भोपाल में होगा 2027 का 'सेना दिवस' समारोह... 15 जनवरी को दिखेगा दिल्ली जैसा नजारा, सेना प्रमुख की मौजूदगी में CM ने की घोषणा

Army day 2027: CM मोहन यादव ने ऐलान किया है कि साल 2027 का राष्ट्रीय 'सेना दिवस' समारोह राजधानी भोपाल में आयोजित किया जाएगा. यह पहली बार होगा जब झीलों की नगरी भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की गवाह बनेगी.

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भोपाल में जुटेंगे देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी.(Photo:ITG) भोपाल में जुटेंगे देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 23 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

मध्य प्रदेश के इतिहास में 15 जनवरी 2027 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ बैठक के बाद ऐलान किया कि 2027 का राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह भोपाल में आयोजित किया जाएगा. 

दरअसल, सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है. यह दिन 1949 में जनरल सर एफआरआर बुचर से सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के तौर पर केएम करिअप्पा के पदभार संभालने की याद में मनाया जाता है.

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एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, CM यादव ने कहा कि यह भव्य समारोह राज्य के नागरिकों को देश की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराएगा और युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा. 

यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना ने हर मौके पर अदम्य साहस, वीरता और शक्ति का प्रदर्शन किया है. राज्य के नागरिकों को सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और राज्य के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 15 जनवरी 2027 को भोपाल में एक विशेष परेड आयोजित की जाएगी."

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में इन सेना दिवस कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव 26 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों जैसा ही होगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार इन कार्यक्रमों के लिए सेना को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी.

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सीएम यादव ने कहा, "इस अवसर पर सेना 'शौर्य संध्या' का आयोजन करेगी. इसमें सेना के हथियारों, संसाधनों और उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, साथ ही सैन्य अभ्यासों का प्रदर्शन भी किया जाएगा. इस मौके पर रिटायर्ड सैनिकों को भी सम्मानित किया जाएगा. सभी गतिविधियां उसी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित की जाएंगी, जैसी 26 जनवरी को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान देखने को मिलती हैं."

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इन समारोहों में हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता को सैन्य परेड से जोड़ना है, साथ ही सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल और आपसी विश्वास को बढ़ावा देना भी है.

1 नवंबर से ही शुरू हो जाएगा उत्सव

15 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह से जुड़ी कुछ गतिविधियां 1 नवंबर से ही शुरू हो जाएंगी. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाता है.

मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर 'मेरी माटी' अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाई जाएगी. भोपाल स्थित 'शौर्य स्मारक' में एक 'संकल्प वृक्ष' लगाया जाएगा."

क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?

बता दें कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को विकेंद्रीकृत करने की पहल 2023 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के विजन को मबूत करना और भारतीय सेना में देशव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना था, साथ ही सेना और नागरिकों के बीच संबंधों को भी मजबूत करना था.

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उन्होंने बताया कि इसके तहत, आर्मी डे 2023 में बेंगलुरु, 2024 में लखनऊ, 2025 में पुणे और 2026 में जयपुर में आयोजित किया गया.

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