उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में पहाड़ से पत्थर और मलबा सड़क पर गिर गया. इसके बाद इस रास्ते पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई. सड़क से मलबा हटाने का काम चल रहा है, ताकि रास्ते को जल्द खोला जा सके.
बारिश के मौसम में उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर पत्थर गिरने और मलबा आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. लगातार बारिश से पहाड़ की मिट्टी और पत्थरों की पकड़ कमजोर हो जाती है. इससे मलबा नीचे आकर सड़क पर गिर सकता है और रास्ता बंद हो सकता है. NH-07 चारधाम यात्रा के लिए भी एक जरूरी रास्ता है, इसलिए यहां यातायात रुकने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है.
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भल्लेगांव के पास क्या हुआ?
भल्लेगांव के पास पहाड़ से पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा. इससे सड़क का रास्ता बंद हो गया और वाहनों को आगे जाने से रोक दिया गया. मलबा हटाने के लिए मौके पर मशीनें लगाई गई हैं. टीम लगातार सड़क साफ करने का काम कर रही है.
फिलहाल रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हुआ है. यात्रियों को सड़क खुलने का इंतजार करना होगा. जब तक रास्ता साफ नहीं हो जाता, इस हिस्से से गुजरने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
बारिश में क्यों गिरता है मलबा?
पहाड़ों में जब लगातार बारिश होती है तो पानी मिट्टी और चट्टानों के अंदर चला जाता है. इससे जमीन कमजोर हो जाती है. पहाड़ की ढलान पर मौजूद मिट्टी और पत्थर नीचे खिसक सकते हैं और सड़क पर आ गिरते हैं. उत्तराखंड में मॉनसून के दौरान ऐसी घटनाएं कई पहाड़ी सड़कों पर होती हैं. खासकर उन जगहों पर खतरा ज्यादा रहता है, जहां सड़क के ठीक ऊपर पहाड़ की ढलान होती है.
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NH-07 क्यों जरूरी है?
NH-07 उत्तराखंड की अहम सड़कों में से एक है. यह हरिद्वार और ऋषिकेश से होते हुए देवप्रयाग, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग जैसे इलाकों को जोड़ता है. बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों के लिए भी इस रूट के कई हिस्से जरूरी हैं.
फिलहाल भल्लेगांव के पास मलबा हटाने का काम जारी है. सड़क साफ होने के बाद ही यहां गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो पाएगी. बारिश के दौरान यात्रियों को पहाड़ी रास्तों पर जाने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.
आजतक साइंस डेस्क