क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सच में एक दिन इंसानों के हाथ से निकल सकता है? यह सवाल अब सिर्फ फिल्मों या साइंस फिक्शन तक सीमित नहीं रहा है. दुनिया के बड़े एआई एक्सपर्ट्स और टेक कंपनियों के CEO अब खुद इस खतरे को लेकर चर्चा कर रहे हैं.
यूनाइटेड नेशंस (UN) में हुई एक खास बैठक में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े एआई लीडर्स ने चेतावनी दी कि अगर AI को सही तरीके से कंट्रोल नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इसे इंसानों के काबू में रखना बड़ी चुनौती बन सकता है. आइए जानते हैं, क्या है पूरा मामला?
जानिए सैम ऑल्टमैन ने UN में AI को लेकर क्या कहा?
अमेरिका की एआई कंपनी OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन समेत दुनिया के बड़े AI एक्सपर्ट्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UN सिक्योरिटी कौंसिल में एआई के बढ़ते खतरे को लेकर अपनी बात रखी है. यह बैठक 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में हुई, जहां एआई और इंटरनेशनल सिक्योरिटी को लेकर चर्चा की गई.
सैम ऑल्टमैन ने इस दौरान कहा कि एआई को लेकर दुनिया के देशों के बीच मिलकर काम करना जरूरी है. उनका कहना था कि अगर AI को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाना है, तो इसके बड़े फैसले सिर्फ सैन फ्रांसिस्को की एआई कंपनियों में नहीं लिए जा सकते. इन फैसलों में सरकारों और लोगों की भी भूमिका होनी चाहिए.
चिंता सिर्फ एआई के गलत इस्तेमाल को लेकर नहीं है. एक्सपर्ट्स को डर है कि आने वाले समय में एआई सिस्टम खुद को बेहतर बनाने में कैपेबल हो सकते हैं. ऐसे में अगर AI की कैपेसिटी इंसानों की निगरानी से आगे निकल गई, तो उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में एआई के इंसानी कंट्रोल से बाहर जाने और इंटरनेशनल सिक्योरिटी पर इसके असर को लेकर खास चिंता जताई गई.
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Anthropic के CEO ने मानवता के खत्म होने की चिंता जताई
एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडी ने UN सिक्योरिटी कौंसिल में कहा कि अगर एआई को सही तरीके से मैनेज नहीं किया गया, तो यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि AI के गलत इस्तेमाल से बायोलॉजिकल हथियार बनाने जैसे खतरे सामने आ सकते हैं.
वहीं एआई एक्सपर्ट और Hugging Face के को-फाउंडर क्लेमेंट डेलांग ने AI के साइबर सिक्योरिटी वाले खतरे का एक्साम्प्ल भी दिया. उन्होंने बताया कि Hugging Face के इंफ्रास्ट्रक्चर पर OpenAI के AI एजेंट्स ने हमला किया था. बाद में AI का इस्तेमाल करके ही इस हमले से बचाव किया गया.
इस पूरी चर्चा में अमेरिका और चीन का रुख भी काफी अहम रहा. अमेरिका की तरफ से एआई पर क़िसी एक ग्लोबल रेगुलेटरी सिस्टम को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई, जबकि चीन ने एआई के लिए नियमों को लगातार बेहतर करने और देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई.
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यानी फिलहाल सवाल यह नहीं है कि एआई दुनिया को खत्म कर देगा या नहीं. असली सवाल यह है कि जैसे-जैसे AI ज्यादा ताकतवर होता जाएगा, इंसान उसके विकास और इस्तेमाल पर कितना कंट्रोल रख पाएगा. UN में हुई यह चर्चा इसी बढ़ती चिंता को दिखाती है.
प्रियांशु कुमार मिश्रा