समुद्र में रहने वाले ऑक्टोपस की आमतौर पर 8 हाथ होते हैं. लेकिन स्पेन के इबीजा द्वीप के पास वैज्ञानिकों को एक ऐसा ऑक्टोपस मिला, जिसकी एक हाथ दो ब्रांचेस में बंट गई थी. वैज्ञानिकों ने कई महीनों तक इस ऑक्टोपस पर नजर रखी. इस दौरान उन्होंने देखा कि शुरुआत में वह इन हाथों का कम इस्तेमाल करता था, लेकिन धीरे-धीरे उनसे शिकार पकड़ने और आसपास की चीजों को छूकर देखने जैसे काम भी करने लगा. इस स्टडी से पता चला कि चोट लगने के बाद ऑक्टोपस हाथों का इस्तेमाल करने का तरीका बदल सकता है.
यह एक कॉमन नर ऑक्टोपस (Octopus vulgaris) था. वैज्ञानिकों ने इसके 24 वीडियो और करीब 6,000 तस्वीरों का अध्ययन किया. माना गया कि किसी शिकारी के हमले में इसकी पांच हाथों को चोट लगी थी. बाद में ज्यादातर हाथ सामान्य तरीके से बढ़ने लगीं, लेकिन सामने की दाईं हाथ दो हिस्सों में बंट गई. वैज्ञानिकों ने देखा कि समय के साथ ऑक्टोपस इन दोनों शाखाओं का इस्तेमाल अलग-अलग कामों में करने लगा.
यह भी पढ़ें: कहीं एक-दूसरे में मिल न जाएं अमेरिका और रूस! इतनी तेजी से हिल रहे धरती के प्लेट्स
शुरुआत में घायल हाथ का कम इस्तेमाल
स्टडी में देखा गया कि शुरुआत में ऑक्टोपस अपनी सबसे ज्यादा घायल हाथ का इस्तेमाल कम करता था. वह इसे अपने शरीर के नीचे मोड़कर रखता था या ऐसे काम करता था, जिनमें ज्यादा खतरा नहीं था. शिकार पकड़ने जैसे कामों के लिए वह दूसरी हाथों का ज्यादा इस्तेमाल करता था.
वैज्ञानिकों का मानना है कि चोट लगने के बाद ऑक्टोपस अपनी घायल हाथ को बचाने की कोशिश कर रहा हो सकता है. हालांकि, स्टडी से यह साबित नहीं हुआ कि उसे पहले लगी चोट याद थी या वह जानबूझकर उस हाथ का इस्तेमाल कम कर रहा था.
धीरे-धीरे करने लगा शिकार पकड़ने में इस्तेमाल
समय के साथ ऑक्टोपस की घायल हाथ की दोनों हाथ बढ़ने लगीं. इसके बाद वह इनका इस्तेमाल आसपास की चीजों को छूकर देखने और उनकी जांच करने में करने लगा. वह शिकार पर झपटने और उसे अपने हाथों से घेरने जैसे कामों में भी हाथों का इस्तेमाल करता था.
इससे पता चलता है कि ऑक्टोपस चोट लगने के बाद अपनी हाथों का इस्तेमाल करने का तरीका बदल सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों हाथ पूरी तरह सामान्य हाथों की तरह काम करने लगे थे. यह स्टडी सिर्फ एक ऑक्टोपस पर की गई थी, इसलिए इसके आधार पर सभी ऑक्टोपस के बारे में यही बात नहीं कही जा सकती.
यह भी पढ़ें: जंगलों में आग, हवा में जहर! इंडोनेशिया के धुएं से सिंगापुर में प्रदूषण का रिकॉर्ड
ऑक्टोपस की हाथ कैसे करती हैं काम?
ऑक्टोपस की हाथों में बहुत सारी तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं. ये कोशिकाएं उसे आसपास की चीजों को महसूस करने और उनके हिसाब से हरकत करने में मदद करती हैं. इसी वजह से उसके हाथ कई काम खुद भी कर सकते हैं. हर छोटी हरकत के लिए दिमाग से अलग निर्देश मिलने की जरूरत नहीं होती.
इसका मतलब यह नहीं है कि ऑक्टोपस के हर हाथ का अपना अलग दिमाग होता है. उसका दिमाग और हाथों में मौजूद तंत्रिका कोशिकाएं मिलकर काम करती हैं. इससे वह चीजों को पकड़ सकता है. उन्हें छूकर जांच सकता है. शिकार को हाथों से घेर सकता है.
यह भी पढ़ें: यूक्रेन के सुसाइड ड्रोन ने बीच हवा में मार गिराया रूसी हेलिकॉप्टर, Video
यह स्टडी दिखाती है कि चोट लगने के बाद ऑक्टोपस अपनी हाथों का इस्तेमाल बदल सकता है. इस मामले में एक हाथ दो हिस्सों में बंट गया था. ऑक्टोपस ने समय के साथ दोनों का इस्तेमाल अलग कामों में करना शुरू कर दिया.
इस बारे में और जानकारी जुटाने के लिए दूसरे ऑक्टोपस पर भी अध्ययन करने की जरूरत है. फिलहाल, यह मामला वैज्ञानिकों को समझने में मदद करता है कि चोट से उबरने के दौरान ऑक्टोपस अपने शरीर के बदले हुए हिस्सों का इस्तेमाल कैसे करता है.
आजतक साइंस डेस्क