भारत ने 13 सितंबर (रविवार) को विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन ट्रॉफी को लेकर कहानी फिर वहीं पहुंच गई, जहां पिछले साल पहुंची थी. विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड 8वीं बार खिताब अपने नाम किया. लेकिन इसके बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ऐसा वाकया हुआ, जिसने एक बार फिर मोहसिन नकवी और एशिया कप ट्रॉफी को चर्चा में ला दिया.
एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने के लिए मंच पर मौजूद थे, लेकिन भारतीय महिला टीम ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. इतना ही नहीं, भारतीय खिलाड़ी प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भी नहीं पहुंचीं. समारोह में श्रीलंका की टीम को रनर-अप पुरस्कार दिए गए, लेकिन भारतीय टीम को चैम्पियन ट्रॉफी और मेडल नहीं मिल सके.
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क्या ट्रॉफी देना सिर्फ ACC अध्यक्ष की जिम्मेदारी है?
यहीं पर एशिया कप का पुराना रिकॉर्ड बेहद अहम हो जाता है. इतिहास बताता है कि ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है कि हर बार ACC अध्यक्ष ही विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपे.
2022 में श्रीलंका की पुरुष टीम ने एशिया कप का खिताब जीता था. उस समय विजेता टीम को ट्रॉफी तत्कालीन श्रीलंका क्रिकेट (SLC) अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने प्रदान की थी.
इसके बाद 2024 के विमेंस एशिया कप में भी ऐसा ही देखने को मिला. श्रीलंका की महिला टीम चैम्पियन बनी और तब भी ट्रॉफी SLC अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने ही विजेता टीम को सौंपी थी. इन दोनों मौकों पर ACC के प्रेसिडेंट जय शाह थें. यानी पुराने रिकॉर्ड साफ बताते हैं कि एशिया कप की ट्रॉफी देने के लिए ACC अध्यक्ष का ही मंच पर होना अनिवार्य नहीं है.
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फिर 2025 और 2026 में क्यों बदला नजारा?
2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल में भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. उस समय सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. भारतीय टीम को तब भी ट्रॉफी नहीं मिली थी.
अब 2026 में महिला टीम ने भी वही रुख अपनाया है. यानी लगातार दूसरे साल भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों से एशिया कप की ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया.
BCCI ने लिया था फैसला
भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने साफ कहा कि यह फैसला भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) का था और टीम उसके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और टीम चैम्पियन है.
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ACC अध्यक्ष से ट्रॉफी लेना ही विवाद का कारण बन रहा है, तो क्या भविष्य में किसी दूसरे अधिकारी या संबंधित क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधि के हाथों ट्रॉफी सौंपने का रास्ता निकाला जा सकता है?
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क्योंकि 2022 और 2024 के रिकॉर्ड पहले ही यह साबित कर चुके हैं कि एशिया कप की ट्रॉफी सिर्फ ACC अध्यक्ष ही दें, ऐसा कोई पुराना पैटर्न या नियम नहीं रहा है.
टीम इंडिया ने मैदान पर अपना काम कर दिया है, श्रीलंका को हराकर एशिया का चैम्पियन बन गया. लेकिन ट्रॉफी प्रेजेंटेशन का विवाद एक बार फिर क्रिकेट से बाहर की कहानी को सुर्खियों में ले आया है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क