सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) आज दुनिया के उन चुनिंदा उद्यमियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने टेक्नोलॉजी की दिशा और दशा बदलने में अहम भूमिका निभाई है. वे OpenAI के सीईओ के रूप में खासतौर पर जाने जाते हैं, जो ChatGPT जैसे क्रांतिकारी एआई टूल का निर्माता है.
सैमुअल हैरिस ऑल्टमैन का जन्म 22 अप्रैल 1985 को अमेरिका के शिकागो में हुआ. उनका बचपन सेंट लुइस, मिसूरी में बीता. बचपन से ही उन्हें कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में गहरी रुचि थी और सिर्फ 8 साल की उम्र में उन्होंने कोडिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन अपने स्टार्टअप पर फोकस करने के लिए पढ़ाई बीच में छोड़ दी.
2005 में, ऑल्टमैन ने अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ Loopt नामक लोकेशन-शेयरिंग ऐप शुरू किया. इस ऐप को शुरुआती निवेश Y Combinator से मिला. 2012 में इसे बेचने के बाद सैम Y Combinator से जुड़ गए और 2014 में इसके प्रेसिडेंट बने. उनके कार्यकाल में Y Combinator ने सैकड़ों स्टार्टअप्स को निवेश और मार्गदर्शन देकर वैश्विक पहचान दिलाई.
2015 में, सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क समेत कई टेक लीडर्स ने मिलकर OpenAI की नींव रखी. इसका उद्देश्य सुरक्षित, जिम्मेदार और मानवता के हित में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित करना था. उनके नेतृत्व में OpenAI ने ChatGPT, DALL·E, और Codex जैसे एआई टूल लॉन्च किए, जिन्होंने शिक्षा, बिजनेस, रिसर्च और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज में नई संभावनाओं के दरवाजे खोले.
सैम ऑल्टमैन मानते हैं कि एआई भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति होगी, लेकिन इसके साथ नैतिकता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है. वे एआई को ऐसी शक्ति मानते हैं जो मानव जीवन को बेहतर बना सकती है, बशर्ते इसे जिम्मेदारी से विकसित और उपयोग किया जाए.
सैम को उनकी उपलब्धियों के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं. Forbes और Time जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं ने उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मान में व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में स्टेट डिनर आयोजित किया. कार्यक्रम में दुनिया के कई अरबपति, बड़े कारोबारी और टेक जगत के दिग्गज शामिल हुए. सैम ऑल्टमैन, जेनसन ह्वांग, जेफ बेजोस, एलन मस्क और सुंदर पिचई समेत प्रमुख हस्तियां पहुंचीं. मेन्यू में येलो स्क्वैश सूप, तिल वाली सी बास और व्हाइट हाउस के शहद की आइसक्रीम परोसी गई.
AI तेजी से हमारी जिंदगी का हिस्सा बन रहा है, लेकिन इसके बढ़ते असर के साथ खतरे भी सामने आ रहे हैं. UN में दुनिया के बड़े AI लीडर्स ने इस टेक्नोलॉजी के इंसानों के कंट्रोल से बाहर जाने की चिंता जताई. OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन समेत एक्सपर्ट्स ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल और दुनिया के देशों के बीच सहयोग की जरूरत बताई.
ओपनएआई के एक एआई एजेंट ने ऑस्ट्रेलिया के मेडिकेयर स्टैटिस्टिक्स डेटाबेस में तय सीमा पार कर फाइलों तक पहुंच बनाई और लिखाई भी की. इस खुलासे के बाद सरकार ने जांच शुरू की, कंपनी के प्रोटोकॉल पर सवाल उठे और एआई सुरक्षा मानकों की बहस तेज हो गई.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में AI के बढ़ते खतरों और नियंत्रण की जरूरत पर चर्चा हुई. बड़ी AI कंपनियों के प्रमुखों ने इस दौरान इस पर कंट्रोल करने की अहमियत पर जोर दिया. एन्थ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई से लेकर OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन तक ने एआई के जोखिमों पर चिंता जताई.
सैम ऑल्टमैन इस समय दुनिया के सबसे पॉपुलर लोगों में से एक हैं. OpenAI के सीईओ हैं और ये कंपनी अगले साल IPO भी लाने वाली है. माना जा रहा है कि ट्रिलियन डॉलर तक जा सकती है ये कंपनी. ऑल्टमैन 19 साल की उम्र में Loopt नाम का ऐप बना रहे थे.,
OpenAI के Co-founder Greg Brockman पहली बार फोर्ब्स 400 में शामिल हुए हैं. उनकी अनुमानित दौलत 25.5 अरब डॉलर यानी करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये है. दिलचस्प बात ये है कि ओपनएआई सीईओ सैम ऑल्टमैन की दौलत इससे काफी कम है. आखिर ब्रॉकमैन ने ओपनएआई से इतनी बड़ी दौलत कैसे बनाई और कंपनी में उनकी कितनी हिस्सेदारी है? जानिए पूरी कहानी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मानवता को तबाह करने की आशंकाओं को बेबुनियाद डर बताया है. उन्होंने इसे 'गंदी साजिश' बताया जिसका खुलासा वो खुद करेंगे. ट्रंप का कहना है कि AI और डाटा सेंटर इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक इंजन बन सकते हैं और इन पर प्रतिबंध लगाने से सिर्फ चीन को फायदा होगा.
