मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में सातउं स्थित शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. डबरा मंडी से धान लेकर आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक (पंजाब रजिस्ट्रेशन नंबर) नो-एंट्री जोन में घुसकर मंदिर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं पर चढ़ गया और प्रवेश द्वार की दीवार से जा टकराया. इस हृदयविदारक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि 28 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जारी है.
ग्वालियर के CSP रवि भदौरिया ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ट्रक ड्राइवर और वाहन मालिक को हिरासत में ले लिया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ट्रक डबरा मंडी से धान लेकर आ रहा था और ड्राइवर बाहरी थे. आशंका है कि उन्होंने गूगल मैप्स पर लोकेशन देखकर शॉर्टकट रास्ता चुन लिया, जिसकी वजह से वे प्रतिबंधित और संकरे रास्ते पर आ गए.
चिनोर रोड पर स्थित ढलान के पास पहुंचने पर अचानक ट्रक के ब्रेक फेल हो गए, जिससे ड्राइवर वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और यह अनहोनी हो गई. CSP ने साफ किया कि इस रास्ते पर अमूमन भारी वाहनों का प्रवेश नहीं होता है.
मृतकों की सूची
जिला प्रशासन ने इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 11 मृतकों की पहचान सार्वजनिक कर दी है, जबकि 4 अन्य शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है. मृतकों में अधिकतर युवा और नाबालिग शामिल हैं:
सतेंद्र सिंह गुर्जर (22 वर्ष) - पुत्र जगदीश सिंह, निवासी महलगांव
सरला तोमर (50 वर्ष) - पत्नी राजेन्द्र सिंह तोमर, निवासी हनुमान पहाड़ी, राजीव नगर
परिहार गौरव (18 वर्ष) - पुत्र कमलेश परिहार, निवासी बड़ागांव, खुरैरी
महेश शर्मा (45 वर्ष) - पुत्र मातादीन शर्मा, निवासी सहसराम गसवानी, श्योपुर
विमलेश (18 वर्ष) - पुत्र बबलू बघेल, निवासी महागावरा, सीहोर, शिवपुरी
देवेश बघेल (17 वर्ष) - पुत्र हरिसिंह बघेल, निवासी मावटा, भितरवार
प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16 वर्ष) - पुत्र संतोष जाटव, निवासी ठाठीपुर, गल्ला कोठार
शौर्य शर्मा (15 वर्ष) - पुत्र संजय शर्मा, निवासी सहसराम, श्योपुर
हेमंत राठौर - पुत्र बंटी राठौर, निवासी शिवनगर गदाईपुरा
दिव्यांश कुशवाह (17 वर्ष) - पुत्र अशोक कुशवाह, निवासी महेशपुरा, सिकंदर कम्पू
पवन राठौर (23 वर्ष) - पुत्र विद्याराम राठौर, निवासी गदाईपुरा, हजीरा
मुख्यमंत्री का कड़ा एक्शन: SP हटाए गए, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने त्वरित और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री ने ग्वालियर के सिटी पुलिस अधीक्षक (SP) को उनके पद से हटाने और तीन थाना प्रभारियों (SHO), एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल तथा तीन कांस्टेबलों सहित कुल आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया है.
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. गंभीर रूप से घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी. मामूली रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जयारोग्य अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह एक बेहद दुखद घटना है. अस्पताल में 31 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 13 को छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन 15 लोगों की जान चली गई है. इस बात की सख्त जांच होनी चाहिए कि यह ट्रक शहर के अंदर और नो-एंट्री जोन में कैसे पहुंचा; किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. मैंने मुख्यमंत्री से इस पर स्पष्ट चर्चा की है."
घटनास्थल पर कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार और तहसीलदार मनीष जैन सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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