गॉल में भारत ने अपने 600वें टेस्ट मैच को शानदार जीत के साथ यादगार बना दिया. श्रीलंका को 165 रनों से हराकर भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की, लेकिन इस ऐतिहासिक मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी 24 साल के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रहे. अपने दूसरे ही टेस्ट में सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा दिया.
372 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम पांचवें और अंतिम दिन दूसरी पारी में 206 रनों पर ऑलआउट हो गई. भारत की जीत के नायक सुथार रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 6/55 का शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने टेस्ट करियर का दूसरा पांच विकेट हॉल पूरा किया. पहली पारी में उन्होंने 4 विकेट लिए थे. यानी पूरे मैच में उनके खाते में 10 विकेट आए.
दूसरे टेस्ट में ही 10 विकेट का कमाल
24 साल के सुथार ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. अपने करियर के महज दूसरे टेस्ट में ही उन्होंने 10 विकेट का मैच हॉल हासिल कर लिया. इसके साथ ही वह भारत के लिए अपने पहले दो टेस्ट में एक से ज्यादा पांच विकेट हॉल लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों की खास सूची में शामिल हो गए.
भारत के लिए पहले 2 टेस्ट में कितने 5 विकेट हॉल?
सुथार अब हिरवानी और अक्षर पटेल जैसे दिग्गजों के साथ इस खास सूची का हिस्सा हैं. हिरवानी और अक्षर ने अपने पहले दो टेस्ट में तीन-तीन बार 5 विकेट लिए थे, जबकि शिवरामकृष्णन, मोहम्मद निसार और सुथार के नाम 2-2 पांच विकेट हॉल हैं.
10 विकेट के मामले में भी खास रिकॉर्ड
सुथार ने अपने दूसरे टेस्ट में 10 विकेट लेकर एक और खास उपलब्धि हासिल की. भारत के लिए अपना पहला 10 विकेट का मैच हॉल हासिल करने के लिए उनसे कम मैच केवल नरेंद्र हिरवानी ने लिए थे.
भारत के लिए पहला 10 विकेट हॉल सबसे कम मैच खेलकर
(डेब्यू 16/136, वेस्टइंडीज के खिलाफ, चेन्नई, 1988)
हिरवानी ने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में डेब्यू करते हुए ही 16 विकेट चटका दिए थे. वहीं सुथार ने अपने दूसरे टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की है. इससे वह भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने टेस्ट करियर की शुरुआत में ही मैच में 10 विकेट लेने की क्षमता दिखाई.
सुथार ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को किया बेबस
गॉल की पिच पर जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, स्पिनरों की भूमिका बढ़ती गई. सुथार ने परिस्थितियों का शानदार फायदा उठाया. दूसरी पारी में उनके 6/55 ने श्रीलंका की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया.
372 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम 77.4 ओवरों में 206 रन पर सिमट गई. सुथार ने अकेले दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर भारत को जीत की मंजिल तक पहुंचाया.
पडिक्कल, राहुल और पंत ने रखी जीत की नींव
भारत की जीत की नींव बल्लेबाजों ने रखी थी. देवदत्त पडिक्कल (मैच में 211 रन), केएल राहुल ( मैच में 117 रन) और ऋषभ पंत (मैच में 105 रन) ने बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दिया और भारत को श्रीलंका के सामने 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में मदद की.
टॉस जीतना भी भारत के लिए फायदेमंद साबित हुआ. मैच आगे बढ़ने के साथ पिच पर स्पिन का प्रभाव बढ़ा और भारतीय गेंदबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया. सुथार ने इस मौके को अपने प्रदर्शन से पूरी तरह भुना लिया.
600 टेस्ट में भारत का सफर: हार से दबदबे तक
भारत का 600वां टेस्ट सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. यह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लंबे बदलाव की कहानी भी है. शुरुआती 100 टेस्ट में भारत को सिर्फ 10 जीत मिली थीं, जबकि 40 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था. उस दौरान भारत का जीत-हार अनुपात महज 0.25 था.
लेकिन 501 से 600वें टेस्ट के बीच तस्वीर पूरी तरह बदल गई. भारत ने इस अवधि में 57 मैच जीते और सिर्फ 31 हारे. जीत-हार का अनुपात बढ़कर 1.838 हो गया.
भारत के 600 टेस्ट का सफर
आंकड़े बताते हैं कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट ने छह दशक से ज्यादा के सफर में किस तरह खुद को बदला है. पहले 100 टेस्ट में जहां हार का पलड़ा भारी था, वहीं 501 से 600वें टेस्ट के बीच भारत ने जीत की संख्या को नई ऊंचाई तक पहुंचाया.
अब सीरीज जीत और WTC पर नजर
गॉल टेस्ट में 165 रनों की जीत के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. अब उसकी नजर अगले टेस्ट में सीरीज अपने नाम करने पर होगी. इसके साथ ही यह जीत भारत की वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की मुहिम के लिए भी अहम है.
भारत के 600वें टेस्ट ने एक तरफ उसके गौरवशाली सफर को याद किया, तो दूसरी तरफ मानव सुथार ने भविष्य की एक झलक भी दिखा दी. दूसरे ही टेस्ट में 10 विकेट और 2 पांच विकेट हॉल- सुथार ने भारतीय स्पिन के अगले सितारे के रूप में अपनी मजबूत दस्तक दे दी है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क