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि AI पर किसी तरह का कोई स्लोडाउन नहीं होगा. जो जीतेगा, वही जीतेगा. ऐसे कह कर उन्होंने चीन पर निशाना साधा है. माना जा रहा है कि चीनी AI मॉडल्स इतने पावरफुल हो रहे हैं कि अमेरिकी कंपनियां डर रही हैं.
OpenAI और Anthropic ये दो ऐसे नाम हैं जो पिछले कुछ सालों से सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इन्हीं कंपनियों ने दरअसल AI के तमाम पावरफुल मॉडल्स बनाए हैं. गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एलॉन मस्क की भी कंपनी इस रेस में हैं, लेकिन अब ऐसा क्या हो गया कि तमाम AI CEOs खुद ही सरकार से रेगुलेट होने के लिए कह रहे हैं? आइए समझते हैं.
AI की रेस में अमेरिका और चीन के बीच मुकाबला तेज है. ट्रंप जहां AI में अमेरिकी बढ़त को जरूरी मानते हैं, वहीं OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन ने साफ कहा है कि आगे निकलने की होड़ में सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने कंपनियों से AI मॉडल की बेहतर सुरक्षा जांच और स्वतंत्र जांच का समर्थन करने की बात कही है.
एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई ने AI की तेज रफ्तार को कंट्रोल करने की सलाह दी है. उन्होंने सुरक्षा जांच बढ़ाने, इंडिपेंडेंट इवैल्यूएटर्स की तैनाती और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की मांग की है. अमोडेई के इस प्रस्ताव पर सैम आल्टमैन और एलन मस्क ने भी सहमति जताई है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर इस वक्त दुनिया भर में कई तरह के डिबेट हैं. लेकिन फिलहाल सबसे हॉट टॉपिक ये है कि क्या AI इंसानों से ज्यादा महंगा पड़ रहा है? लाखों छंटनी AI के नाम पर की गई, लेकिन अब कंपनियां मुश्किल में दिख रही हैं. आइए जानते हैं कुछ महीनों में ऐसा क्या हुआ जिससे टेक सीईओ के सुर बदले से हैं.
2026 के मई तक दुनिया भर में 1 लाख 15 हजार से ज्यादा टेक कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है. 2025 से अभी तक दुनिया भर में एक डर फैलाया गया था कि AI आएगा… और लाखों लोगों की नौकरियां खा जाएगा. ऐसा हुआ भी. कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को बिना सोचे समझे निकालना शुरू कर दिया. लेकिन समय बदल चुका है.
ChatGPT मेकर OpenAI के सीईओ ने कहा है कि छंटनी को लेकर वो गलत साबित हुए हैं. उन्हें लगता था कि AI और भी जॉब्स खाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वो गलत साबित हुए हैं.
एलॉन मस्क ने सैम ऑल्टमैन और चैटजीपीटी के बीच एक विवाद चल रहा है, जो अब कोर्ट में जा चुका है. इस मामले में दूसरे दिन की सुनवाई में मस्क ने ओपनएआई पर गंभीर आरोप लगाए और बताया है कि कंपनी ने उनसे झूठ कहा. मस्क ने कहा कि अब मैं खुद को बेवकूफ महसूस करता हूं.
एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन अब कोर्ट में लड़ रहे हैं. दरअसल OpenAI के फाउंडर्स में से एक एलॉन मस्क भी हैं. अब वो आरोप लगा रहे हैं कि OpenAI जिस काम के लिए बना था वो नहीं कर रहा है.
चैटजीपीटी मेकर ओपनएआई के कर्मचारियों ने कंपनी के सीईओ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. सीईओ सैम ऑल्टमैन को लेकर बताया है कि वह मशीन लर्निंग और कोडिंग आदि को समझ नहीं पाते हैं. साथ ही वह कई बार टेक्नोलॉजी के बेसिक शब्दों को भी गलत बोलते हैं.
सैम ऑल्टमैन ने बताया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से काम करने के तरीके बदल रहा है और कोडिंग जैसी फील्ड में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं. एंथ्रोपिक के डेटा के अनुसार, कई करियर जैसे कंप्यूटर प्रोग्रामर, कस्टमर सर्विस, डाटा एंट्री, और फाइनेंशियल एनालिस्ट AI के कारण असुरक्षित हो सकते हैं.
अमेरिकी रक्षा विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंपनी Anthropic को एक लेटर भेजा और उनको राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सप्लाई चेन रिस्क बताया गया है. इसके बाद एंथ्रॉपिक सीईओ ने कोर्ट जाने का फैसला किया, जिसपर चैटजीटीपी मेकर OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि कोई भी प्राइवेट कंपनी सरकार से बड़ी नहीं हो सकती है.
अमेरिका डिफेंस डिपार्टमेंट के साथ OpenAI की पार्टनरशिप पर लोगों का गुस्सा फूटा, जिसके बाद लोगों ने चैटजीपीटी को अनइंस्टॉल करना शुरू किया. इसके बाद अनइंस्टॉल करने की ग्रोथ 300 परसेंट तक पहुंच गई. इसके बाद कंपनी को लोगों के सामने झुकना पड़ा और खुद कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन को इस पूरे मामले पर सफाई देनी पड़ी.
अमेरिका में ChatGPT ऐप के अनइंस्टॉल में एक ही दिन में करीब 295 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई. OpenAI के CEO Sam Altman ने बयान जारी कर यह साफ करने की कोशिश की कि उनकी कंपनी ने अमेरिकी रक्षा विभाग यानी Department of Defense के साथ जो समझौता किया है, उसका असली इरादा क्या है.