुद कर सके. कंपनी के CEO तमय बेसिरोग्लू इससे पहले AI रिसर्च संस्था Epoch AI के को-फाउंडर रह चुके हैं. स्टार्टअप ने अब तक करीब 9.1 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है और पिछली फंडिंग के दौरान इसकी वैल्यू करीब 500 मिलियन डॉलर आंकी गई थी.
Google को इसकी जरूरत क्यों पड़ रही है?
पिछले एक साल में AI कोडिंग टूल्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. OpenAI का Codex, Anthropic का Claude, Cursor, Devin और दूसरे AI टूल्स अब डेवलपर्स के बीच तेजी से इस्तेमाल हो रहे हैं. गूगल का जेमेनाई भी कोडिंग करता है, लेकिन कई डेवलपर्स अभी भी दूसरे प्लेटफॉर्म को ज्यादा पसंद करते हैं. ऐसे में गूगल अपनी कोडिंग क्षमता को तेजी से बेहतर करना चाहता है.
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दरअसल गूगल पिछले कुछ महीनों से AI टैलेंट रेस में काफी आक्रामक नजर आ रहा है. कुछ ही समय पहले कंपनी ने विंडसर्फ के CEO वरुण मोहन और को फाउंडर डगलस चेन और कई रिसर्चर्स को अपने DeepMind डिविजन में शामिल किया था. उस डील में भी गूगल ने कंपनी को पूरी तरह नहीं खरीदा था, बल्कि उसकी तकनीक का लाइसेंस लिया और प्रमुख इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ लिया था.
सिर्फ तकनीक नहीं, टैलेंट भी खरीद रही हैं कंपनियां
AI इंडस्ट्री में अब सबसे बड़ी कमी कंप्यूटर या पैसा नहीं, बल्कि बेहतरीन AI इंजीनियरों की है. यही वजह है कि Meta, Google, OpenAI, Microsoft और एंथ्रॉपिक जैसी कंपनियां छोटे-छोटे स्टार्टअप्स से सीधे टैलेंट अपने साथ जोड़ रही हैं. कई बार कंपनी को पूरी तरह खरीदने की बजाय उसके इंजीनियरों को हायर करना ज्यादा आसान और तेज माना जा रहा है. इससे नियामकीय जांच की संभावना भी कम रहती है.
AI Coding Agent क्या होता है?
AI Coding Agent ऐसा सिस्टम होता है जो सिर्फ कोड का सजेशन नहीं देता, बल्कि पूरा प्रोजेक्ट समझकर अपने आप कोड लिख सकता है, बग ठीक कर सकता है, टेस्ट चला सकता है और कई मामलों में ऐप तैयार करने में भी मदद करता है. आने वाले समय में माना जा रहा है कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का बड़ा हिस्सा ऐसे AI एजेंट संभाल सकते हैं. यही वजह है कि दुनिया की लगभग हर बड़ी टेक कंपनी इस तकनीक पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है.
Google और Mechanize ने फिलहाल इस पोंटेशियल डील पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है. लेकिन अगर यह समझौता पूरा होता है, तो यह AI कोडिंग सेक्टर की सबसे बड़ी डील्स में से एक होगी.
मुन्ज़िर अहमद