रांची में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया दूसरा टी20 मुकाबला गेंदबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. इस मैच में रनों की ऐसी आंधी चली कि दोनों पारियों को मिलाकर 500 से ज्यादा रन बन गए.
भारत द्वारा दिए गए 250 रनों के विशाल लक्ष्य को वेस्टइंडीज ने महज़ 18.3 ओवर में ही हासिल कर लिया. चौकों-छक्कों से भरे इस मैच के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौतम गंभीर ने क्रिकेट में गेंदबाजों की होती दुर्गति पर तीखा दर्द और गुस्सा जाहिर किया. वेस्टइंडीज की पारी में बल्लेबाजों ने कुल 20 छक्के और 21 चौके जड़कर 204 रन सिर्फ बाउंड्री से बना डाले.
गुस्से में तमतमाए गंभीर ने साफ शब्दों में कहा कि क्या आप बल्ले और गेंद के बीच एक अच्छा मुकाबला नहीं देखना चाहते? जो आप देखना चाहते हैं, वही हम भी देखना चाहते हैं. हम भी चाहते हैं कि दोनों के बीच एक बराबरी की टक्कर हो.
गौतम गंभीर ने गेंदबाजों का समर्थन करते हुए फ्लैट पिचों और अंधाधुंध रन बनने के ट्रेंड पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि गेंदबाजों की खिल्ली उड़ाई जा रही है और उनके करियर के साथ खिलवाड़ हो रहा है.
गंभीर ने आगे कहा कि ये गेंदबाज हमारे अपने गेंदबाज हैं, किसी और के नहीं. इनके करियर दांव पर लगे हैं, इस ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए इन्होंने बहुत मेहनत की है. अगर पिच पर बराबरी का मुकाबला होगा तो हमें क्रिकेट का एक बेहतर खेल देखने को मिलेगा."
मयंक यादव की गेंदबाजी पर क्या बोले कोच?
इस मैच में भारतीय गेंदबाजी की तरफ से तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से सबका ध्यान खींचा. मयंक ने 3 ओवर में 36 रन देकर 3 विकेट झटके और इस दौरान उनकी गेंद की रफ्तार लगातार 145 किमी प्रति घंटे से ऊपर रही, जबकि एक गेंद उन्होंने 149.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी फेंकी.
मयंक की तारीफ करते हुए गंभीर ने कहा कि वह एक तेज गेंदबाज है, उसे तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए. वह कोई धीमा गेंदबाज नहीं है. अगर आप 150 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं तो पूरी ताकत से फेंको. जब आप एक तेज गेंदबाज के रूप में खेल रहे हैं तो तेज गेंद फेंकना आपकी जिम्मेदारी है और आज मयंक ने वही किया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क