यूक्रेन-रूस युद्ध में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यूक्रेनी सेना के एक यूनिट ने सस्ते ड्रोन की मदद से रूस के आधुनिक हेलिकॉप्टर को हवा में ही निशाना बना लिया. यह घटना खारकीव सीमा के पास हुई. इससे साफ होता है कि सस्ते और छोटे ड्रोन अब महंगे लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं.
यूक्रेन की 115वीं मैकेनाइज्ड ब्रिगेड की प्रिबुलत्सी एयर डिफेंस यूनिट ने यह कार्रवाई की. उन्होंने FPV इंटरसेप्टर ड्रोन का इस्तेमाल किया. FPV का मतलब है फर्स्ट पर्सन व्यू. इसमें पायलट ड्रोन के कैमरे से देखकर उसे नियंत्रित करता है. यह ड्रोन रूसी MI-28NM हेलिकॉप्टर पर टकराया.
घटना खारकीव सीमा के पास हुई. वीडियो में हेलिकॉप्टर ग्रामीण इलाके के ऊपर उड़ता दिख रहा है. ड्रोन उससे टकराता नजर आता है. ब्रिगेड का दावा है कि यह सीधा प्रहार था.
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MI-28NM हेलिकॉप्टर कितना खास है
MI-28NM रूस का एडवांस हमलावर हेलिकॉप्टर है. इसे जमीन और हवा दोनों के लक्ष्यों पर हमला करने के लिए अपग्रेड किया गया है. इसमें आधुनिक रडार, मिसाइल और बचाव सिस्टम लगे होते हैं. यह काफी महंगा और ताकतवर माना जाता है. ऐसे हेलिकॉप्टर को सामान्य हथियारों से मार गिराना मुश्किल होता है.
यूक्रेन ने सस्ते ड्रोन से इसे चुनौती दे दी. वीडियो से पूरा विनाश साबित करना मुश्किल है क्योंकि फुटेज सीमित है. फिर भी ब्रिगेड ने सफल प्रहार का दावा किया है. यह घटना युद्ध की नई हकीकत दिखाती है. यूक्रेन लंबे समय से सस्ते FPV ड्रोन बनाकर और इस्तेमाल करके रूसी महंगे हथियारों को नुकसान पहुंचा रहा है.
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एक छोटा ड्रोन हजारों डॉलर का होता है जबकि एक आधुनिक हेलिकॉप्टर करोड़ों का. अगर ड्रोन सफल हो जाए तो नुकसान बहुत बड़ा होता है. रूसी विमान और हेलिकॉप्टर अब कम ऊंचाई पर उड़ने में भी सतर्क रहते हैं क्योंकि ड्रोन कहीं से भी आ सकते हैं. यह तरीका युद्ध की लागत को बदल रहा है. बड़ी और महंगी मशीनें अब छोटे और सस्ते हथियारों से असुरक्षित महसूस कर रही हैं.
युद्ध पर क्या असर पड़ सकता है
ऐसे सफल हमले यूक्रेनी सेना का मनोबल बढ़ाते हैं. साथ ही रूसी पक्ष को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर करते हैं. हेलिकॉप्टर और विमानों को ज्यादा सुरक्षा घेरे में रखना पड़ता है. इससे उनकी हमला करने की क्षमता प्रभावित होती है. यूक्रेन लगातार ड्रोन तकनीक में सुधार कर रहा है. इंटरसेप्टर ड्रोन अब सिर्फ जमीनी लक्ष्यों तक सीमित नहीं रह गए बल्कि हवा के लक्ष्यों को भी भेद रहे हैं. यह रुझान आगे और बढ़ सकता है.
युद्ध अब सिर्फ बड़े हथियारों का खेल नहीं रह गया है. छोटी तकनीक बड़े बदलाव ला सकती है. यूक्रेन ने साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद नई सोच से प्रभावी जवाब दिया जा सकता है. हालांकि युद्ध की क्रूरता जारी है और दोनों तरफ नुकसान हो रहा है. यह घटना दिखाती है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो गई है. भविष्य में ऐसे और हमले देखने को मिल सकते हैं. यूक्रेनी ड्रोन ने एक बार फिर साबित किया कि सस्ता हथियार भी महंगे सिस्टम को चुनौती दे सकता है.
ऋचीक मिश्रा