पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का शानदार इंटरनेशनल करियर अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है. स्टार फुटबॉलर रोनाल्डो की बहन कातिया एवेइरो ने दावा किया है कि 2026 फीफा वर्ल्ड कप उनके भाई का नेशनल टीम की जर्सी में आखिरी टूर्नामेंट होगा. उन्होंने इसे रोनाल्डो का 'लास्ट डांस' बताया है.
यह खुलासा ऐसे समय आया है जब 41 वर्षीय रोनाल्डो लगातार इतिहास रच रहे हैं. उन्होंने क्रोएशिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में गोल दागकर पुर्तगाल को 2-1 की रोमांचक जीत दिलाई और टीम को अगले दौर में पहुंचा दिया.
बहन ने कहा- अब कह दीजिए अलविदा
टोरंटो स्टेडियम के बाहर स्पोर्ट टीवी से बातचीत में कातिया एवेइरो ने कहा-मेरी जानकारी के मुताबिक अब लोग उन्हें अलविदा कह सकते हैं. आज नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि नेशनल टीम के साथ यह उनका विदाई सफर है. भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार यही उनका 'लास्ट डांस' है, यानी वर्ल्ड कप. हालांकि रोनाल्डो या पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन की ओर से अभी तक संन्यास को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
41 की उम्र में फिर बनाया इतिहास
क्रोएशिया के खिलाफ गुरुवार (3 जुलाई) को टोरंटो में खेले गए मुकाबले में रोनाल्डो ने दूसरे हाफ में पेनल्टी पर गोल किया. इसके साथ ही वह 41 साल 147 दिन की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबले में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए.
उन्होंने इस मामले में लियोनेल मेसी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. इतना ही नहीं, यह उनके करियर का पहला वर्ल्ड कप नॉकआउट गोल भी रहा, जबकि वह छह वर्ल्ड कप खेल चुके हैं.
अब वर्ल्ड कप इतिहास में उनसे ज्यादा उम्र में गोल करने वाले सिर्फ कैमरून के महान खिलाड़ी रोजर मिला हैं, जिन्होंने 1994 वर्ल्ड कप में 42 साल 39 दिन की उम्र में गोल किया था.
एक और रिकॉर्ड किया अपने नाम
मैच शुरू होने से पहले ही रोनाल्डो ने नया रिकॉर्ड बना दिया था. वह पुरुष फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में उतरने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने. इस मैच में क्रोएशिया के लुका मोड्रिक भी खेल रहे थे.
पहली बार ऐसा हुआ कि वर्ल्ड कप के किसी मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से 40 वर्ष से अधिक उम्र के आउटफील्ड खिलाड़ी मैदान पर उतरे. रोनाल्डो का यह 26वां वर्ल्ड कप मैच था. वह अब जर्मनी के लोथार मथाउस से सिर्फ एक मैच पीछे हैं, जबकि इस सूची में टॉप पर लियोनेल मेसी हैं.
आलोचना के बाद दमदार वापसी
टूर्नामेंट की शुरुआत रोनाल्डो के लिए अच्छी नहीं रही थी. डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ हुए मुकाबले में वह गोल तो दूर, एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सके थे. इसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई. लेकिन अनुभवी स्ट्राइकर ने जोरदार वापसी की. उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल दागे और फिर क्रोएशिया के खिलाफ निर्णायक गोल कर टीम को जीत दिलाई.
रोनाल्डो की बहन ने आलोचकों को भी दिया जवाब
रोनाल्डो की खराब शुरुआत के बाद पुर्तगाल टीम के भीतर मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं. कातिया एवेइरो ने इससे पहले ब्रूनो फर्नांडिस की आलोचना करने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट को लाइक किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गई थीं. हालांकि बाद में उन्होंने अपने भाई का खुलकर बचाव किया. कातिया ने कहा- जो लोग फुटबॉल को सही मायने में समझते हैं, वे रोनाल्डो को पसंद करते हैं. अगर कोई उन्हें पसंद नहीं करता तो नुकसान उसी का है. पिछले 20 से ज्यादा वर्षों से वह दुनिया में अपना जलवा दिखा रहे हैं.
आंकड़े जो रोनाल्डो को बनाते हैं महान
क्रिस्टियानो रोनाल्डो अब तक पुर्तगाल के लिए 232 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 146 गोल दाग चुके हैं. वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं. यदि कातिया एवेइरो का दावा सही साबित होता है, तो 2026 फीफा वर्ल्ड कप के बाद फुटबॉल इतिहास के सबसे महान इंटरनेशनल करियर में से एक का अंत हो जाएगा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क