कहीं बाढ़, कहीं सूखा... मॉनसून के आखिरी दौर में देश के 35% हिस्से में बारिश की भारी कमी

असम की बाढ़ से लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश में बारिश की कमी तक, इस मॉनसून में मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहा. IMD के जिला स्तर के आंकड़े इस अंतर को साफ दिखाते हैं.

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दिल्ली में बारिश के पानी से भरे हुए सड़क से गुजरती बस. (Photo: PTI) दिल्ली में बारिश के पानी से भरे हुए सड़क से गुजरती बस. (Photo: PTI)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब आखिरी दौर में है, लेकिन कई इलाकों में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जून से 24 अगस्त तक देश में 554.2 मिमी बारिश हुई है. इस दौरान सामान्य तौर पर जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उससे करीब 13% कम बारिश हुई.

IMD के आंकड़ों के अनुसार, देश के करीब 35% हिस्से में बारिश सामान्य से कम रही है. करीब 412 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है. ये जिले 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हैं. इनमें दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर, पूर्वी और उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाके शामिल हैं.

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वहीं, कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश भी हुई है. इसी वजह से इस मॉनसून में कहीं बाढ़ आई, तो कहीं लोग कम बारिश से परेशान रहे. IMD के मौसम वैज्ञानिक ओपी श्रीजीत ने बताया कि बारिश का बंटवारा खासकर जिलों के स्तर पर एक जैसा नहीं रहा.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा कमी?

1 जून से 24 अगस्त के बीच मेघालय में सामान्य से 58% कम बारिश हुई है. बिहार और मणिपुर में 42%, अरुणाचल प्रदेश में 40% और आंध्र प्रदेश में 39% कम बारिश हुई. गोवा और पंजाब में 33%, पुडुचेरी में 32%, असम में 24% और केरल में 23% कम बारिश हुई. राजस्थान और कर्नाटक में भी सामान्य से 22% कम बारिश दर्ज की गई. मिजोरम में बारिश 21% कम रही.

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गोवा, केरल और पंजाब में भी कम बारिश

गोवा में आम तौर पर बहुत ज्यादा बारिश होती है. 24 अगस्त तक यहां सामान्य बारिश 2,562 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार सिर्फ 1,713.2 मिमी बारिश हुई. यानी 33% कम बारिश हुई. केरल में इस अवधि में सामान्य बारिश 1,671.4 मिमी है, लेकिन इस बार 1,283.3 मिमी बारिश हुई. यहां 23% की कमी रही. पंजाब में 24 अगस्त तक सामान्य बारिश 338.2 मिमी होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 226.9 मिमी बारिश हुई. यानी यहां भी 33% कम बारिश हुई.

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असम में बाढ़, फिर भी 19 जिलों में कमी

असम में हाल ही में बड़ी बाढ़ आई थी. इसके बावजूद राज्य के 35 में से 19 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही. इसका मतलब है कि कुछ इलाकों में हुई बहुत तेज बारिश पूरे राज्य की बारिश की कमी को पूरा नहीं कर पाई. मेघालय में भी ऐसा ही अंतर देखने को मिला. राज्य में कुल बारिश सामान्य से 58% कम है. लेकिन दक्षिण-पश्चिम खासी हिल्स जिले में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई. बाकी 10 जिले बारिश की कमी या बहुत ज्यादा कमी वाली स्थिति में हैं.

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बिहार और आंध्र प्रदेश में भी बारिश कम

बिहार के 35 जिलों में सिर्फ खगड़िया, लखीसराय और सीवान में सामान्य बारिश हुई है. बाकी जिलों में बारिश कम रही. आंध्र प्रदेश के सभी जिलों में भी सामान्य से कम बारिश हुई है. इसमें यानम और रायलसीमा के इलाके भी शामिल हैं. इसके उलट ओडिशा में सभी 30 जिलों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश हुई है.

29 अगस्त तक कई जगह बारिश का अनुमान

IMD के मुताबिक, झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा. इसके असर से 29 अगस्त तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश जारी रह सकती है. इसके अलावा कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गोवा, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और गुजरात में भी महीने के अंत तक कई जगह भारी बारिश हो सकती है.

मॉनसून के अभी कुछ दिन बाकी हैं, इसलिए कुछ इलाकों में बारिश की कमी कम हो सकती है. लेकिन अब तक के आंकड़ों से साफ है कि इस साल बारिश हर जगह बराबर नहीं हुई. कुछ जिलों में बहुत ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई जिले सामान्य बारिश के लिए तरसते रहे.

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