चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और दूसरे पदार्थों की तलाश करेंगे. मिशन को लॉन्ग मार्च-5 रॉकेट से हैनान के वेनचांग स्पेस लॉन्च साइट से भेजने की योजना है. Chang'e-7 चीन के चंद्र अभियान के चौथे चरण का हिस्सा है.
Chang'e-7 में कई यान शामिल हैं. इसमें एक ऑर्बिटर, लैंडर, रोवर और एक छोटा हॉपिंग प्रोब होगा. ये सभी मिलकर चांद के दक्षिणी ध्रुव की अलग-अलग जगहों की जांच करेंगे. खास बात यह है कि हॉपिंग प्रोब उन गड्ढों में जाने की कोशिश करेगा जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इन जगहों पर पानी बर्फ के रूप में मिल सकता है.
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चांद के साउथ पोल पर ही क्यों?
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कई गहरे गड्ढे हैं. इनमें से कुछ जगहों पर सूरज की रोशनी लगभग कभी नहीं पहुंचती. इसलिए वहां तापमान बहुत कम रहता है. ऐसी ठंडी जगहों पर पानी बर्फ के रूप में लंबे समय तक जमा रह सकता है.
चीन इसी वजह से इस इलाके में पानी की तलाश करना चाहता है. मिशन चांद की मिट्टी, सतह और वहां के वातावरण के बारे में भी जानकारी जुटाएगा. वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करेंगे कि चांद के इस हिस्से में पानी और दूसरे पदार्थ कहां और कितनी मात्रा में मौजूद हैं.
हॉपिंग प्रोब क्या करेगा?
Chang'e-7 का हॉपिंग प्रोब मिशन का खास हिस्सा है. यह पहियों वाले रोवर की तरह सिर्फ जमीन पर चलने के बजाय छोटे-छोटे उछाल के जरिए आगे बढ़ सकता है. इसकी मदद से उन जगहों की जांच करने की कोशिश होगी जहां सामान्य रोवर के लिए पहुंचना मुश्किल है.
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मिशन का रोवर चांद की सतह पर घूमकर वहां की मिट्टी और जमीन की जांच करेगा. लैंडर चांद की सतह पर उतरकर वैज्ञानिक उपकरणों से जांच करेगा. वहीं ऑर्बिटर चांद के चारों ओर घूमते हुए ऊपर से तस्वीरें और दूसरी जरूरी जानकारी जुटाएगा.
बर्फ इतनी जरूरी क्यों है?
चांद पर पानी मिलना भविष्य के मिशनों के लिए काफी अहम हो सकता है. पानी को पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा पानी से ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन बनाने की संभावना भी है. इसलिए चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ की तलाश कई देशों के लिए महत्वपूर्ण है.
Chang'e-7 से चीन को चांद के इस हिस्से के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकती है. यह जानकारी उसके आगे के चंद्र मिशनों में काम आएगी. चीन भविष्य में चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास इंटरनेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है.
24 अगस्त को लॉन्च की तैयारी
Chang'e-7 को लॉन्ग मार्च-5 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. यह चीन का भारी रॉकेट है, जिसका इस्तेमाल बड़े अंतरिक्ष मिशनों के लिए किया जाता है. रॉकेट और मिशन से जुड़े यान वेलचांग लॉन्च साइट पर पहुंच चुके हैं और लॉन्च से पहले की तैयारियां चल रही हैं.
अगर मिशन सफल रहता है तो वैज्ञानिकों को चांद के दक्षिणी ध्रुव, वहां की मिट्टी और पानी की बर्फ के बारे में नई जानकारी मिलेगी. फिलहाल 24 अगस्त को होने वाली प्रस्तावित लॉन्चिंग पर सबकी नजर है.
आजतक साइंस डेस्क