अभी तक शुरू नहीं हुआ सिलक्यारा टनल का काम, भूस्खलन से ढह गया था निर्माणाधीन सुरंग का हिस्सा

भूस्खलन के बाद सिलक्यारा टनल का निर्माण काम बंद कर दिया गया था. सुरंग का निर्माणा काम शुरू होने को लेकर कई जानकारी सामने आ रही हैं, जिसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. निदेशक एनएचआईडिसियल अंशु मनीष खल्खों के मीडिया को दिए गए बयान में कहा कि सिलक्यारा सिरे पर जांच के बाद ही काम शुरू होगा.

Advertisement
अभी तक शुरू नहीं हुआ सिलक्यरा टनल का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ सिलक्यरा टनल का काम

ओंकार बहुगुणा

  • देहरादून,
  • 22 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST

41 श्रमिकों के सिलक्यारा सुरंग से निकाले जाने के बाद से निर्माण कार्य बंद है. सुरंग के फिर निर्माण काम कब शुरू होगा इसको लेकर अब कई तरह की बातें सामने आने लगी हैं. निदेशक एनएचआईडिसियल अंशु मनीष खल्खों के मीडिया को दिए गए बयान से असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

निदेशक ने किया काम शुरू होने का दावा

उन्होंने कहा कि सुरंग के सिलक्यारा सिरे पर जांच के बाद ही काम शुरू होगा, लेकिन बड़कोट सिरे पर कंपनी में काम शुरू कर दिया है. 

Advertisement

सुरंग के निर्माण काम को लेकर मौजूदा हालात को जानने के लिए आज तक की टीम सुरंग के उस मुहाने पर पंहुची, जहां से काम शुरू होने की बात सामने आई थी.

'भूस्खलन के कारण की जांच कर रही है टीम'

मौजूदा हालात के मुताबिक, अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है, जिसकी पुष्टि कार्यदाई संस्था के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एम के शर्मा ने की है.  एम शर्मा ने आजतक से बातचीत में बताया कि अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है. सिर्फ डी वाटरिंग की जा रही है जो कि प्रक्रिया का एक हिस्सा है और सुरक्षा की दृष्टि से ये किया ही जाता है. अभी तक बड़कोट पोल गांव से सिलक्यरा तक कुल 1700 मीटर तक सुरंग बनाई जा चुकी है. सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन के कारणों की जांच के लिए आठ सदस्यी जांच टीम 3-4 दिन पहले आई थी.

Advertisement

इस टीम ने सुरंग में सुरक्षा सपोर्टिंग सिस्टम को देखा रॉक बोल्टिंग के रॉक पुलआउट की जांच की और कंक्रीट की थिकनेस भी जांची गई थी, लेकिन सिलक्यारा सुरंग में निर्माण कार्य कब पटरी पर लौटेगा, इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है. लेकिन इतना तय है कि  सुरंग का निर्माण शुरू करने से पहले कैविटी का उपचार कार्य किया जाना है. इसके लिए खास योग्यता रखने वाली निर्माण एजेंसी का तय मानकों पर चयन होगा. 

सूत्रों के अनुसार, जो 41 श्रमिक सुरंग में फंसे थे. उनसे से भी जांच टीम 11 नवंबर की रात से लेकर 12 नवंबर की सुबह तक के घटनाक्रम को जानेगी. इसके लिए अगले 20 दिन के अंतराल में उन श्रमिकों को एनएचआइडीसीएल दिल्ली बुला सकता है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि जांच करीब 20 दिन में पूरी होनी तय है और जांच पूरी होते ही कैविटी की समस्या को दूर करने के बाद सुरंग निर्माण की अनुमति मिल जाएगी. 

'दोनों ओर बंद है सुरंग का निर्माण कार्य'

वहीं, चारधाम आलवेदर रोड परियोजना की निर्माणाधीन 4.531 किमी लंबी सिलक्यारा सुरंग में 12 नवंबर की सुबह सिलक्यारा की ओर कैविटी खुलने के कारण भारी भूस्खलन हुआ था. इससे सुरंग का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और 41 श्रमिक 17 दिन अंदर फंसे रहे. 12 नंवबर से लेकर अब तक सुरंग का निर्माण कार्य बड़कोट और सिलक्यारा, दोनों तरफ से पूरी तरह से बंद है. सुरंग में करीब 480 मीटर के करीब खुदाई होनी शेष है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »