फ्रांस में मौसमी तबाही का मंजर... 24 घंटे में गिरी 1.79 लाख से ज्यादा बिजली

फ्रांस में भयंकर मौसमी उथल-पुथल मची है. पिछले 24 घंटों में भूमध्य सागर के तट और अंदरूनी इलाकों में 1.79 लाख से ज्यादा बिजली गिरी है. ओलावृष्टि, तेज हवाएं, बवंडर और बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है.

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फ्रांस के नाइस शहर के ऊपर बे ऑफ एंजल्स में बने सुपरसेल बादलों में कड़कती बिजली. (Photo: AFP) फ्रांस के नाइस शहर के ऊपर बे ऑफ एंजल्स में बने सुपरसेल बादलों में कड़कती बिजली. (Photo: AFP)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST

फ्रांस के बड़े हिस्से में अचानक भीषण मौसमी उथल-पुथल शुरू हो गई है. भूमध्य सागर के तट से लेकर अंदरूनी क्षेत्रों तक पिछले 24 घंटों में 1.79 लाख से अधिक बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. यह आंकड़ा इतना ऊंचा है कि मौसम वैज्ञानिक इसे असामान्य और खतरनाक बता रहे हैं. 

आसमान में लगातार चमक और गर्जना के साथ तेज तूफान चल रहे हैं. लोग इसे देखकर हैरान हैं क्योंकि इतनी तेज और घनी बिजली की गतिविधि सामान्य दिनों में शायद ही देखने को मिलती है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म और नम हवाएं एक जगह फंस गई थीं. जब ये हवाएं ऊपर उठीं तो उनमें अचानक विस्फोट जैसा बदलाव आया. 

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इससे विशाल सुपरसेल बादल बन गए. सुपरसेल वो विशेष तरह के तूफानी बादल होते हैं जो लंबे समय तक सक्रिय रह सकते हैं और लगातार नए तूफान पैदा करते हैं. इन बादलों से कई क्षेत्रों में बवंडर भी पैदा हो गए हैं. बवंडर की वजह से तेज हवाएं चल रही हैं जो पेड़ उखाड़ सकती हैं और इमारतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. यह स्थिति वायुमंडलीय अस्थिरता के चरम पर पहुंचने का संकेत है.

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ओलावृष्टि, तेज हवाएं और बाढ़ का खतरा

इस तूफानी सिस्टम के साथ ओलावृष्टि भी हो रही है. बड़े-बड़े ओले फसलों और वाहनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. साथ ही तेज हवाएं और भारी बारिश से तुरंत बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. खासकर निचले इलाकों और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है. 

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बिजली की इतनी अधिक घनत्व वाली गतिविधि से आग लगने या बिजली के उपकरणों के खराब होने का भी जोखिम बढ़ जाता है. ये सभी स्थितियां एक साथ मिलकर फ्रांस के कई क्षेत्रों को आपात स्थिति में धकेल रही हैं. मौसम वैज्ञानिक इस विशाल तूफानी परिसर को जलवायु संकट से जोड़कर देख रहे हैं. 

गर्म होते वातावरण में गर्म और नम हवाएं आसानी से जमा हो जाती हैं और फिर अचानक विस्फोटक तूफान पैदा करती हैं. इस घटना ने पूरे यूरोप को सतर्क कर दिया है. पड़ोसी देशों में भी मौसम विभाग अलर्ट जारी कर रहे हैं क्योंकि ऐसे सिस्टम कभी-कभी सीमा पार फैल सकते हैं. 

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फ्रांस में बचाव दल सक्रिय हो चुके हैं और लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे खुले में न निकलें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और आधिकारिक अपडेट पर ध्यान दें. वर्तमान में वायुमंडलीय अस्थिरता चरम पर है इसलिए अगले कुछ घंटों में और तूफान आ सकते हैं. सुपरसेल सिस्टम अक्सर एक के बाद एक लहरों में सक्रिय रहते हैं. इससे बारिश का पानी जमा होकर बाढ़ का रूप ले सकता है. 

स्थानीय प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था और आपात सेवाओं को तैयार रखना होगा. आम नागरिकों को मौसम ऐप या रेडियो पर लगातार अपडेट लेते रहना चाहिए. यह घटना याद दिलाती है कि मौसम अब अधिक चरम और अनिश्चित हो गया है. समय रहते सावधानी बरतना ही सबसे अच्छा बचाव है.

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