चीन के इनर मंगोलिया के अल्शा लीग में एक ऐसी झील है, जिसका पानी सालभर एक जैसा नहीं दिखता. दागेतु झील बदैन जारान रेगिस्तान में मौजूद है और इस इलाके की पांच खास प्राकृतिक जगहों में शामिल है. मौसम बदलने के साथ इसका पानी हल्के गुलाबी से गहरे लाल रंग तक दिखाई देता है. इसकी बड़ी वजह झील के पानी में मौजूद ज्यादा नमक, मिनरल्स और खास तरह के माइक्रोऑर्गेनिज्म यानी बहुत छोटे जीव हैं. Photo: Getty
दागेतु झील का पानी आम मीठे पानी की झीलों से काफी अलग है. इसमें नमक की मात्रा ज्यादा है और पानी की केमिस्ट्री भी अलग है. ऐसी जगह पर कुछ खास माइक्रोऑर्गेनिज्म आसानी से रह सकते हैं. जब इनकी संख्या बढ़ती है तो इनके बनाए पिगमेंट की वजह से पानी गुलाबी या लाल दिखाई देने लगता है. Photo: Getty
झील पर हुई वैज्ञानिक रिसर्च में मौसम के साथ पानी और उसमें मौजूद चीजों में होने वाले बदलावों को देखा गया है. रिसर्च के मुताबिक, गर्मियों में तापमान बढ़ने पर कुछ खास माइक्रोऑर्गेनिज्म तेजी से बढ़ते हैं. इनमें कुछ ऐसे जीव भी होते हैं, जो लाल या गुलाबी रंग वाले पिगमेंट बनाते हैं. इसी वजह से गर्मियों में झील का रंग ज्यादा लाल या गुलाबी नजर आ सकता है. Photo: Getty
गर्मियों में क्यों लाल दिखती है झील?... गर्मियों में झील का पानी गर्म होता है. इस दौरान नमक और दूसरे मिनरल्स के साथ कुछ माइक्रोऑर्गेनिज्म के लिए भी माहौल सही हो जाता है. इनकी संख्या बढ़ने पर पानी का रंग बदलने लगता है. इसका मतलब यह नहीं है कि झील में बाहर से कोई लाल रंग डाला जाता है. पानी के अंदर मौजूद छोटे जीव और उसमें मौजूद केमिकल्स मिलकर यह बदलाव करते हैं. इसलिए मौसम बदलने पर झील का रंग भी बदल सकता है. Photo: Getty
पानी कम होने पर बढ़ जाता है नमक... मौसम बदलने पर झील में पानी की मात्रा कम होने लगती है. पानी कम होने पर उसमें मौजूद नमक और दूसरे मिनरल्स ज्यादा दिखाई देने लगते हैं. वैज्ञानिक रिसर्च में सोडियम क्लोराइड यानी आम नमक के क्रिस्टल और हेमेटाइट नाम के मिनरल की मौजूदगी भी मिली है. हेमेटाइट का रंग लाल या लाल-भूरा होता है. झील के तल में जमा यह मिनरल भी पानी और झील की सतह के रंग पर असर डाल सकता है. इसके अलावा पानी की बदलती स्थिति और माइक्रोऑर्गेनिज्म की संख्या में बदलाव भी रंग को प्रभावित करते हैं. Photo: Getty
बदैन जारान रेगिस्तान में हैं कई झीलें... दागेतु झील जिस बदैन जारान रेगिस्तान में है, वहां सिर्फ रेत के बड़े टीले नहीं हैं. इन टीलों के बीच कई झीलें भी मौजूद हैं. यूनेस्को के मुताबिक, इस इलाके में करीब 144 इंटरड्यूनल लेक्स यानी रेत के टीलों के बीच बनी झीलें हैं. इनमें ज्यादातर झीलों का पानी खारा है. बदैन जारान रेगिस्तान नॉर्थवेस्टर्न चीन के अलाशान प्लेटो में स्थित है. यूनेस्को के मुताबिक, यह चीन का तीसरा सबसे बड़ा रेगिस्तान है. यहां रेत के कुछ बड़े टीलों की ऊंचाई करीब 460 मीटर तक है. Photo: Getty
2024 में यूनेस्को की लिस्ट में शामिल हुआ... बदैन जारान रेगिस्तान -टावर्स ऑफ सैंड एंड लेक्स को साल 2024 में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया. इस इलाके की खासियत यहां के ऊंचे रेत के टीले और उनके बीच मौजूद झीलें हैं. दागेतु झील भी इसी नेचुरल सिस्टम का हिस्सा है. इसका रंग बदलना किसी रहस्यमय घटना की वजह से नहीं होता. झील के पानी में नमक की मात्रा, मिनरल्स, तापमान, माइक्रोऑर्गेनिज्म और मौसम में होने वाले बदलाव मिलकर इसके रंग को प्रभावित करते हैं. इसी वजह से यह झील अलग-अलग समय में गुलाबी से लेकर गहरे लाल रंग तक दिखाई देती है. Photo: Getty