Constipation Relief Fruits: मौसम बदलने का असर सबसे पहले हमारी सेहत पर ही नजर आता है, मॉनसून जाते-जाते कब्ज जैसी समस्या होना काफी आम है. सुबह पेट ठीक से साफ नहीं होता है, कई लोगों को टॉयलेट में काफी देर तक बैठना पड़ता है, मल सख्त होता है या कई दिनों तक पेट भारी-भारी महसूस होता है. अगर सुबह पेट ठीक से साफ ना हो तो पेट में दर्द, सिरदर्द जैसी समस्या पूरे दिन इंसान को घेर लेती हैं. पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए सीधे दवाई खाना ठीक नहीं है, कई बार खराब डाइट और लाइफस्टाइल भी इसकी वजह हो सकते हैं.
कम फाइबर वाला खाना, कम पानी पीना और दिनभर बैठे रहने की आदत भी कब्ज की परेशानी को बढ़ा सकती है. ऐसे में खाने-पीने की आदतों में छोटे बदलाव मददगार हो सकते हैं. खासकर कुछ फल ऐसे हैं, जिनमें फाइबर, पानी और ऐसे प्राकृतिक कंपाउंड पाए जाते हैं जो आंतों की नॉर्मल एक्टिविटी को सपोर्ट कर सकते हैं.
ऐसे में अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ साल्हाब ने सोशल मीडिया अपना एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कब्ज की समस्या में मदद करने वाले 11 फलों के बारे में बताया है, जिन्हें पेट की समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. इनमें से कुछ फल भारतीय घरों में आसानी से मिल जाते हैं, जबकि कुछ फल बाजार में आमतौर पर बड़े स्टोर या सुपरमार्केट में मिलते हैं.
चेरी
चेरी में फाइबर के साथ सोर्बिटोल पाया जाता है. यह एक तरह का शुगर अल्कोहल है, जो इंटेस्टाइन में पानी खींचने में मदद कर सकता है.
आड़ू
आड़ू में फाइबर और पानी पाया जाता है. इसमें भी सोर्बिटोल मौजूद होता है. इसलिए इसे डाइट में शामिल करने से फाइबर का सेवन बढ़ाने और नियमित पेट साफ होने में मदद मिल सकती है.
सेब भारतीय घरों में आसानी से मिलने वाला फल है. इसमें फाइबर और पेक्टिन पाया जाता है. अगर इसे अच्छी तरह धोकर छिलके समेत खाया जाए तो डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ सकती है. कब्ज की समस्या में सेब एक आसान ऑप्शन माना जा सकता है.
आलूबुखारा
आलूबुखारे में फाइबर और सोर्बिटोल पाया जाता है. ये दोनों मल को नरम करने और इंटेस्टाइन को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं. मौसम में मिलने वाले ताजे आलूबुखारे को स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है.
सूखा आलूबुखारा यानी प्रून्स
प्रून्स यानी सूखा आलूबुखारा कब्ज के लिए सही माना जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर और सोर्बिटोल दोनों पाए जाते हैं. हालांकि इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की परेशानी हो सकती है, इसलिए सीमित मात्रा से शुरुआत करना बेहतर है.
नाशपाती
नाशपाती में पानी और फाइबर दोनों पाए जाते हैं. इसमें सोर्बिटोल भी मौजूद होता है. यह फल पेट को लंबे समय तक भरा रखने के साथ फाइबर का सेवन बढ़ाने में मदद कर सकता है.
तरबूज
तरबूज में पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. इसमें मैनिटोल नाम का शुगर अल्कोहल भी पाया जाता है, जो कुछ लोगों में पेट साफ करने में मदद करता है. गर्म मौसम में यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में भी मदद करता है.
रास्पबेरी
रास्पबेरी फाइबर से भरपूर फलों में शामिल है, इसलिए यह भी पेट से जुड़ी समस्या के लिए अच्छा माना जाता है. फाइबर हमारी बॉडी में इंटेस्टाइन की एक्टिविटी को सपोर्ट करता है, इसे सीधे खाया जा सकता है या दही और ओट्स के साथ लिया जा सकता है.
ड्रैगन फ्रूट
ड्रैगन फ्रूट में फाइबर पाया जाता है और इसलिए पेट से जुड़ी समस्या से जूझ रहे लग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. फाइबर डाइजेस्टिव सिस्टम को नियमित रखने में मदद कर सकता है, इसे काटकर सीधे खाने के अलावा फ्रूट बाउल में भी शामिल किया जा सकता है.
इमली
इमली भारतीय खानपान का हिस्सा है और इसका इस्तेमाल चटनी, सांभर और कई दूसरी चीजों में किया जाता है. डॉ. साल्हाब ने इसे भी कब्ज में मदद करने वाले फलों की लिस्ट में रखा है. इसमें फाइबर और कुछ प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं.
कीवी
भारत में अब कीवी अब काफी पॉपुलर फ्रूट बन चुकी है और कब्ज से जुड़ी दिक्कत में यह काम भी आता है. कीवी में फाइबर के साथ-साथ कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और इसलिए इसे डाइट में शुमार करने से पेट साफ होने में हेल्प मिल सकती है.
Disclaimer: यह आर्टिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ साल्हाब की सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी पर आधारित है. aajtak.in ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है. यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है और डॉक्टर की सलाह का ऑप्शन नहीं है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क