आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट अब तक लोगों की मदद करने, सामान उठाने और मुश्किल काम आसान बनाने के लिए चर्चा में रहे हैं. लेकिन जर्मनी से सामने आया एक मामला दिखाता है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कितना गंभीर हो सकता है. यहां पुलिस ने एक रोबोट को जब्त किया है, जिस पर 16 साल की लड़की के साथ गलत तरीके से छूने और अश्लील हरकतें करने का आरोप है. पुलिस इस मामले में दो युवकों की भूमिका की जांच कर रही है.
हैरानी की बात ये है कि लोगों ने सोशल मीडिया पर ये मान लिया कि रोबोट ने खुद से ऐसा किया है. दरअसल अब तक ऐसा कोई रोबोट नहीं बना जो खुद से फैसले ले सके, यानी रोबोट्स में इंसानों की तरह दिमाग नहीं होता. ज्यादातर मार्केट में अवेलेबल ह्यूमनॉयड रोबोट्स को फीड किया जाता है. यानी उन्हें रिमोटली कंट्रोल किया जाता है.
पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जिनमे रोबोट्स किसी को गलत तरीके से टच करते दिखते हैं. हालांकि बाद में पता चला कि रोबोट्स में मैलफंक्शन हो गया था. यानी रोबोट्स में खराबी आ गई, इस वजह से वो आउट ऑफ कंट्रोल हो गया.
पुलिस ने क्या कहा?
यह घटना जर्मनी के कोलोन शहर में हुई. पुलिस के मुताबिक, रोबोट के 16 साल के मालिक और उसके 19 साल के साथी पर आरोप है कि उन्होंने घटना को रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर लाइव भी दिखाया. हालांकि, दोनों पर अभी आरोप तय नहीं हुए हैं और पुलिस जांच कर रही है कि रोबोट की हरकतें किसी ने रिमोट से कराई थीं या वे पहले से प्रोग्राम की गई थीं.
लड़की के पास पहुंचा रोबोट, फिर क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 10 अक्टूबर की देर रात एक फास्ट फूड रेस्तरां के बाहर हुई. 16 साल की लड़की अपनी दो सहेलियों के साथ वहां मौजूद थी. तभी करीब 1.2 मीटर लंबा लाल और सुनहरे रंग का रोबोट पीछे से उसके पास पहुंचा.
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आरोप है कि रोबोट ने लड़की को गलत तरीके से छुआ और उसके बाद ऐसी हरकतें कीं, जिन्हें पुलिस ने धक्का देने जैसी ऐक्टिविटी के रूप में बताया है. लड़की घबराकर वहां से हट गई. घटना के दौरान रोबोट के साथ मौजूद युवकों पर इसे रिकॉर्ड करने और सोशल मीडिया पर लाइव दिखाने का भी शक है.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कुछ ही समय बाद संदिग्धों को पास के इलाके में ढूंढ लिया. अधिकारियों ने रोबोट के साथ दोनों युवकों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं.
रोबोट को कपड़ पहनाया गया था
इस मामले में रोबोट की बनावट भी लोगों का ध्यान खींच रही है. पुलिस की ओर से जारी तस्वीर में रोबोट सफेद बनियान, काले कपड़े, चश्मा, नकली मूंछ और गले में सोने जैसी चेन पहने दिखाई देता है. इसकी लंबाई करीब 120 सेंटीमीटर बताई गई है.
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद रोबोट को एक कार की डिक्की में रखा गया था. अधिकारियों ने उसे वहीं से जब्त किया. साथ ही दोनों संदिग्धों के फोन भी अपने कब्जे में लिए, ताकि घटना की रिकॉर्डिंग और रोबोट के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी की जांच की जा सके.
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पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस समय रोबोट को कोई व्यक्ति चला रहा था या वह पहले से दिए गए कमांड्स के हिसाब से काम कर रहा था. अभी तक जांच में इस सवाल का अंतिम जवाब सामने नहीं आया है.
क्या रोबोट ने खुद की हरकत या किसी ने कंट्रोल किया?
इस मामले का सबसे अहम सवाल यही है. आज के रोबोट कई तरह के काम कर सकते हैं. कुछ रोबोट अपने आसपास की चीजों को पहचानकर खुद चलते हैं, जबकि कुछ को रिमोट या सॉफ्टवेयर के जरिए चलाया जाता है. कुछ मशीनों में पहले से तय ऐक्टिविटीज भी डाली जा सकती हैं.
इसलिए किसी रोबोट की गलत हरकत को सीधे उसकी अपनी मर्जी कहना सही नहीं होगा. यह जानना जरूरी है कि मशीन किस तरह काम कर रही थी और उसे किसने कमांड्स दिए थे. कोलोन पुलिस इसी पहलू की जांच कर रही है. बता दें कि रोबोट्स के पास अपना ब्रेन नहीं होता है.
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इस घटना से यह भी साफ होता है कि किसी मशीन में नई तकनीक होना अपने आप में उसे सुरक्षित नहीं बनाता. उसका इस्तेमाल कौन कर रहा है, उसे कैसे कंट्रोल किया जा रहा है और उसके आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है या नहीं, ये सवाल भी उतने ही जरूरी हैं.
डर इस बात का है कि अगर इस तरह के ह्यूमनॉयड रोबोट्स को लोग रिमोटली दूर से कंट्रोल करके गलत काम करवा सकते हैं. हालांकि इसमें जो गिरफ्तारी हुई है वो पास में ही लोगों की हुई है. यानी रोबोट्स को कंट्रोल किया जा रहा था.
पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को भी चेताया
घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर की जा रही कुछ टिप्पणियों पर चिंता जताई है. अधिकारियों ने चेताया कि पीड़ित का मजाक उड़ाना या घटना को मनोरंजन की तरह पेश करना उसकी परेशानी बढ़ा सकता है. कुछ मामलों में ऐसी ऑनलाइन ऐक्टिविटी कानूनी मुश्किल भी पैदा कर सकती हैं.
यह बात इसलिए अहम है क्योंकि सोशल मीडिया पर किसी घटना का वीडियो वायरल होते ही लोग अक्सर बिना पूरी जानकारी के अपनी राय देने लगते हैं. लेकिन किसी कथित अपराध में पीड़ित की पहचान और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है. वायरल वीडियो को बार-बार साझा करने के बजाय जांच से सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार करना चाहिए.
क्या रोबोट पर भी अपराध का मामला बन सकता है?
इस मामले में रोबोट को जब्त किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मशीन को इंसान की तरह गिरफ्तार करके आरोपी बनाया गया है. पुलिस की जांच का मकसद यह पता लगाना है कि कथित घटना कैसे हुई, रोबोट को किसने चलाया और इसमें शामिल लोगों की क्या भूमिका थी.
दोनों युवक फिलहाल जांच के घेरे में हैं. पुलिस ने अभी उनके खिलाफ आरोप तय होने या अदालत में दोष साबित होने की घोषणा नहीं की है. इसलिए मामले को रोबोट द्वारा अपराध साबित हो जाने के रूप में पेश करना गलत होगा.
यह घटना एक बड़े सवाल की ओर भी ध्यान खींचती है. जैसे-जैसे रोबोट सार्वजनिक जगहों पर लोगों के करीब काम करने लगेंगे, उनकी सुरक्षा, कंट्रोल और जिम्मेदारी तय करने के नियम भी अहम होते जाएंगे. अगर कोई व्यक्ति किसी मशीन का गलत इस्तेमाल करता है, तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि उसके पीछे किसका फैसला और कंट्रोल था.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क