राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की शादी पिछले काफी समय से सुर्खियों में है. मुंबई में धूमधाम से हुई इस हाई प्रोफाइल शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. दुल्हन से लेकर आने वाले मेहमानों तक ने एक से बढ़कर एक आउटफिट्स पहने थे, लेकिन सुप्रिया सुले की पैठणी साड़ी ने सभी को पीछे छोड़ दिया.
ये बात कोई भी झुठला नहीं सकता है कि हर मां के लिए बेटी की शादी का दिन बहुत ही खास और भावुक कर देने वाला होता है. ऐसे में हर मां अपनी बेटी की शादी को हर तरह से खास बनाना चाहती है. ऐसा ही कुछ सुप्रिया सुले ने भी किया. सुप्रिया ने अपनी लाडली बेटी रेवती की शादी को यादगार बनाने के लिए कोई नई या डिजाइनर साड़ी पहनना नहीं चुना, बल्कि 35 साल पुरानी साड़ी पहनी. जहां सभी नए-नए स्टाइल के डिजाइन आउटफिट्स में सजे थे, वहीं सुप्रिया ने पुरानी साड़ी पहनकर सबका दिल जीत लिया. ये साड़ी सुप्रिया सुले के लिए बहुत खास है क्योंकि इसी पैठनी साड़ी में वो खुद दुल्हन बनी थीं. इस फैसले के पीछे की वजह जानकर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.
35 साल पहले की दुल्हन, आज बनीं दुल्हन की मां
सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर बेटी रेवती और दामाद सारंग की शादी से अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने 4 मार्च 1991 को अपनी शादी में यही पैठणी साड़ी पहनी थी. करीब 35 साल बाद, 20 जून 2026 को बेटी की शादी में उन्होंने वही साड़ी दोबारा पहनी. इस पोस्ट में सुप्रिया ने अपनी शादी की तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वो दुल्हन बनी नजर आ रही हैं.
तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने इस साड़ी को फिर से ओढ़ा तो ऐसा लगा जैसे उनकी अपनी शादी की यादें फिर से ताजा हो गई हों और अब वही खुशी अगली पीढ़ी के साथ जुड़ गई हो.
यादों का पिटारा है ये साड़ी
सुप्रिया सुले ने अपने पोस्ट कैप्शन में बताया कि ये पैठणी छत्रपति संभाजीनगर के मशहूर बुनकर बशीर जी ने खास तौर पर उनकी शादी के लिए अपने हाथों से तैयार की थी. उनके मुताबिक, इस साड़ी में केवल रेशम के धागे नहीं, बल्कि प्यार, यादें, भारतीय संस्कृति और कारीगरों की वर्षों की मेहनत भी बुनी हुई है. उन्होंने कहा कि कुछ विरासतें समय के साथ और भी खूबसूरत हो जाती हैं और उनका मूल्य पैसों से नहीं चुकाया जा सकता.
कारीगरों को दिया सम्मान
अपने पोस्ट में सुप्रिया सुले ने भारतीय बुनकरों और पैठणी कला की भी खुलकर तारीफ की. उन्होंने लिखा कि उनकी जिंदगी के इस खास मौके को और खूबसूरत बनाने वाले सभी प्रतिभाशाली कारीगरों पर उन्हें गर्व है. उन्होंने खास रूप से उस बुनकर का आभार जताया, जिसने ये पैठणी 35 साल पहले तैयार की थी.
तस्वीरों ने जीता लोगों का दिल
शेयर की गई तस्वीरों में एक तरफ सुप्रिया सुले अपनी बेटी और परिवार के साथ उसी हरे रंग की लाल बॉर्डर वाली पैठणी में नजर आ रही हैं, जबकि दूसरी तस्वीर उनकी 1991 की शादी की ब्लैक एंड वाइट फोटो है. शादी में सुप्रिया ने हरे रंग की साड़ी पहनी थी, जिस पर लाल रंग का चौड़ा बॉर्डर था. बॉर्डर को बारीक कढ़ाई से सजाया गया है. उन्होंने अपने लुक को कंप्लीट करने के लिए गले में सोने का एक लंबा और एक गोल हार पहना था. हेयर स्टाइल की बात करें तो सुप्रिया ने अपने लुक को महाराष्ट्रियन टच देने के लिए जूड़ा बनाया और उसे गजरे से सजाया.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क